लाक डाउन में भी पीडब्ल्यूडी द्वारा 30 करोड़ का टेंडर करने का मामला सामने आया

बस्ती। लूटपाट व अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने की नीयत से रेड जोन घोषित जिले में अधीक्षण अभियंता स्तर से आमंत्रित किया गया टेंडर।

टेंडर निरस्त कर कार्रवाई हेतु मुख्यमंत्री से की गई मांग।

मार्च क्लोजिंग में भरपुर कमाई के बाद भी संतुष्ट न होने पर अधिकारियों ने तीस करोड़ का पुन: टेंडर निकाल दिया। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी लाक डाउन में भी लाभ उठाने से नही चूक रहे।

यह जानते हुए भी की जिला रेड जोन है, तीन मई के बाद भी लाक डाउन से छूट मिलने की उम्मीद नहीं है।फिर भी अपने चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने की नीयत से टेंडर आमंत्रित करना अधिकारियों की मानसिकता पर सवाल उठाती है।

एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि हरीश सिंह ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए टेंडर निरस्त करने तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की अपील करते हुए प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी को भी इसकी जानकारी दी है।तथा उन्होंने स्थानीय प्रशासन से भी इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।

इस समय पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड प्रथम व प्रांतीय खंड दोनों का प्रभार माननीयों के चहेते एक्सईएन शुभकरन राव के पास है।

सवाल हैं कि इस लाक डाउन में सब कुछ बंद होने से ऑनलाइन टेंडर की प्रक्रिया कैसे पूरी होगी। कहां से ठेकेदार स्टांप खरीदेंगे,और कौन उन्हें नोटरी करेगा।ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि अधीक्षण अभियंता ने 30 करोड़ जैसे बड़ी रकम का टेंडर निकाल दिया? इस सवाल पर सभी अधिकारी चुप्पी साध लेते हैं।

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