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Uttar Pradesh
Wednesday, November 30, 2022

पुरानी पेंशन व वित्तविहीन शिक्षकों के मुद्दों पर आर-पार के संघर्ष का ऐलान

भारत

डॉ. एसके सिंह
डॉ. एसके सिंह
Dr. SK Singh is a senior journalist, he has also worked for Dainik Jagran and Amar Ujala's newspapers.

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का प्रांतीय अधिवेशन संपन्न

प्रदेश के 75 जनपदों से आए शिक्षकों की भारी भीड़ देखकर नेतृत्व मंडल गदगद


लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का प्रांतीय अधिवेशन गन्ना संस्थान लखनऊ के सभागार में संपन्न हुआ। सम्मेलन में प्रतिभाग करने के लिए प्रदेश के सभी 75 जनपदों के शिक्षक पधारे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष चेत नारायण सिंह व संचालन महामंत्री रामबाबू शास्त्री ने किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा की स्कूलों में खेलकूद को अनिवार्य किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, सदस्य विधान परिषद देवेंद्र प्रताप सिंह, सदस्य विधान परिषद कुंवर महाराज सिंह, सदस्य विधान परिषद राजबहादुर सिंह चंदेल, पूर्व सदस्य विधान परिषद लवकुश मिश्रा, ने भी संबोधित किया।

ग्रीष्मकालीन सम्मेलन में महामंत्री व पूर्व सदस्य विधान परिषद रामबाबू शास्त्री ने संगठन का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कोषाध्यक्ष महेश चंद यादव ने संगठन के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया।

प्रदेश अध्यक्ष चेत नारायण सिंह ने शिक्षकों के सामने संघर्ष की रूपरेखा प्रस्तुत की और कहा कि बिना संघर्ष के कुछ मिलने वाला नहीं है। इसलिए सभी लोग संघर्ष के लिए तैयार रहे। प्रदेश में सदस्यता अभियान के लक्ष्य को दोगुना करने का प्रस्ताव रखा गया और कहा गया कि प्रदेश की सभी 75 जनपदों में इस वर्ष सदस्य संख्या को दोगुना से ज्यादा करना है।

प्रांतीय सम्मेलन में पुरानी पेंशन बहाली के लिए सतत प्रयास एवम संघर्ष के कार्यक्रम का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। संघर्ष को तीन हिस्सों में बांटते हुएप्रथम चरण में 11 जुलाई  से प्रदेश के सभी मंडलों के अपने जनपदों में अलग अलग तिथियों में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालयों में धरना आयोजित किया जाएगा।

धरने के पश्चात उसी दिन जुलूस निकाल कर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन दिया जाएगा। दूसरे चरण में 22 अगस्त को निदेशक कार्यालय पर धरना किया जायेगा। तीसरे चरण में सितंबर में पूरी क्षमता से  विधान सभा का  घेराव किया जाएगा। इन संघर्षो के साथ संगठन खुद को  राष्ट्रीय संगठन का स्वरूप बनाने की ओर बढ़ेगा तथा पुरानी पेंशन बहाली योजना को 2024 के लोक सभा चुनाव से पूर्व राष्ट्रीय सरकार को मानने को विवश कर देगा या राज्य सरकार को खुद इसके पक्ष में निर्णय लेने को मजबूर करेगा।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. महेंद्र नाथ राय ने संगठन के वर्तमान स्वरूप व समस्याओं पर सदन का ध्यान आकृष्ट कराया। शिक्षक समस्याओं पर गंभीर मंथन हुआ और तय किया गया कि सरकार के विरुद्ध सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष किया जाएगा। अधिवेशन में जुलाई और अगस्त माह में उत्तर प्रदेश सरकार के विरुद्ध बड़े पैमाने पर आंदोलन करने की रणनीति बनाई गई। जिसमें प्रथम चरण में प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालयों पर, द्वितीय चरण में मंडल मुख्यालयों व तीसरे चरण में माध्यमिक शिक्षा निदेशक के कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई गई।

आईटी सेल के प्रांतीय संयोजक संजय द्विवेदी ने कहा कि यह क्रांति का काल है। अगर हम घरों में आराम से बैठे तो हमारी बहुत सारी उपलब्धियां छीन जाएंगी। इसलिए सुख का परित्याग कर संघर्ष के लिए सड़क पर आइए। उन्होंने प्रदेश की सभी 75 जनपदों में आईटी सेल के पदाधिकारियों का चयन करने व वेबसाइट, फेसबुक, व्हाट्सएप, टि्वटर, इंस्टाग्राम के माध्यम से संगठन की गतिविधियों को जन जन तक पहुंचाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा गया कि संगठन को सूचना की दृष्टि से सशक्त किया जाएगा। इसके पूर्व छात्र छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। संगठन की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह व अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

सम्मेलन को लवकुश मिश्रा, कुमार श्रीवास्तव, वीरेंद्र कुमार सिंह,  डॉ महेंद्र नाथ राय, महेश चंद शर्मा, मारकंडेय सिंह, विनोद कुमार मिश्रा, अनिरुद्ध त्रिपाठी, संजय द्विवेदी, राम मोहन शाही, नरेंद्र सिंह, श्रवण कुमार त्रिपाठी, अजय सिंह, शैलेश कुमार सिंह, वाचस्पति, अरुण कुमार सिंह, नरसिंह बहादुर सिंह, मनोज सिंह, प्रमोद सिंह, विमलेंद्र शर्मा, डॉ. देवेंद्र सिंह, सुलेखा जैन, जगदीश चंद्र व्यास, सुधाकर राव, घनश्याम साहू, अरुण कुमार मिश्रा, अजय प्रताप सिंह, राम पूजन सिंह, गुलाबचंद मौर्य, रामविलास चौधरी, रंजीत सिंह, संजय मिश्रा सहित तमाम लोगों ने भी संबोधित किया।

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