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अनुराग कश्यप जामिया पहुंचे और नारा लगााने से मना कर दिया

अनुराग कश्यप जामिया पहुंचे और नारा लगााने से मना कर दिया
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अनुराग कश्यप कौन हैं ये आप जानते हैं. उनकी फिल्में नहीं देखीं, तो आपका नुकसान, वो वाली बात साइड पर रख दें. फिर भी आप उन्हें जानते होंगे. आपकी पॉलिटिकल लीनिंग लेफ्ट हो या राइट, उनकी बातें सेंटर को हिट करती हैं. सोशल मीडिया पर मुखर होकर सरकार का मुखौटा उतारने वाला आदमी. पिछले कुछ समय से देश में बड़ा अशांति का माहौल चल रहा है. कभी CAA, तो कभा NRC. फिर जामिया हिंसा. जेएनयू हिंसा. स्टूडेंट्स की पिटाई. उसके आरोपियों का खुला घूमना. शाहीन बाग का ऐतिहासिक आंदोलन. सरकार की चुप्पी. इन मसलों पर देश दो फांक हुआ पड़ा. इसमें से एक फांक का प्रतिनिधित्व बोले तो रिप्रेंजेटेशन अनुराग करते हैं. सोशल मीडिया पर इस आदमी ने बैंड बजाई हुई है. लेकिन 14 फरवरी को जब देशभर के कपल्स और बजरंग जल वैलेंटाइंस डे मना रहे थे, तब अनुराग कश्यप जामिया मिलिया इस्लामिया में थे.

अनुराग ने जामिया पहुंचने के बाद मंच संभाला और लोगों से बातचीत की. अनुराग यहां स्टेज से कहा-

”मैं जामिया पहली बार आया हूं. कहीं लग रहा था कि हम मर गए हैं, पर यहां आकर लगा कि हम ज़िंदा हैं. मेरे लिए ये आंदोलन जामिया से शुरू हुआ इसके बाद जेएनयू पहुंचान और फिर देशभर में फैल गया. बहुत सारे लोग इससे जुड़े. पहली बार लग रहा है कि हम एक देश हैं. हम एक भारत हैं. ये लड़ाई बहुत लंबी है. कल, परसों और चुनाव के साथ खत्म नहीं होगी.”

शुक्रवार 14 फरवरी को जामिया पहुंचते फिल्ममेकर अनुराग कश्यप.
शुक्रवार 14 फरवरी को जामिया पहुंचते फिल्ममेकर अनुराग कश्यप.

अपने ट्वीट्स और बयानों के बाद यहां भी अनुराग देश के गृहमंत्री पर अमित शाह पर निशाना साधने से नहीं चूके. अपनी बातचीत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा-

”हमें विश्वास नहीं है कि होम मिनिस्टर क्या कहते हैं. वो कॉन्ट्राडिक्ट्री स्टेटमेंट यानी विरोधाभासी बयान देते हैं. उन्होंने कहा बिल नहीं लाएंगे. फिर कहा कि तीन दिन में बात करते हैं. मैं सुनता ही नहीं हूं अब. होम मिनिस्टर का काम होता है हमारी सिक्योरिटी. वो लोगों का विरोध दबाने का काम करते हैं.”

पिछले दिनों जो कुछ भी हुआ उसमें दिल्ली पुलिस की बड़ी आलोचना हुई. उन्हें आड़े हाथों लेते हुए अनुराग कहते हैं-

” जामिया में हुई हिंसा मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई. पुलिस को अपना काम करने की ज़रूरत है. उन्हें पता लगाना चाहिए कि वो कौन लोग थे.”

अनुराग कश्यप सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव थे. लेकिन पिछले दिनों सरकार के खिलाफ बात करने के चक्कर में उन्हें और उनके परिवार को धमकियां मिलने लगी. नतीजतन उन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर) से दूर हो गए थे. लेकिन परिस्थितियां इतनी ज़्यादा बिगड़ गईं कि उन्हें सोशल मीडिया पर वापसी करनी पड़ी. इस बाबत अनुराग ने कहा-

”आप लोगों की हिम्मत देखकर मैं ट्विटर पर वापस आया. सबको सबके हाल पर छोड़कर गया था मैं. पर आप उस तरीके की सरकार से डील कर रहे हैं, जो अपनों से अलग डील करते हैं. आप ऐसे सरकार से डील कर रहे हैं, जो गार्गी के कॉलेज के मोलेस्टर्स क पकड़ लेती है और डॉ. कफील को एनएसए लगाकर अंदर कर देती है. यूपी में बच्चे मारे जा रहे हैं, वहां कुछ नहीं होता. वो इंतज़ार कर रहे हैं कि कब लोग थककर घर जाएंगे. कब लोगों को और भूख और आराम की ज़रूरत महसूस होगी. लेकिन ये धैर्य की लड़ाई है. हमें अपना धैर्य बनाए रखना होगा कि हम यहां तब तक बैठते रहे हैं, जब तक वो आकर हमारे सभी सवालों का जवाब देकर हमें संतुष्ट नहीं करते. ”

जामिया में जनता को संबोधित करते अनुराग.
जामिया में जनता को संबोधित करते अनुराग.

अनुराग के इस भाषण का रिस्पॉन्स काफी शानदार रहा. लोगों ने तालियां बजाकर और नारे लगाकर उनका समर्थन किया. साथ ही अनुराग से भी उनके साथ नारे लगाने की गुज़ारिश की.अनुराग ने उन्हें जवाब देते हुए कहा-

”मैं नारे नहीं लगाता. मैं सिर्फ दिल की बात कहता हूं.”

हालांकि उन्होंने जाते-जाते इंकलाब ज़िंदाबाद कहा.

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