Basti: पत्रकार के साथ पुलिस और राजनीति का यह खेल जिससे आत्मदाह करने की आ गयी नौबत

 Basti: पत्रकार के साथ पुलिस और राजनीति का यह खेल जिससे आत्मदाह करने की आ गयी नौबत

पत्रकार बृहस्पति को गिरफ्तार करके ले जाते पुलिसकर्मी- Basti Khabar

बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले बृहस्पति कुमार पाण्डेय अपने खांटी पत्रकारिता के साथ साथ तमाम सत्यकथा, मनोहर कहानियां, सरस सलिल सहित अनेकों पत्रिकाओं में अपने लेखों के माध्यम से जाने जाते हैं|

अपने परिवार और बच्चों के साथ काफी वर्षों पहले से ही गांव से शहर आकर रह रहे थे| लॉकडाउन के चलते लालगंज थाना क्षेत्र थरौली गांव चले आये| बृहस्पति के परिजनों द्वारा घर पर कोई भी निर्माणकार्य शुरू करते ही पट्टीदारों द्वारा विवाद करना नयी बात नहीं थी| लेकिन 24 मई को बृहस्पति के रहते घर पर मिटटी गिराने को लेकर पट्टीदारों द्वारा किया गया मार पीट एकदम अलग ही था| बृहस्पति के पिता जी नहीं हैं घर अपने और एक बड़े भाई के साथ महिलाएं व बच्चे थे| पट्टीदार विवाद के लिए पहले से तैयारी में थे|

बृहस्पति अपने जमीन में मिटटी गिरा रहे थे तभी पट्टीदारों ने हमला बोल दिया| पट्टीदारों ने बृहस्पति और उनके परिजनों को मारने के लिए रिश्तेदारों के कई लड़कों को भी बुलाया हुआ था| विवाद बढ़ते ही पट्टीदार के ओर से लोगों ने बृहस्पति और उनके भाई को पीटने लगे| बृहस्पति को मारते देख उनका 7 वर्षीय छोटा बेटा घर से बाहर निकला तो उसे भी पीट दिए| और पट्टीदार की ओर से आये लड़कों ने बृहस्पति के पत्नी के साथ अभद्रता व छेड़खानी की| देखते ही देखते घर और मकान के चारों तरफ ईंट – पत्थरों का ढेर भी लग गया|

अफरातफरी में बृहस्पति ने मामले में जान बचाने और पत्नी के साथ हुए वर्ताव की शिकायत को लेकर तहरीर लालगंज थाने पर दी गयी|

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-पहला आरोप शिकायती पत्र को पुलिस ने बदला
24 मई को हुए इस मामले की जो तहरीर बृहस्पति ने दी थी उसी तहरीर को उन्होंने ट्विटर पर ट्वीट भी किया था| बृहस्पति ने आरोप लगाया है की पुलिस ने उसदिन मामले की तहरीर को बदल कर साधारण मामला बनाते हुए दोषियों के खिलाफ एनसीआर दर्ज कर दिया है| जबकि बृहस्पति के 24 मई वाले तहरीर के अनुसार दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना था|

-दूसरा आरोप मामले की राजनीतिकरण
पत्रकार बृहस्पति के मामले को समाचार पत्रों व वेब समाचारों ने प्रकाशित भी किया था, जिसके कारण मामले की जानकारी जिले स्तर तक अधिकारीयों व अन्य लोगों को हो गयी| बृहस्पति का यह भी कहना है कि घटना के बाद राजनितिक लोग घर पर आकर सुलह का दबाव बनाने लगे जो जिले के सत्ताधारियों के काफी करीबी थे| उधर पुलिस ने मामले को रफा – दफा करने के लिए शिकायती पत्र ही बदलवा दिया|

-मामले की तहरीर को बदलने का अवसर
मारपीट की घटना के दूसरे दिन ही बृहस्पति के बड़ी माता जी का स्वर्गवास हो गया| जिसको लेकर परिजन दाह – संस्कार व शोक में पड़ गए| इसी का अवसर पाकर पुलिस ने मामले के दिन दिए तहरीर की जगह परिजनों से दूसरी तहरीर लिखवा ली| दूसरे शिकायती पत्र में घटना के मुख्य आरोपों को पुलिस हटा कर सामान्य झगडे का रूप देकर एनसीआर दर्ज कर लिया|

पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ उचित कार्यवाही न होता देख बृहस्पति ने कई बार यूपी पुलिस, बस्ती पुलिस व अन्य प्रशासनिक अधिकारीयों को अपनी तहरीर ट्वीट भी किया लेकिन नतीजा शून्य ही रहा|

घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी कार्यवाही के नाम पर राजनीति और पुलिस की हरकत से पीड़ित होकर बृहस्पति ने 28 मई की सुबह जिलाधिकारी कार्यालय पर आत्मदाह करने का फैसला ले लिया| सुबह होते ही बृहस्पति को पुलिस ने प्रशासनिक भवन के पास से गिरफ्तार कर लिया|

आत्मदाह करने से रोकते पुलिसकर्मी- Basti Khabar
आत्मदाह करने से रोकते पुलिसकर्मी- Basti Khabar

इस पूरे मामले की जानकारी वाले लोगों में पुलिस के रवैये के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है| फिलहाल एक पत्रकार द्वारा खुद के न्याय के लिए आत्मदाह करने की सूचना पर पत्रकारों ने पुलिसिया कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं|

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