यूपी-असम के बाद जेएनयू छात्र के ख़िलाफ़ दिल्ली, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में केस दर्ज

जेएनयू से पीएचडी कर रहे छात्र शरजील इमाम पर नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है. बिहार के जहांनाबाद स्थित घर पर पुलिस ने मारा छापा.

नई दिल्ली/इम्फाल/जहांनाबाद: असम और उत्तर प्रदेश के बाद नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के आरोपी जेएनयू से पीएचडी कर रहे छात्र शरजील इमाम के खिलाफ अब नई दिल्ली, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में भी पुलिस ने केस दर्ज किया है.

मणिपुर पुलिस ने कहा कि इमाम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 121 ए (भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश), 124 ए (राजद्रोह), 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र) और 153 के तहत मामला दर्ज किया गया है. धारा 153 अशांति लाने की मंशा से विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच शत्रुता पैदा करने से संबंधित है.

यह सभी मामले 16 जनवरी को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में दिए गए उसके भाषण के लिए दर्ज किए गए हैं.

मणिपुर के मुख्यमंत्री के सलाहकार रजत सेठी ने ट्वीट किया, ‘शरजील इमाम के आपत्तिजनक वीडियो का संज्ञान लेते हुए, जिसमें वह पूर्वोत्तर को देश से अलग करने की धमकी दे रहा है, मणिपुर पुलिस ने धारा 121/121-ए/124-ए/120-बी/153 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.’

मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने उनके ट्वीट को शेयर किया.

शरजील के कथित भड़काऊ भाषण सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उसके खिलाफ राजद्रोह के आरोप लगाए गए हैं. इन वीडियो में शरजील इमाम को सीएए के मद्देनजर असम में विरोध प्रदर्शनों को तेज करते हुए सड़क जाम करने को कहते हुए सुना जा सकता है, ताकि सरकार उनकी बात को सुनने के लिए मजबूर हो.

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इससे पहले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) परिसर में दिए गए भाषण को लेकर इसी आरोप में अलीगढ़ के थाने में शरजील के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. इसके अलावा असम और नई दिल्ली में शरजील के खिलाफ सख्त आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए के तहत एक मामला दर्ज किया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली पुलिस के डीसीपी (अपराध) राजेश देव ने कहा, ‘ऐसा देखा गया कि बिहार का रहने वाला और नई दिल्ली के जेएनयू से छात्र शरजील इमाम ने एनआसी और सीएए के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिया है.’

उन्होंने बताया, ‘इससे पहले उसने बीते साल 13 दिसंबर को नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया में भी ऐसा ही भाषण दिया था, इसके बाद उसने सरकार के खिलाफ एक और भड़काऊ भाषण भाषण दिया, जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ है.’

उन्होंने बताया कि आईपीसी की धारा 124 (सरकार के खिलाफ भाषण या लेखन), 153 ए (धार्मिक शत्रुता को बढ़ावा देना) और 505 (सार्वजनिक उपद्रव भड़काने वाला बयान) के तहत शरजील इमाम के खिलाफ एसआईटी क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया है.

वहीं अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने ने शरजील इमाम के भाषण से जुड़े कथित वीडियो को ट्वीट करके कहा है, ‘भारत के बाकी हिस्सों से असम और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों को अलगाव के लिए उसकाना, सांप्रदायिक विद्वेष पैदा करना, भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करना, बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ईटानगर क्राइम ब्रांच ने आईपीसी की धारा 124 (ए), 153 (ए) और 153 (बी) के तहत केस दर्ज किया है.’

असम पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने कहा, ‘शरजील इमाम के खिलाफ गुवाहाटी अपराध शाखा पुलिस थाने में एक प्राथमिकी गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून और भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए, 153 बी और 124 ए के तहत दर्ज की गई है.’

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उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार पुलिस मिलकर शरजील की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है. अलीगढ़ के एसएसपी आकाश कुलहरि बताया, ‘दो टीमों को शरजील इमाम की गिरफ्तारी के लिए भेजा गया है. हम दिल्ली और बिहार पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.’

जेएनयू छात्र शरजील इमाम के बिहार स्थित घर पर छापेमारी

भड़काऊ भाषण देने के आरोपी शरजील इमाम के बिहार के जहांनाबाद स्थित पैतृक घर पर की पुलिस ने छापेमारी की. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी.

जहांनाबाद के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनीष कुमार के मुताबिक, काको थानाक्षेत्र में पड़ने वाले इमाम के घर पर रविवार की रात छापे मारे गए. उन्होंने बताया कि जेएनयू शोधार्थी के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसियों की तरफ से मदद मांगे जाने के बाद यह कार्रवाई की गई.

एसपी ने बताया कि इमाम अपने घर पर नहीं मिला लेकिन पूछताछ के लिए उसके दो रिश्तेदारों और उनके चालकों को हिरासत में लिया गया और बाद में छोड़ दिया गया.

आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस में स्नातक, शरजील इमाम जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर हिस्टोरिकल स्टडीज से शोध करने के लिए दिल्ली आए थे. शरजील के दिवंगत पिता अकबर इमाम स्थानीय जदयू नेता थे, जिन्होंने अपने जीवनकाल में विधानसभा चुनाव भी लड़ा था पर हार गए थे .

घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए शरजील की मां अफशान रहीम ने मीडिया से कहा, ‘मेरा बेटा निर्दोष है. उसने एनआरसी को लेकर परेशानी को देखते हुए चक्काजाम की बात कही होगी जिससे शायद सरकार पर असर पड़े. वह नौजवान है, कोई चोर या पॉकेटमार नहीं. मैं खुदा की कसम खा कर कहती हूं कि मुझे नहीं पता कि वह कहां है.’

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उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन मैं गारंटी देती हूं कि मामलों की जानकारी होने पर वह जांच एजेंसियों के सामने पेश होगा और जांच में पूरी तरह सहयोग करेगा.’

उन्होंने कहा कि लंबे समय से वह अपने बेटे से नहीं मिली हैं लेकिन कुछ हफ्ते पहले उनकी फोन पर बातचीत हुई थी.

रहीम ने कहा, ‘वह सीएए और देश में एनआरसी लागू होने के भय से परेशान था. उसने कहा था कि इससे मुस्लिम ही नहीं बल्कि सभी गरीब लोग परेशान होंगे.’

उन्होंने कहा कि असल में शाहीन बाग प्रदर्शन के करीब 15 दिन बाद उसने प्रदर्शनकारियों से वहां से हट जाने को कहा था और एक महीने तक स्थिति देखने तथा फिर भविष्य के कदम पर फैसला लेने को कहा था.

रहीम ने कहा, ‘लेकिन वे लोग पीछे हटने को तैयार नहीं हुए. वह ‘चक्काजाम’ का आह्वान कर रहा था. वह बच्चा है और लोगों को अलगाव के लिए उकसाने की उसमें सामर्थ्य नहीं है.’

बीबीसी के मुताबिक शरजील के चाचा अरशद ने कहा, ‘उसने अपनी बात रखी है. इस लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का हक़ है. लेकिन मीडिया ने इसे बीजेपी वालों के कहने पर इस तरह से दिखा दिया कि हमारा लड़का देशद्रोही बन गया. जो लोग उसे देशद्रोही कह रहे हैं उन्हें उसका पूरा भाषण सुनना चाहिए. वह तो आंदोलन की रणनीति पर बात कर रहा था.’

अरशद ने बताया कि उनका परिवार डरा हुआ है. उन्होंने कहा, ‘शरजील की मां और भाई को कई डराने और धमकाने वाले फोन कॉल आए हैं. इसकी सूचना हमने पुलिस को भी दी है. लेकिन पुलिस उल्टे हमीं को डरा-धमका रही है. हालात ऐसे बन गए हैं कि हम सड़क पर निकल रहे हैं तो लोग सरेआम ताने कस रहे हैं. इस देश में किसी को अपनी बात कहने का हक़ भी नहीं है क्या?’

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

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