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Uttar Pradesh
Saturday, September 18, 2021

गाजीपुर में संदिग्ध परिस्थिति में 217 भेड़ों की हुई मौत, जिले में मचा हड़कंप

भारत

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डॉ. एसके सिंह
Dr. SK Singh is a senior journalist, he has also worked for Dainik Jagran and Amar Ujala's newspapers.
217 sheep killed under suspicious circumstances in Ghazipur, stir in the district
217 sheep killed under suspicious circumstances in Ghazipur, stir in the district

गाजीपुर के जमानिया कोतवाली क्षेत्र के मलसा गांव में गुरुवार कि देर रात करीब 2 बजे संदिग्ध परिस्थिति में 217 भेड़ों से मरने से गांव में हड़कंप मच गया और दिन पर यह गांव सहित आस पास के क्षेत्रों में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। बड़ी संख्या में भेड़ों कि मौत की सूचना पर तहसील‚ पुलिस एवं पशुपालन विभाग की टीम ने मौका मुआयना किया।

217 भेड़ों की मौत ने पशुपालक की तोड़ी कमर

मलसा गांव निवासी राघवशरण पाल एवं भैरोनाथ पाल ने बताया कि प्रतिदिन कि भाति बुधवार को भी शाम 4 बजे भेड़ों को चराने के बाद हाते में बंद कर दिया। जिसके बाद गृहस्थी का काम निपटाने के बाद परिवार के सभी सदस्य रात करीब 9 बजे खाना खाने के बाद सो गये। देर रात करीब दो बजे जब शौच करने के लिए आंख खुली तो हाते में कोई चहल पहल नहीं सूनाई दिया। जिसके बाद हाते में जा कर देखा तो एक के ऊपर एक भेड़ मरी पड़ी थी। जिसके बाद वह चिखने चिल्लाने लगा। विलाप करने की आवज सून कर आस पास के लोग मौके पर पहुंच गये। जिसके बाद मौजूद लोगों ने घटना की सूचना पुलिस एवं तहसील के अधिकारी कर्मचारी को दी।

घटना की सूचना पर तहसील प्रशासन के साथ पशुपालन विभाग के अधिकारी कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। पशुपालन विभाग के डॉक्टर ने भेड़ों का अंग परीक्षण किया। वही अंग परीक्षण के बाद सभी भेड़ो को गड्ढा कर उसमें दफना दिया गया। इस दौरान तहसीलदार घनश्याम ने ग्रामीणों को समझाया कि यह किसी महामारी के कारण नहीं हुआ है। भेड़ो का परीक्षण डॉक्टर द्वारा किया गया है। इसमें घबराने की कोई बात नहीं है। आप सभी लोग कोविड के नियमों का पालन करें।

इस संबंध में पशु डॉक्टर डॉ संतोष कुमार ने बताया कि कुल 217 भेड़ मृत पाये गये है। जिसमें से राघवशरण पाल का 170 और भैरोनाथ पाल का 47 भेड है। मृत भेड़ो में 58 नर‚ 159 मादा है। अंक परीक्षण के बाद ज्ञात हुआ कि इन भेंड़ो कि मौत फूड प्वाइजनिंग की वजह से हुई है। बाद में पूछताछ में पता चला कि एक दिन पूर्व घर में तिलक था। जिसका बचा हुआ खाना भेड़ो को खिलाया गया था। जिस कारण से फूड प्वाइजनिंग हो गयी थी और भेड़ों कि मौत हुई है। गांव में अफवाह उड़ाया जा रहा है जो ठीक नहीं है। इस अवसर पर निलेश मौर्य‚ राजेन्द्र यादव‚ लेखपाल बेचू राम सहित अन्य दर्जनों लोग मौजूद रहे।

गांव में होती रही चर्चा

एक साथ बड़ी संख्या में भेड़ों के मरने के पीछे गांव के लोग गंगा के पानी को बताते हुए ना ना प्रकार कि चर्चा करते नजर आये। लोगों का कहना है कि गंगा का पानी कोरोना की वजह से दूषित हो गया है और इस दूषित पानी को पी कर भेड़ों कि मौत हुई है।

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