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Uttar Pradesh
Sunday, October 17, 2021

बस्ती: बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल से निकले केमिकलयुक्त विशक्त से मर रहीं आमी नदी की मछलियाँ

भारत

Rajan Chaudhary
Rajan Chaudhary is a freelance journalist from India. Rajan Chaudhary, who hails from Basti district of Uttar Pradesh’s largest populous state, and writes for various media organizations, mainly compiles news on various issues including youth, employment, women, health, society, environment, technology. Rajan Chaudhary is also the founder of Basti Khabar Private Limited Media Group.

बस्ती: जिले के रुधौली स्थित अठदमा बजाज हिंदुस्तान सुगर मिल से निकलने वाले जहरीले अपशिष्ट से पास के आमी नदी की भारी तादाद में मछलियों के मरने का मामला सामने आया है. रुधौली कस्बे से लगभग 4 किलोमीटर दूरी पर स्थति बजाज हिंदुस्तान सुगर मिल अठदमा के करीब से होकर बहने वाली आमी नदी में केमिकलयुत्त जहर के बहाव का यह कोई नया मामला नही है. इससे पहले भी फैक्ट्री द्वारा पास के आमी नदी में जहरीले पदार्थों के बहाव से तमाम पशु, पक्षियों व जलीय जीव जंतुओं के मौत के मामले सामने आ चुके हैं.

2 अक्टूबर को जहाँ पूरा देश राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के सत्य अहिंसा के सीख को याद कर रहा था वहीं यहाँ आमी नदी के जल में सैकड़ों की संख्या में मरी हुई मछलियों को देखकर स्थानीय लोगों में शुगर मिल के प्रति रोष देखने को मिला.

नदी के निकटवर्ती स्थानीय लोगों व समाजसेवी जनों ने जब मर रही मछलियों के मामले को लेकर मिल प्रबंधन को फोन किया तो मिल के अधिकारियों द्वारा हमेशा की तरह बहाना बनाते हुए मामले को टाल दिया गया.

बजाज शुगर मिल से निकलने वाले केमिकलयुत्त रासायनिक कचरे बरसात के पानी में घुल कर स्थानीय आमी नदी में मिल जाते हैं जिसके कारण सारी मछलियाँ व जलीय जीव मर कर तैरने लगते हैं.

आमी नदी के स्वच्छता मामलों को लेकर पूर्व में अथक प्रयास करने वाले आमी बचाओ संघ के अध्यक्ष व भाजपा मंडल अध्यक्ष विजय नारायण तिवारी का आरोप है कि, “बीते दो दिनों से हो रही लगातार बारिश की बजह से मिल को अपना विषाक्त कचरायुक्त पानी रात में आमी नदी में छोड़ने का मौका मिल गया. और वह केमिकलयुत्त जहर नदी में छोड़ दिया गया”.

तिवारी ने मामले को लेकर स्थानीय रुधौली थाने में लिखित शिकायती पत्र के माध्यम से बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है.

मामले में देर शाम जानकारी मिली है कि, प्रदूषक बोर्ड बस्ती के अधिकारी अरुण श्रीवास्तव आमी नदी के पानी की सैम्पलिंग व मरी हुई मछलियों को पोस्टमार्टम के लिए ले गए हैं.

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1 COMMENT

  1. क्यों अपमान कर रहे हैं नदियों का आमी नदी कभी नदी हुआ करती थी
    अब तो नाला है नाला सही बता रहा हूं आप ही के नजर के नीचे नदी से नाला कैसे बना आप अच्छी तरह जानते हो

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