UP CM योगी के सपोर्ट में ट्वीट करने पर 2 रुपए देने का कथित ऑडियो वायरल, कंपनी से निकाला गया IT टीम लीडर

Alleged audio of paying Rs 2 for tweeting in support of UP CM Yogi_Photo- Basti Khabar
Alleged audio of paying Rs 2 for tweeting in support of UP CM Yogi_Photo- Basti Khabar

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक कथित टूलकिट सामने आया है। इसको लेकर सीएम योगी का सोशल मीडिया अकाउंट्स संभालने वाली टीम विवादों में घिर गई है।

इस टूल किट में एक ऑडियो वायरल हुआ है। इसमें मुख्यमंत्री के सपोर्ट में ट्विट करने पर दो रुपए देने की बात कही जा रही है। यह कथित ऑडियो मुख्यमंत्री का सोशल मीडिया अकाउंट संभालने वाली टीम के लीडर मनमोहन सिंह की बताई जा रही है।

कथित टूलकिट के वायरल होते ही कंपनी से मनमोहन सिंह को टर्मिनेट कर दिया गया है। हालांकि, कंपनी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। वहीं, BJP प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने पूरे मामले से भाजपा और मुख्यमंत्री को अलग बताया। उन्होंने कहा कि ये प्राइवेट कंपनी और उसके एम्प्लाई से जुड़ा हुआ मामला है। कोई कंपनी किस कर्मचारी को रखती है किसको निकालती है और कैसे काम करती ये उसका अपना अधिकार है।

इस कथित टूलकिट मामले पर रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ट्वीट करते हुये लिखते हैं कि, “ये रहा कथित आडियो! ये गजेन्द्र चौहान के लोग हैं। कहाँ धर्मराज युधिष्ठिर के नाम से जाने जाते थे, कहाँ 2-2 रु में ट्वीट करवाने लगे। सूचना विभाग बताए ऐसे हज़ारों ट्रेंड जो करवाए जाते हैं उसमें कितने खर्च कर रही है सरकार? जनता का पैसा उड़ाया जा रहा है जब गरीब दाने दाने को मोहताज है।”

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मनमोहन ने लिखा- मेरी खामोशी, कितने सवालों की आबरु रख लेगी

कंपनी से निकाले जाने के बाद मनमोहन सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की। इसमें शायराना अंदाज में लिखा, ‘हजार जवाबों से अच्छी है हमारी खामोशी न जाने कितने सवालों की आबरु रख लेगी’। इस पोस्ट को उनके टर्मिनेशन से जोड़कर देखा जा रहा है। एक मीडिया टीम ने मनमोहन सिंह से फोन पर इसके बारे में पूछा तो उन्होंने कुछ बोलने से इंकार कर दिया।

वायरल ऑडियो में क्या है?

पहला शख्स – ये बताओ कि ये दो रुपए ट्वीट किस हिसाब से मिलता है?
दूसरा शख्स : ये 100+ फॉलोअर्स वालों के लिए है भाई।
पहला शख्स : अच्छा ये बताओ कि कौन सा हैशटैग होगा?
दूसरा शख्स : ग्रुप में डाला तो है हैशटैग
पहला शख्स : योगी जी वाला हैशटैग?
दूसरा शख्स : हां… योगी जी वाला हैशटैग
दूसरा शख्स : कोई दिक्कत है क्या ?
पहला शख्स : नहीं.. हम ज्यादा से ज्यादा कराना चाह रहे हैं, जिससे थोड़ा बढ़ जाए।
दूसरा शख्स : इसमें थोड़ा कम पेमेंट बचा है। क्योंकि 25 ट्वीट मांग रहा है। दूसरा ये कि हैशटैग के साथ… योगी जी के फेवर में। मतलब योगी जी के बारे में अच्छा लिखो।
पहला शख्स : किसका ट्रेंड है?
दूसरा शख्स : ये तुम छोड़ों न। ये अतुल जी का ट्रेंड है। गजेंद्र चौहान का ट्रेंड है। तुम एक ID से 25 ट्वीट कराओ। उसका पेमेंट कर देंगे।
पहला शख्स : ठीक
दूसरा शख्स : सबका लिंक ग्रुप में डाल देना। जल्दी कराओ, फोटो के साथ।
(यहीं से फोन कट हो जाता है।)

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क्या है विवाद?

दरअसल अब तक सीएम योगी के सोशल मीडिया अकाउंट्स को संभालने की जिम्मेदारी BECIL नाम की कंपनी के पास थी। कुछ दिनों पहले इसे हटाकर सिल्वरटेक कंपनी को इसकी जिम्मेदारी दे दी गई। मनमोहन सिंह BECIL कंपनी में काम करते थे। बताया जा रहा है कि नई कंपनी अपने तरह से सारे काम को टेकओवर करना चाहती है। ये ऑडियो वायरल होने के बाद मनमोहन सिंह को कंपनी से बाहर निकाल दिया गया।

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