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Sunday, February 5, 2023

आर्य वीर वीरांगनाएं ही राष्ट्र की शक्ति हैं-गोपेश्वर त्रिपाठी

भारत

डॉ. एसके सिंह
डॉ. एसके सिंह
Dr. SK Singh is a senior journalist, he has also worked for Dainik Jagran and Amar Ujala's newspapers.

बस्ती।आर्य वीर दल शौर्य प्रदर्शन व राष्ट्र रक्षा सम्मेलन के साथ आर्य समाज नई बाजार बस्ती का 49वां वार्षिकोत्सव सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि गोपेश्वर त्रिपाठी क्षेत्रीय अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा गोरखपुर ने आर्य वीरों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आर्य वीर वीरांगनाएं ही राष्ट्र की शक्ति हैं। आर्य वीर और वीरांगनाओं ने प्राचीनकाल से ही राष्ट्र रक्षा में अपने जीवन की आहुति दिया है इनसे ही वैदिक संस्कृति जीवित रही है। आर्यवीरों ने समय समय पर भगतसिंह, राजगुरु, आजाद, आदि क्रांतिकारियों के रूप में देश की रक्षा की है। कहा कि आज देश में ऐसे चरित्रवान युवाओं की आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही राजकीय कन्या इण्टर कालेज बस्ती की प्रधानाचार्या श्रीमती नीलम सिंह जी ने कहा कि आज युवा शक्ति को अपनी भारतीय संस्कृति के बारे में परिचित कराना अनिवार्य है। आत्मरक्षा के साथ साथ संस्कृति रक्षा में भी हमारी युवा शक्ति को प्रवीण होना चाहिए।

इससे पूर्व दिनेश आर्य राष्ट्रीय प्रशिक्षक आर्य वीर दल दिल्ली प्रदेश के निर्देशन में आर्य वीरों व वीरांगनाओं ने अतिथियों के सम्मुख सर्वांग सुन्दर व्यायाम, नियुद्धम, लाठी द्वन्द्व, नानचक्र, मानव पुल,स्तूप निर्माण व आँख पर पट्टी बाॅधकर लाठी चलाना आदि कलाओं का प्रदर्शन लोगों को वैदिक संस्कृति का कायल बना दिया। प्रशिक्षक द्वारा पाँच पांच  वरिष्ठ आर्य वीर-वीरांगनाओं को नियमित शाखा लगाने का संकल्प दिलाते हुए उन्हें सीटी व ध्वज प्रदान किये। इस अवसर पर सभा में उपस्थित सबसे बड़े आर्य वीर विष्णु गोपाल आर्य व सबसे छोटे आर्य वीर रूद्रकुमार को ओम चित्र भेंटकर सम्मनित किया गया। ओम प्रकाश आर्य ने संचालकीय उद्बोधन में में कहा कि आज देश में जितनी रूढ़ियाँ, अन्धविश्वास और भ्रष्टाचार है उन सबका मूल वैदिक संस्कृति से भटकाव ही है। यदि हम अपनी इस वैदिक संस्कृति की पहचान खोने का प्रयास करेंगें तो हम समाप्त हो जायेगें ऐसा उद्घोष करते हुए महर्षि दयानन्द सरस्वती ने वेदों की ओर लौटो का नारा देते हुए स्वदेशी का शंखनाद किया। उनके इस आवाहन पर पूरा देश एक हो गया और क्रांन्तिकारियों की एक लम्बी फौज तैयार हो गयी। आर्य वीर दल पूरे मनोयोग से वैदिक संस्कृति का प्रचार-प्रसार करता रहेगा।

इस अवसर पर प्रशिक्षक दिनेश आर्य को आर्य वीर दल के विभिन्न क्षेत्रों में सेवाओं के लिए रचित आर्य स्मृति सेवा सम्मान से विभूषित किया गया। संचालन करते हुए मंत्री गरुण ध्वज पाण्डेय ने दिनेश आर्य की सेवाओं का बखान करते हुए उनके दीर्घजीवन की कामना की। कार्यक्रम में प्रतिभागी सभी आर्य वीर वीरांगनाओं को मेडल, सर्टिफिकेट व पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्द्धन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सूर्य कुमार शुक्ल, राधेश्याम सिंह, ओंकार आर्य, अलखनिरंजन आर्य, प्रमोद श्रीवास्तव, राकेश यादव, देवव्रत आर्य, आदित्यनारायण गिरि, विकास बरनवाल, वैद्य संजय दुबे, पंकज त्रिपाठी, सुनील गुप्ता, विनोद शुक्ल, सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

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