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Monday, September 20, 2021

आरटीआई रिपोर्ट में खुलासे के बाद एक बार फिर यूपी के 4 लाख युवाओं को रोजगार देने के किए जा रहे दावे

भारत

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Rajan Chaudhary
Rajan Chaudhary is a freelance journalist from India. Rajan Chaudhary, who hails from Basti district of Uttar Pradesh’s largest populous state, and writes for various media organizations, mainly compiles news on various issues including youth, employment, women, health, society, environment, technology. Rajan Chaudhary is also the founder of Basti Khabar Private Limited Media Group.

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल से लेकर अबतक राज्य सरकार के अधीन की गयी सरकारी व अर्धसरकारी नौकरियों में नियुक्तियों के पदवार जानकारी के लिए 19 जनवरी 2021 को जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत दाखिल आरटीआई रिपोर्ट में बेहद चौंकने वाला जवाब सामने आया, जिसमें जवाब आया था कि संबन्धित विभाग के पास विभागवार नौकरियों का कोई डाटा उपलब्ध नही है।

वर्ष 2021 की शुरुआत में यूपी सरकार के आफिसियल टिवीटर हैंडल के माध्यम से कहा गया कि, ‘सरकारी नौकरियों में चयन हेतु योग्यता और प्रतिभा को अवसर प्रदान किया गया। आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए समाज के गरीब एवं वंचित वर्गों को आगे बढ़ाने का कार्य किया गया है, साथ ही वर्तमान  में बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। अब तक पौने चार लाख से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्ति प्रदान की गई है’। 

RTI Report
RTI Report

योगी सरकार द्वारा उक्त पौने 4 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार देने के दावे की पड़ताल के लिए 19 जनवरी को यूपी मुख्यमंत्री कार्यालय में आरटीआई दाखिल किया गया, आरटीआई में मांगी गई जानकारी सीएम कार्यालय में उपलब्ध न होने के कारण इसे 25 जनवरी 2021 को पर्सनल डिपार्टमेन्ट (कार्मिक विभाग) यूपी में ट्रांसफर कर दिया गया। इस आरटीआई में यूपी सरकार से मौजूदा मुख्यमंत्री के पद ग्रहण मार्च 2017 से लेकर 31 दिसंबर 2020 तक सरकारी व अर्धसरकारी नौकरियों में हुयी नई नियुक्तियों की पदवार जानकारी मांगी गयी थी जिसमें जवाब मिला कि, नियुक्तियों को लेकर विभाग में कोई जानकारी नही है। 

आरटीआई में मिले जवाब के आधार पर बेरोजगारी मुद्दों पर लगातार आवाज उठाने वाले युवाओं के “हल्ला बोल” संगठन व विपक्षी दलों के नेताओं ने योगी सरकार को घेरते हुये प्रदेश के युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया था। और मामले में समाजवादी पार्टी प्रवक्ता जुही सिंह का बयान था कि, वर्तमान उत्तर प्रदेश सरकार के पास वास्तविक आंकड़ों की कोई जानकारी नहीं रहती, हवाई प्रचार – प्रसार पर ही काम चला लेते हैं।

इसी तरह एक बार फिर उत्तर प्रदेश सीएम कार्यालय के आफिसियल ट्विटर हैंडल द्वारा 19 जून 2021 को “4 वर्षों में लगभग 4 लाख युवाओं को रोजगार देने की बात दोहराई गयी है।  

मीडिया रेपोर्ट्स बताते हैं कि यूपी में योगी सरकार के समय में बेरोजगारी दर दोगुनी रही है। ऐसे में आधिकारिक बयानों के माध्यम से जनमानस में युवाओं को नौकरियाँ देने वाले भारी-भरकम आंकड़ों पर संदेहास्पद सवाल खड़े हो रहे हैं।

फरवरी 2020 में श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने विधानसभा में एक सवाल के जवाब में बताया था कि यूपी में बेरोजगारों की संख्या लगभग 34 लाख पहुंच गई है जो कि सरकार द्वारा 2018 में पेश किए गए आंकड़े से 54 प्रतिशत अधिक है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक सवाल के जवाब में कहा है कि श्रम मंत्रालय की ओर से संचालित ऑनलाइन पोर्टल पर 7 फरवरी 2020 तक करीब 33.93 लाख बेरोजगार रजिस्टर्ड हुए हैं। प्रसाद ने तब जून 2018 तक उत्तर प्रदेश में रजिस्टर्ड बेरोजगारों की संख्या 21.39 लाख बताई थी। इन आंकड़ों के मुताबिक यूपी में 12 लाख से अधिक युवा पिछले दो साल में खुद को बेरोजगार के तौर पर रजिस्टर्ड करा चुके हैं।

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  1. […] “प्रदेश के सभी विभागों में सेवारत स्थायी/अस्थायी कार्मिकों के सभी देयकों का तत्काल भुगतान किया जाए। कार्मिकों के वेतन आदि से संबंधित भुगतान की फाइल कतई लंबित न रहे। अन्यथा की दशा में संबंधित विभागाध्यक्ष की जवाबदेही तय की जायेगी। कोविड काल में जिन सरकारी अथवा अधिग्रहीत निजी चिकित्सा संस्थानों ने सहयोग किया है, उनसे संबंधित सभी भुगतान प्राथमिकता से की जाए। चिकित्सकों/नर्सों जैसे हेल्थवर्कर अथवा फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर के देयकों/ मृतक आश्रित लाभ आदि के प्रकरण का तुरंत निराकरण किया जाए”। – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ […]

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