Basti के सभी BJP विधायकों के खिलाफ लोकनिर्माण विभाग के ठेकेदारों का भ्रष्टाचार के बड़े आरोप

यूपी के योगी सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त शासन के दावों और सीएम योगी की मंशा पर कोई नहीं बल्कि खुद योगी के विधायक ही लपीता लगा रहे हैं। यूपी के योगी सरकार के विधायकों द्वारा सरकार की किरकिरी कराए जाने का नया मामला बस्ती मंडल से सामने आया है। जहां बस्ती जिले के 5 और संत कबीर नगर जिले के एक विधायक पर प्रांतीय लोक निर्माण विभाग में जमकर लूटपाट मचाने एवं भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप लगा है।

दर्जनभर से ज्यादा ठेकेदारों ने इन माननीयों पर भ्रष्टाचार का आरोप मढ़ते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र भेजकर आवश्यक कार्यवाही की मांग की है। शिकायत में माननीय विधायकों द्वारा भ्रष्टाचार के संबंध में शिकायतकर्ताओं ने जो शिकायत शासन को भेजी है उसके मुताबिक बस्ती जनपद के सभी विधायकों जिनमें हरैया विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी विधायक अजयसिंह, कप्तानगंज विधायक चंद्र प्रकाश शुक्ला, बस्ती सदर विधायक दयाराम चौधरी, महादेवा विधायक रवि सोनकर, रुधौली विधायक संजय प्रताप जायसवाल समेत संत कबीर नगर जिले के मेहदावल बीजेपी विधायक राकेश सिंह बघेल पर अपने चहेतों को 15% कमीशन लेकर अधिकारियों के ऊपर दबाव डालकर विभाग में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की शिकायत की गई है।

Major allegations of corruption of PWD contractors against all MLAs of Basti - Basti Khabar

शिकायतकर्ताओं ने सभी विधायकों सहित रुधौली विधायक संजय प्रताप जायसवाल और मेहदावल विधायक राकेश सिंह बघेल के ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शासन को शिकायत किया है कि रुधौली विधायक ने अपने खास तेज प्रताप सिंह एवं मनोज सिंह तथा महेंद्र सिंह द्वारा तथा जनपद संत कबीर नगर के राकेश सिंह बघेल के रिश्तेदार फूल बदन सिंह जो पीडब्ल्यूडी संत कबीर नगर में कार्यरत हैं के द्वारा अपने क्षेत्रों में ठेकेदारों से 15% कमीशन लेकर निविदा होने दिया जाता हैं| और यदि उनके हिसाब से निविदा नहीं हो पाता है तो अधिकारी पर दबाव बनाकर निविदा रद करवाते हैं, जिसका उदाहरण बस्ती सदर के पॉलिटेक्निक चौराहे से रोड का है जो दो बार कैंसिल करवा कर विधायक दयाराम चौधरी के आदमी केसराम का हो गया। जिसके बारे में बताया जाता है कि उसके पास ना कोई मशीनरी है और ना ही कोई कागज मानक के अनुरूप है।

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आरोप है कि विधायक के लोग जान से मारने की धमकी व उनके लेटर पैड का इस्तेमाल कर जांच करवाने, उनको जेल में डालने और उनकी फर्म को काली सूची में डालने की धमकी देते हैं। वो कहते हैं कि विधायक हम हैं हमारी मर्जी के खिलाफ निविदा डालोगे तो उसको भुगतना पड़ेगा। इस मामले की ख़बर फैलते ही लोगों में चर्चाएं शुरू हो गईं कि वर्तमान सरकार समाजवादी पार्टी से भी भ्रष्ट निकल रही है| ऐसे में प्रदेश के मुख्यमंत्री की छवि भी खराब हो रही है।

शासन को भेजी गई शिकायत में शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि निविदादाता के द्वारा जो बैलेंस शीट प्रस्तुत की जाती है उस बैलेंस शीट का इनकम टैक्स से वेरिफिकेशन करवाया जाए। और साथ में आईटीआर का वेरिफिकेशन भी करवाया जाए जिससे यह पता चल सके कि उस निविदादाता का प्रमाण पत्र उतना है कि नहीं, क्योंकि अक्सर देखा गया है कि लोग फर्जी आइटीआर लगा देते हैं। इसके अलावा हैसियत प्रमाण पत्र की जांच जिलाधिकारी कार्यालय से कराये जाने की मांग की गयी है। साथ ही चरित्र प्रमाण पत्र एफडीआर सेक्शन थ्री सहित बाकी वही पेपर देखे जाए जो एसबीडी या टीटू में लिखित रूप से है और उनका ही पालन कराया जाए। कोई भी पेपर अपनी मनमानी या दूषित मानसिकता से ना मांगा जाए।

ठेकेदारों की मांग है कि निविदा से पहले हम सभी ठेकेदारों को सार्वजनिक तौर पर सूचित किया जाए साथ में उनका यह भी कहना है कि 15 जनवरी 2020 से होने वाले सभी निविदाओं को भयमुक्त तथा पारदर्शी पूर्ण कराएं जाए अन्यथा पूरे मंडल के ठेकेदार मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन देकर पीडब्ल्यूडी के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे। आज तक बस्ती में बहुत फर्जी टेंडर हो चुके हैं। जांच के नाम पर कुछ नहीं होता है। विधायक और अधिकारी पैसे लेकर फर्जी काम में जुटे हैं। योगी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ नारा देते घूम रही है। और इनके विधायक और अधिकारी मनमानी तौर पर कार्य कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में जनपद बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर में होने वाले छोटे – बड़े टेंडरों को जो 15 जनवरी 2020 से होने हैं उनको पूरे पारदर्शिता से संपन्न कराने की बात कही गयी है। क्योंकि उनका मानना है कि ये सारे विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में ठेकेदारों से 15% कमीशन वसूल चुके हैं।

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शिकायत करने वालों में उदय सिंह, अवधेश सिंह, महेंद्र पांडे, पुनीत चौधरी, अशोक पांडे, अमरनाथ यादव, संजय चौधरी ने इसकी उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है।

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