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Uttar Pradesh
Wednesday, October 5, 2022

“निजी हित लाभ व अनावश्यक दबाव बनाने के लिए बीएसए पर लगाए गए आरोप” — बस्ती के परिषदीय विद्यालयों के अध्यापक

भारत

बस्ती। जनपद के नवागत बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. इन्द्रजीत प्रजापति पर कथित रूप से लगाए गए गंभीर और घिनौने आरोपों की परिषदीय विद्यालय के शिक्षकों ने कड़ी निंदा की है। मीडिया को जारी बयान में इंग्लिश मीडियम मॉडल प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामसजन यादव तथा मिशन पर्यावरण संरक्षण समूह से जुड़े दर्जनों विद्यालयों के अध्यापकों ने बीएसए पर लगे आरोपों को गहरी और घिनौनी साजिश करार देते हुये कहा कि, “निजी हित लाभ व अनावश्यक दबाव बनाने के लिये बीएसए पर आरोप लगाये गये हैं।”

अध्यापकों ने कहा, “उनके जैसे सरल और काम के प्रति निष्ठा रखने वाले व्यक्तित्व के धनी बिरले ही मिलते हैं। आरोपों में उन्हे नशेड़ी और न जाने क्या क्या कहा गया है, जबकि वे नशे को हाथ तक नही लगाते। ऐसे नेक अफसर पर गंदे आरोप शिक्षक समाज कतई बर्दाश्त नही करेगा।”

‘महिलाओं के लिये कानूनी अधिकार हथियार बन गये हैं’

समूह के संयोजक डा. शिवप्रसाद ने कहा, आरोप लगाना बेहद आसान होता है, कुछ महिलाओं के लिये कानूनी अधिकार हथियार बन गये हैं लेकिन जांच में दूध और पानी अलग होकर रहेगा और बीएसए बेदाग सिद्ध होंगे।

आरोपों की निंदा करने वालों में प्रमुख रूप से सुखराम यादव, ओमप्रकाश, अनिल कुमार, विजय प्रताप वर्मा, हनुमान प्रसाद, जगदीश कुमार, पाकीजा सिद्धीकी, अखिलेश त्रिपाठी, राजेश कुमार, अभिषेक कुमार, हरिओम चौधरी, गया प्रसाद आदि ने कहा आरोप लगाने वालों को कुछ दिन बाद मुंह छिपाना पड़ सकता है।

क्या आरोप थे?

बस्ती ज़िले में एक कस्तूरबा विद्यालय की रसोइया ने बीएसए पर अपने और अपनी बेटी के साथ शराब के नशे में छेड़खानी का आरोप लगाया है। पीड़िता ने आईजीआरएस के ज़रिये मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने आरोप लगाते हुए कहा कि, मैं अपनी बेटी के साथ कस्तूरबा विद्यालय में रहती हूं, और खाना बनाती हूं, 12 जुलाई को बीएसए रात में 9:15 बजे आए, और जांच के नाम पर रसोई में घुस गए और दरवाजा बंद कर लिया, मैंने विरोध किया और मेरी लड़की दरवाजा खुलवाने लगी तो दरवाजा खोला और लड़की के साथ भी अभद्रता करने लगे।

शिकायती पत्र में महिला ने बीएसए पर शराब में धुत होने का आरोप लगाया है। वहीं इस मामले पर बीएसए ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा कि, जो भी आरोप महिला ने लगाए हैं वो पूरी तरह से ग़लत है, “मैं कस्तूरबा विद्यालय जांच करने के लिए गया था, लेकिन अंदर नहीं गया बाउंड्री के पास कुर्सी लगा कर बैठा था। मेरे पास वीडियो रिकॉर्डिंग है, जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा।”

फिलहाल, मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने जांच कमेटी गठित कर दी है। सीआरओ की अध्यक्षता में मामले की जांच चल रही है।

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