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नहा-धोकर टिप-टॉप रहना पसंद करने वालों के लिए बुरी खबर है

नहा-धोकर टिप-टॉप रहना पसंद करने वालों के लिए बुरी खबर है
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नहाने का साबुन. रोजमर्रा की काम आने वाली चीज़. खबर है कि साबुन महंगा हो रहा है. कंपनियों ने तैयारी शुरु कर दी है. हिंदुस्तान यूनीलीवर, गोदरेज जैसी कंपनियां साबुन की कीमत 5-6 प्रतिशत बढ़ाने वाली हैं. वजह- पाम तेल की बढ़ती कीमतें. नवंबर के बाद से पाम तेल की कीमतों में 47 प्रतिशत का इज़ाफा हुआ है. इस वजह से साबुन की लागत भी बढ़ रही है.

5-6 प्रतिशत की होगी वृद्धि
ब्लूमबर्ग ने इस बारे में रिपोर्ट दी है. इसमें कहा है कि देश की दो सबसे बड़ी एफएमसीजी (Fast Moving Consumer Goods) कंपनियां हिंदुस्तान यूनीलीवर और गोदरेज साबुन के दाम बढ़ा रही हैं. हिंदुस्तान यूनीलीवर जल्द ही साबुन की कीमत 5-6 प्रतिशत बढ़ाएगी. कंपनी के सीएफओ (Chief Financial Officer) श्रीनिवास फाटक ने तीसरी तिमाही के बाद निवेशकों को इस बारे में जानकारी दी. हिंदुस्तान यूनीलीवर लक्स, डव, लाइफब्वॉय, पीयर्स, हमाम, लिरिल और रेक्सोना ब्रांड से साबुन बेचती है.

हिंदुस्तान यूनीलीवर.
हिंदुस्तान यूनीलीवर.

गोदरेज कंपनी जनवरी में कीमतें बढ़ा चुकी है. उसने भी कीमतें 5-6 प्रतिशत बढ़ाई हैं. गोदरेज के सिंथॉल और नंबर 1 ब्रांड से साबुन आते हैं.

सेल्स में आ रही कमी
साबुन की कैटेगरी में हिंदुस्तान यूनीलीवर का दबदबा है. लेकिन दिसंबर में समाप्त हुई तिमाही में कंपनी को सेल में कमी का सामना करना पड़ा है. हिंदुस्तान यूनीलीवर के ब्यूटी और पर्सनल केयर प्रोडक्ट की सेल में पिछले साल की तुलना में एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. गोदरेज कंज्यूमर भी सेल्स में कमी का सामना कर रही है. उसकी ब्यूटी और पर्सनल केयर प्रोडक्ट की बिक्री लगातार दूसरी तिमाही में कम हुई है.

किस वजह से बढ़ेंगे साबुन के दाम
पाम फैटी एसिड डिस्टलेट. साबुन बनाने की अहम सामग्री. कच्चे पाम तेल को रिफाइन करने के दौरान यह सामग्री निकलती है. साबुन के अलावा मोमबत्ती और जानवरों का खाना बनाने में भी इसका इस्तेमाल होता है. इसी के महंगे होने का असर साबुन की कीमतों पर पड़ने वाला है.

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