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Wednesday, August 17, 2022

चरित्रवान विद्यार्थी ही देश को सम्पूर्ण विश्व में गौरवान्वित करता है: आचार्य विनय

भारत

डॉ. एसके सिंह
डॉ. एसके सिंह
Dr. SK Singh is a senior journalist, he has also worked for Dainik Jagran and Amar Ujala's newspapers.

बस्ती। “देश एवं समाज को समृद्ध, संस्कारवान एवं सम्पन्न बनाने में विद्यार्थियों का विशेष योगदान होता है। एक चरित्रवान विद्यार्थी ही अपने देश को सम्पूर्ण विश्व में गौरवान्वित करता है। चरित्र निर्माण शिविर वह कार्यशाला है जहां से चरित्रवान, बलिष्ठ, सुसंस्कृत और अनुशासित युवकों का निर्माण होता है। इन्हीं तपे हुए नवयुवकों के कन्धे पर देश का भविष्य निर्भर है”, उक्त बातें आचार्य विनय ने सनातन धर्म संस्था बस्ती द्वारा उर्मिला एजूकेशनल एकेडमी में आयोजित चरित्र निर्माण शिविर के अवसर पर बच्चों की बौद्धिक कक्षा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि, देश में सनातन धर्म संस्था जैसे संगठनों की आवश्कता है जो समाज को सही व नई दिशा दे सकता हैं।

22 मई को ध्वजारोहण और राष्ट्र प्रार्थना से प्रारम्भ हुआ यह शिविर 31 मई को सम्पन्न होगा। बच्चों को प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षक विनय कुमार, दीपक व महिला प्रशिक्षक ज्योति बागपत से पधारी हैं। सनातन धर्म संस्था के सदस्य अखिलेश दूबे ने बताया कि जिले के विभिन्न हिस्सों से आये वीर एवं वीरांगनाओं इस शिविर में जहां शारीरिक शिक्षा प्राप्त कर तन से स्वस्थ रह सकेंगे वहीं योग, आसन व प्राणायाम सीखकर मन से भी सबल व स्वस्थ हो सकेंगे।

शिविर के दौरान प्रशिक्षुओं में आपसी प्रेम व भाईचारा तथा परस्पर सहयोग की भावना का विकास होगा। इस अवसर पर डा. राजन शुक्ल, कैलाश दुबे, अम्बिकेश्वर दत्त ओझा ने बच्चों को साधनापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने की प्रेरणा दी। बौद्धिक सत्र मे कर्नल के सी मिश्र ने बच्चों को शुद्ध खान पान की प्रेरणा देते हुए अभक्ष्य पदार्थों के सेवन से बचने की प्रेरणा दी।

 बालिकाओं को सर्वांग सुन्दर व्यायाम व सन्ध्योपासना का अभ्यास कराया गया
बालिकाओं को सर्वांग सुन्दर व्यायाम व सन्ध्योपासना का अभ्यास कराया गया

बालिकाओं के वर्ग में महिला प्रशिक्षिका ज्योति ने बालिकाओं को सर्वांग सुन्दर व्यायाम, सन्ध्योपासना का अभ्यास कराया। योग शिक्षिका शन्नो दुबे ने सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया।

यज्ञ का महत्व बताते हुए आचार्य दीपक ने बताया कि, जल, ताप एवं वायु से ही हम जीवन धारण करते हैं। यज्ञ के द्वारा ही हम इनका शोधन करते हैं। जिसमें जल व ताप के बिना हम कुछ समय तक जीवित रह सकते हैं पर शुद्ध वायु आक्सीजन के बिना हम जीवित नहीं रह सकते इसलिए यज्ञ व योग हमारे जीवन का आधार है।

शिविर संचालक भृगुनाथ त्रिपाठी पंकज ने बताया कि, प्रातः 4 बजे जागरण के साथ दो शारीरिक व्यायाम एवं दो बौद्धिक सत्र हों रहे हैं साथ ही रात्रि में बच्चों के लिए आयोजित मनोरंजन सत्र में बच्चे पूरा आनन्द ले रहे हैं। समय समय पर कुशल वैद्यों द्वारा बच्चों की जाॅच की भी व्यवस्था की गयी है साथ ही समाज के विद्वान एवं अनुभवी लोगों के द्वारा बच्चों को सफलता के सूत्र भी बताये जायेंगे। शिविर में अनुराग शुक्ल, गरुण ध्वज पाण्डेय ने सहयोग किया।

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