बस्ती जिले के थानों पर बड़ा खुलासा: बस्ती जनपद में वसूली का अड्डा बन के रह गए पुलिस स्टेशन

  • रुधौली थाने पर पहुंचे फरियादियों के ऊपर दबाव बनाकर वसूली की जाती है।
  • गंभीर मामलों में बिना पैसा लिए नहीं शुरु होती पुलिस की कार्रवाई।
  • अपराधों का अल्पीकरण करने के लिए आए दिन बदल जाती है पीड़ितों की तहरीरें।

बस्ती। जनपद के रुधौली थाना क्षेत्र के ग्राम बारीजोत निवासी श्याम बिहारी मारपीट में घायल अपनी मां,पत्नी और भाभी के साथ दिन में लगभग दो बजे थाने पर पहुंचते हैं,और कार्रवाई हेतु अपना शिकायती पत्र थाने पर देना चाहते हैं। किंतु कोई उसे लेने के लिए तैयार नहीं होता। फटे सिर से बह रहे खून व टूटे हाथ के दर्द से कराह रही महिलाओं पर भी किसी को दया नहीं आती।

घायल अवस्था में दिन में 2 बजे से रात 10::३० बजे तक रुधौली थाने के बाहर बैठी रहीं महिलाएं/ Photo- Basti Khabar
घायल अवस्था में दिन में 2 बजे से रात 10::३० बजे तक रुधौली थाने के बाहर बैठी रहीं महिलाएं/ Photo- Basti Khabar

थाने का मुंशी सात सौ रुपए लेकर मामला दर्ज करने को तैयार तो होता है,किंतु पीड़ित की तहरीर बदलवा कर एनसीआर दर्ज की जाती है।रात दस बजे घायलों को मेडिकल चेकअप के लिए सीएचसी रुधौली भेजा जाता है। सीएचसी पर तीन हजार की मांग पर 1500 रुपए डाक्टर को देने बाद ही मेडिकल किया जाता है। पीड़ित द्वारा रुपयों से पेट नहीं भर पाने से नाराज डॉक्टर व पुलिस ने जिला अस्पताल रेफर होने की जानकारी चार दिनों छुपाए रखी।

घायल महिलाओं को असहनीय दर्द से परेशान परिजन उसे लेकर जब सीएचसी रुधौली पहुंचे, तब उन्हें बस्ती रेफर होने की जानकारी मिली। पैसा लेने के बाद 23जून को एक्स-रे हेतु पुलिस बस्ती ले जाती है। वहां पर भी दो हजार डाक्टर व छ सौ टेक्नीशियन को सुविधा शुल्क देना पड़ता है। उसके बाद ही एक्स-रे मे हड्डी टूटने की रिपोर्ट मिलती है। यह रिपोर्ट मिलने के 24 दिन बाद भी रुधौली पुलिस ने कोई उचित कार्यवाई नही की। इस मामले मे पीड़ित ने बताया कि रुधौली थाने के मुंसी, सिपाही, होमगार्ड ने मिलकर बारी बारी से तेरह सौ रुपए वसूल किए फिर भी हमें न्याय नही मिला।

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