बस्ती में कम उम्र के कोरोना संक्रमित की हुयी मौत, यूपी में कोरोना संक्रमण से ये पहली मौत

 बस्ती में कम उम्र के कोरोना संक्रमित की हुयी मौत, यूपी में कोरोना संक्रमण से ये पहली मौत

बस्ती में कम उम्र के कोरोना संक्रमित की हुयी मौत, यूपी में कोरोना संक्रमण से ये पहली मौत – Basti Khabar

यूपी में कोरोना से पहली मौत, राज्य में संक्रमित मरीजों की संख्या 103 पहुंची

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस से एक युवक की मौत हो गई। बस्ती जिले के रहने वाले युवक का गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। बस्ती के 25 वर्षीय युवक ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया है। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से आज ही इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके साथ ही लखनऊ तथा मेरठ में भर्ती दो लोगों की हालत भी गंभीर बनी है।

जिस युवक की मौत हुई है वह युवक बस्ती जिले के तुरकहिया मोहल्ले का रहने वाला था। उसकी उम्र 25 साल थी और वह परचून की दुकान चलाता था। पिछले तीन-चार महीनों से उसकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं पाई गई है, लेकिन आम तौर पर वह बीमार रह रहा था।युवक का गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अपना इलाज करवा रहा था। बीआरडी मेडिकल कॉलेज की लैब ने पहले ही इसमें कोरोना की पुष्टि कर दी थी। युवक की सोमवार को ही मौत हो गई थी, लेकिन बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने नमूना दोबारा जांच करने के लिए केजीएमयू में भेजा था। आज केजीएमयू में दुबारा जांच के बाद युवक में फिर से करोना की पुष्टि हुई।

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस संक्रमण का यह संदिग्ध बीते रविवार को भर्ती कराया गया था। जांच के लिए इसका सैंपल मंगलवार को भेजा गया था। आज ही केजीएमयू ने अपनी रिपोर्ट में पॉजिटिव बताया था।

बस्ती का युवक रविवार को मेडिकल कॉलेज में सांस फूलने की शिकायत लेकर भर्ती हुआ था। पहले मेडिसिन वार्ड में भर्ती किया गया। इसके बाद में तबीयत बिगडऩे पर उसे ट्रामा सेंटर के आइसीयू में लाया गया। वहां सोमवार को उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने संदेह के आधार पर कोरोना संक्रमण की जांच के लिए उसकी लार का नमूना लेकर लैब में भेज दिया।

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यहां जांच रिपोर्ट संदिग्ध आई थी। उसे पुन: जांच कराने के लिए किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) भेजा गया था। वहां हु़ई जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाने से मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मचा हुआ है। मरीज की देखरेख में दो डॉक्टर, दो स्टाफ नर्स व दो वार्ड ब्वाय लगे थे। उन्हें तत्काल आइसोलेट करा दिया गया है। बिना व्यक्तिगत सुरक्षा किट के मरीज की लार का नमूना लेने वाले दो लैब टेक्नीशियनों को भी हास्टल में आइसोलेट करा दिया गया है।

बस्ती के युवक की बाबा राघव दास मेडिकल में सोमवार को मौत हो गई थी। यह प्रदेश में किसी कोरोना पॉजिटिव की पहली मौत है। इतनी कम उम्र में मौत का देश में यह पहला मामला है। केजीएमयू लखनऊ के मीडिया प्रभारी डॉ सुधीर सिंह के मुताबिक गोरखपुर से जो सैम्पल आया था, वह जांच में पॉजिटिव मिला है। गोरखपुर में हुई जांच भी सही थी। केजीएमयू से क्रास चेक होना था। इसमें भी मामला सही पाया गया। 

परिवार व डॉक्टरों को किया गया क्वारंटाइन

युवक को रविवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एडमिट करवाया गया था। पहले उसे कोरोना वार्ड में नहीं रखा गया था। लक्षण दिखने पर उसे कोरोना वार्ड में शिफ्ट किया गया था। जिन 12 डॉक्टरों ने उसका इलाज किया था उन्हें भी क्वारंटाइन किया गया है।  प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई है। पूरी सावधानी बरती जा रही है। प्रत्येक डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टॉफ को प्रोटोकाल के अनुसार सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जा रही है। पूरे वार्ड, आइसीयू व जिस रास्ते से मरीज गुजरा था, अगल-बगल की दीवालों को असंक्रमित कर दिया गया है। अब यहां पर नए आ रहे मरीजों को देखने में पूरी सावधानी बरतने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।  

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दो महीने से था बीमार

परिवारवालों और पड़ोसियों का कहना है कि वह दो महीने से बीमार था। इस दौरान मोहल्‍ले के ही दो डॉक्‍टरों ने उसका इलाज किया। तबीयत में सुधार न होने पर उन्‍हीं में से एक डॉक्‍टर ने उसे बस्‍ती जिला अस्‍पताल भेजा। हालत और बिगड़ी तो रविवार को गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज ले जाया गया जहां सोमवार की सुबह आठ बजे उसकी मौत हो गई। रविवार को गोरखपुर मेडिकल कालेज लाया गया तो उसे सबसे पहले ट्रामा सेंटर में देखा गया। यहां से मेडिसिन विभाग के वार्ड नंबर 14 भेज दिया गया।डॉक्‍टरों ने कोरोना वार्ड में तब भेजा जब रविवार रात उसकी तबीयत ज्‍यादा बिगड़ गई। 

यूपी में कोरोना से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 103 पहुंच गया है। मंगलवार देर रात तक सात और नए रोगी सामने आए। इसमें बरेली के पांच और नोएडा व गाजियाबाद का एक-एक मरीज शामिल है। अब तक सर्वाधिक 39 मरीज नोएडा में पाए गए हैं। 

उधर, 261 संदिग्ध मरीजों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अब तक कोरोना वायरस 15 जिलों में अपने पांव पसार चुका है। यूपी में अभी तक जो सर्वाधिक 39 मरीज नोएडा में मिले हैं, उनमें अधिकतर एक निजी कंपनी सीज फायर के कर्मचारी व अधिकारी शामिल हैं।  इसके अलावा मेरठ में 19, आगरा में 11, लखनऊ में नौ, गाजियाबाद में आठ, बरेली में छह, पीलीभीत व वाराणसी में दो- दो और मुरादाबाद लखीमपुर खीरी, कानपुर,शामली, जौनपुर, बागपत व बुलंदशहर में एक-एक मरीज पाया गया है। इसके अलावा अभी तक कोरोना वायरस के पॉजिटिव पाए गए 17  मरीजों को अस्पताल से छुट्टी भी दी जा चुकी है। इसमें आगरा के आठ, नोएडा के छह गाजियाबाद के दो व लखनऊ का एक मरीज शामिल है। 

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2621 की रिपोर्ट आई नेगेटिव 

यूपी में अभी तक 2812 संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे जा चुके हैं। इसमें से 2621 लोगों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है यानी इनमें कोरोना वायरस नहीं पाया गया है। वहीं 88 लोगों की जांच रिपोर्ट अभी आना बाकी है।

साढ़े पंद्रह लाख लोगों की अभी तक की जा चुकी स्क्रीनिंग                      

 यूपी में नेपाल की सीमा से सटे जिलों में बनाई गई विशेष चौकियों के माध्यम से अभी तक 15.47 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। वहीं एयरपोर्ट पर 26,359 लोगों की स्क्रीनिंग अभी तक हुई है।