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Uttar Pradesh
Wednesday, May 18, 2022

“रुधौली विधायक से जान को है खतरा”; पत्रकार का आरोप, पढ़िए अब तक का आपराधिक इतिहास

भारत

बस्ती/रुधौली। बस्ती जिले के रुधौली विधानसभा सीट 309 से वर्ष 2017 में भाजपा के टिकट पर दूसरी बार (पहली बार कांग्रेस) पार्टी से विधायक बने संजय प्रताप जायसवाल एक बार फिर आरोपों के घेरे में हैं। तहकीकात समाचार के पत्रकार सौरभ वीपी वर्मा ने विधायक पर आरोप लगाया है कि, भाजपा सरकार की नीतियों और शासन द्वारा चलाईं जा रही विभिन्न योजनाओं पर समीक्षात्मक रिपोर्ट लिखने से नाराज विधायक ने उनके साथ अभद्रता की और घर जाते समय मारने की नीयत से चार-पहिया वाहन से उनके समर्थकों व अज्ञात लोगों ने पीछा किया।

क्या है पूरा मामला?

रविवार 13 फरवरी की शाम लगभग 06:30 बजे पत्रकार सौरभ वीपी वर्मा और उनके साथ एक अन्य पत्रकार बस्ती-बांसी हाइवे से होते हुए रुधौली नगर पंचायत स्थित मुड़ियार चौराहे के पास भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय से होकर गुजर रहे थे, जहां पहले से सड़क के किनारे खड़े यूपी चुनाव 2022 के भाजपा पार्टी की टिकट पर रुधौली विधानसभा की प्रत्याशी संगीता जायसवाल के पति संजय प्रताप जायसवाल (वर्तमान विधायक) को देखकर रुक गए और उनसे नमस्ते किया।

“अरे तुम हो! आज कल तुम बहुत लिख रहे हो। हमारे पार्टी, हमारे कार्यकर्ताओं और हमारे खिलाफ लिख रहे हो। तुम बहुत बड़े पत्रकार हो गए हो।” – सौरभ ने बताया कि विधायक मुझे देखते ही उग्र हो गए और इस तरह से बात करने लगे।

सौरभ बस्ती खबर को बताते हैं कि, विधायक भीड़ में मुझे धकेलने लगे। उन्हें उग्र होते देख उन्हें समझाने का प्रयास किया कि, “आपको मर्यादित भाषा में बात करना चाहिए, मेरी आपसे कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, हम सरकार की योजनाओं और नीतियों पर समीक्षात्मक रिपोर्ट लिखते हैं, और बीते कई महीनों से अपनी रिपोर्ट की सीरीज में इस बात की समीक्षा कर रहे हैं कि सरकार की जो योजनाएं चल रही हैं या जो पूरी हो चुकी हैं उसमें कितने लोगों को लाभ मिला या कितने वंचित रह गए।”

“विधायक तू-तड़ाक पर उतर आए और धक्के मारते हुए सड़क के किनारे ले आए। वहां उनके समर्थकों की भीड़ थी, किसी अनहोनी की आशंका में हम लोग वहां से भानपुर रोड होते हुए घर के लिए निकल गए लेकिन कोई चार-पहिया वाहन हमारा पीछा कर रही थी।” पत्रकार ने बताया कि, “चारपहिया वाहन सवार लोग तेजी से हमारी बाइक का पीछा कर रहे थे। जान बचाने के लिए एक बजाज एजेंसी के पास बाइक रोक कर उनके आगे चले जाने का इंतजार करने लगे। वाहन आगे निकलते हुए वाहन का शीशा खोलकर किसी ने ‘रोको-पकड़ों कहां गए वे लोग’ की बात करते और गाली देते हुए आगे निकल गए।”

इस घटना के बाद पत्रकार डर के कारण इतना सहम गया कि उसने तुरंत उसी समय 112 पर कॉल कर मदद लेनी चाही लेकिन कॉल नहीं लगी।

पत्रकार ने घटना की जानकारी एसपी को दी

“मैंने पुलिस अधीक्षक बस्ती को फोन पर पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने किसी नजदीकी थाने पर जल्द पहुँचने और खुद को सुरक्षित करने का सुझाव दिया।” पत्रकार ने बस्ती खबर को बताया कि, पीछा करने वाले लोग विधायक के समर्थक व अज्ञात लोग थे।

पत्रकार ने आगे बताया कि, किसी तरह वह बीच-बचाव करते हुए रात में ही सोनहा थाने पर पहुंचे। जान बचाने की गुहार लागते हुए विधायक और मारने की नीयत से पीछा करने वालों के खिलाफ कार्यवाही के लिए लिखित शिकायत की।

मामले पर पत्रकार राजन चौधरी ने यूपी पुलिस और बस्ती पुलिस को ट्वीट कर मामले को संज्ञान में लेने की मांग कर दोषियों को पकड़ने की मांग की।

विधायक संजय प्रताप जायसवाल पहले भी पत्रकार से कर चुके हैं अभद्रता

भाजपा के विधायक संजय प्रताप जायसवाल अपने कार्यकाल में पहले भी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार डॉ. एस. के. सिंह के साथ अभद्रता कर चुके हैं। उस समय विधायक के अभद्रतापूर्ण कृत्य की पूरे बस्ती मण्डल के पत्रकारों ने निंदा की थी। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के बैनर तले विधायक और स्थानीय थानाध्यक्ष रुधौली के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्यवाही की मांग पत्रकारों ने की थी। उस मामले में सत्ता पक्ष के विधायक के खिलाफ कोई ठोस कानूनी कार्यवाही तो नहीं हुई थी लेकिन विधायक के सह पर पत्रकार के साथ अनुचित वर्ताव करने वाले थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया था। इस तरह पत्रकार के साथ यह दूसरा गंभीर मामला अब सामने आया है।

भड़ास फॉर मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2018 दिन मंगलवार को रुधौली में तहसील दिवस के दिन दैनिक अमर उजाला के वरिष्ठ पत्रकार व ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन बस्ती के मण्डलीय उपाध्यक्ष डॉ. एस. के. सिंह से भाजपा के विधायक संजय प्रताप जायसावल ने अभद्रता की थी। अभद्रता से नाराज ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने आंदोलन की चेतावनी दी थी।

समाधान दिवस में रुधौली विधायक संजय प्रताप जायसवाल ने थानाध्यक्ष रुधौली को आदेश देकर मीडियाकर्मी का वीडियो कैमरा छीनकर उसकी सारी रिकार्डिंग डिलीट करा दी थी। मना करने पर वरिष्ठ पत्रकार व ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के मण्डलीय उपाध्यक्ष डॉ. एस.के. सिंह से दुर्व्यवहार करने लगे थे।

इस घटना से आहत पत्रकार वहीं धरने पर बैठ गये। बाद में जिलाधिकारी बस्ती ने घटना को संज्ञान में लेकर धरना समाप्त करा दिया था। उस समय जिलाधिकारी बस्ती ने भी माना था कि पत्रकारों से विधायक ने दुर्व्यवहार किया है।

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अपने आवास पर भारतीय जनता पार्टी के विधायक संजय प्रताप जायसवाल / फ़ोटो साभार: इंटरनेट

रेप जैसे गभीर आरोपों से घिरे हैं यह विधायक

2014 में पहली बार कांग्रेस पार्टी से रुधौली विधानसभा के विधायक बने संजय प्रताप जायसवाल पर एक बेहद गंभीर आरोप लगा था।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस विधायक संजय प्रताप जायसवाल के खिलाफ रेप की एफआईआर दर्ज कराने वाली एक युवती ने उनपर उसे बदनाम करने का आरोप लगाया था। युवती का कहना था कि विधायक आधी रात को फोन कर परेशान करते हैं।

इस मामले में पीड़ित का कहना था कि विधायक ने शादी का झांसा देकर दुराचार किया और काफी टालमटोल के बाद लिखापढ़ी में शादी भी की थी। इसके प्रमाणपत्र की फोटोकॉपी उसने हजरतगंज पुलिस और कोर्ट को दी थी। आरोप था कि मामले के बढ़ने के बाद विधायक समझौता करने का दबाव डाल रहे थे।

पीसीएस परीक्षा की तैयारी करने राजधानी आई पीड़िता ने कोर्ट में रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग वाली अर्जी देकर बताया था कि 9 सितंबर 2013 को आजमगढ़ से लखनऊ आते समय चारबाग स्टेशन पर उसकी मुलाकात संजय प्रताप जायसवाल से हुई। उन्हने स्वयं को डॉक्टर बताते हुए अपने सहयोगी अमरजीत मिश्रा तथा रिंकू जायसवाल से भी परिचय कराया था।

जान-पहचान बढ़ने पर आरोपी ने खुद को बस्ती से कांग्रेसी विधायक बताया तथा नौकरी लगवाने का आश्वासन देकर दारुलशफा स्थित अपने आवास पर ले आया। वहां आरोपी संजय प्रताप जायसवाल ने वादिनी को नौकरी का लालच देकर उसके साथ दुराचार किया तथा विवाह करने का आश्वासन दिया।

9 दिसंबर 2013 को जब विधायक की पत्नी व दो बच्चे दारुलशफा आए तब वादिनी को पता चला कि आरोपी पहले से ही विवाहित है।

एबीपी न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित ने पीड़िता को वाराणसी के एक होटल में बुलाया जहां पीड़िता के खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर उसके साथ कथित तौर पर दुराचार करने के बाद वीडियो बना लिया। इस मामले में विशेष न्यायाधीश पी के राय ने पक्षकारों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है।

वर्तमान विधायक संजय प्रताप जायसवाल पर इस आरोप के बाद, लोगों का मानना है कि, इस बार के विधानसभा चुनाव 2022 में रुधौली विधानसभा सीट से बीजेपी ने वर्तमान विधायक को पार्टी का टिकट न देकर इस बार उनकी पत्नी को इसी सीट से भाजपा के टिकट पर मैदान में उतारा है।

विधायक के इशारे पर गुंडागर्दी और डॉक्टर दंपति को धमकाने के भी लग चुके हैं आरोप

एबीपी न्यूज चैनल की एक रिपोर्ट के अनुसार, विधायक के लोगों द्वारा बस्ती जिले के एक डॉक्टर दंपति के साथ मारपीट करने का मामला भी सुर्खियों में आया था। मामले की पूरी वीडिओ यहां देखें:

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