केजरीवाल ने इन लोगों को शपथ ग्रहण में बुलाया, BJP और कांग्रेस ने बवाल काट दिया!

दिल्ली का रामलीला मैदान. अरविंद केजरीवाल यहां 16 फरवरी को सीएम पद की शपथ लेने जा रहे हैं. शपथ ग्रहण समारोह में सरकारी स्कूल के टीचर्स को बुलाए जाने पर कांग्रेस और बीजेपी ने केजरीवाल को घेर लिया है. बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता ने इसे ‘तुग़लकी फरमान’ बताया है. बीजेपी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक फायदे के लिए सरकारी कर्मचारियों को बुलाना सरकारी मशीनरी का ग़लत इस्तेमाल है. इस पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने कहा है कि टीचर ख़ुद शपथ ग्रहण में आना चाहते हैं.

15 फरवरी को AAP नेता मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य समेत तमाम क्षेत्रों के लोगों को शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया गया है. उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के 50 लोग स्टेज पर होंगे. सिसोदिया ने कहा, ”ये लोग ‘दिल्ली के निर्माता’ हैं और इनके साथ मिलकर अगले पांच साल दिल्ली को आगे बढ़ाएंगे. स्टेज पर स्कूल के शिक्षकों, प्रिंसिपल, चपरासी और छात्र भी होंगे. ये एक ‘ओपन इनविटेशन’ है.”

शिक्षकों को बुलाए जाने के विवाद पर सिसोदिया ने बीजेपी-कांग्रेस को घेरते हुए कहा,

ये लोग (बीजेपी-कांग्रेस) शिक्षकों की इज्जत करना नहीं जानते. आज देश में पहला ऐसा चुनाव हुआ है, जहां लोगों ने शिक्षकों के काम की तारीफ की है. बहुत सारे शिक्षक खुद बहुत उत्साह के साथ आना चाहते हैं. मेरे पास उनके मैसेज हैं. आम आदमी पार्टी शिक्षक का सम्मान करती है इसलिए उन्हें ससम्मान आमंत्रित किया गया है.

बीजेपी ने कहा- टीचरों को बाध्य किया जा रहा है

मामले में बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता ने ट्वीट कर कहा था कि डायरेक्टरेट ऑफ एजुकेशन की तरफ से सरकारी शिक्षकों को सर्कुलर जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि इस आदेश से 15000 शिक्षकों को समारोह में भाग लेने के लिए बाध्य किया जा रहा है.

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केजरीवाल को पत्र लिखा

विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि उन्होंने मामले में अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है. उन्होंने पत्र ट्वीट करते हुए कहा,

मैंने अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर शिक्षकों और अफसरों को जारी किया गया तुग़लकी फरमान वापस लेने को कहा है. ये राजनीतिक फायदे के लिए सरकारी मशीनरी का ग़लत इस्तेमाल है. अपनी राजनीतिक महात्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए शिक्षा को बीच में नहीं लाया जा सकता.

विजेंद्र गुप्ता ने कहा, ”भाजपा ‘आप’ के तानाशाही रवैए का विरोध करती रहेगी. शिक्षकों का अपमान करना बंद कर दीजिए. शिक्षकों का काम है बच्चों के भविष्य को संवारना, उन्हें उनका काम करने दीजिए. शपथ ग्रहण में जबरन बुलाने से शिक्षकों का कैसा सम्मान करेंगे आप?”

कांग्रेस ने लगाया सत्ता के दुरुपयोग का आरोप

कांग्रेस नेता मुकेश शर्मा ने ट्ववीट कर कहा, ‘शपथ ग्रहण समारोह का नया मॉडल! अरविंद केजरीवाल की सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को पहुंचने का सरकारी फरमान जारी किया गया है. मतलब साफ है सत्ता का दुरुपयोग करके भीड़ इकट्ठी की जा रही है. महामहिम उपराज्यपाल तुरंत इस पर संज्ञान लें. यह जांच का विषय है.’

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केजरीवाल के साथ 6 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे

अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण को लेकर नोटिफिकेशन जारी हो चुका है. शपथ ग्रहण समारोह में अरविंद केजरीवाल के साथ 6 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केजरीवाल की पुरानी कैबिनेट के ही मंत्री शपथ ले सकते हैं.

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