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मुख्यमंत्री ने मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए की दो घोषणाएं, गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों ने किया तीख़े सवाल

मुख्यमंत्री ने मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए की दो घोषणाएं, गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों ने किया तीख़े सवाल
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मान्यता प्राप्त पत्रकारों में 70% प्रतिशत पत्रकारों पर ख़बर लिखने - पढ़ने से कोई मतलब न रखने का लगाया गया आरोप।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईएफडब्ल्यूजे की मांग पर पत्रकारों को पाँच लाख रू की धनराशि का बीमा व आकस्मिक निधन पर उनके परिजनों को दस लाख रुपये की सहायता राशि व कोरोना से मृत्यु होने पर दस लाख रू० देने की घोषणा की।
  • आई एफ डब्ल्यू जे के पत्रकार साथियों ने इस पर मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद दिया

लखनऊ। उत्तरप्रदेश के सूचना विभाग के नये दफ़्तर के उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों के लिये दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं | वरिष्ठ पत्रकार एवं इन्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट ( IFWJ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा0 के विक्रम राव एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री रामेश्वर पांडेय की उपस्थिति में ये घोषणा करते हुऐ मुख्यमंत्री ने पत्रकार साथियों का 5 लाख रुपये का बीमा एवं कोरोना से मृत्यु पश्चात 10 लाख रुपये की आर्थिक राशि दिए जाने की बात कही।

प्रदेश सरकार द्वारा बीमा सुविधा और यह सहायता राशि केवल मान्यता प्राप्त पत्रकारों को देने के की घोषणा के बाद जहां एक ओर मान्यता प्राप्त पत्रकारों द्वारा सीएम योगी के इस निर्णय के प्रति आभार व्यक्त किया गया। वहीं दूसरी ओर गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों ने सीएम योगी पर पत्रकारों को लेकर दोहरा मापदंड अपनाने और भेदभाव करने का आरोप भी लगाया है। प्रदेश सरकार के इस निर्णय के बाद सोशल मीडिया पर गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों ने इस निर्णय की आलोचना करते हुये सरकार से तीखे सवाल किए हैं।

पत्रकार बृजेश सिंह Twitter पर लिखते हैं कि: "70 % मान्यता प्राप्त पत्रकारों का लिखने पढ़ने से कोई लेना देना नहीं,सरकारी मानक है अगर कोई पूरा कर दे तो वह मान्यता प्राप्त कर सकता है इन लोगों का सरकार बीमा करायेगी। एक बार एक अफसर ने बताया था इसके हद में आने वाले की हरकत पर हवालात का भय कम रहता है साहब व सरकार ख़्याल रखते इनका"।

नवभारत टाइम्स के पत्रकार सुधीर मिश्रा लिखते हैं कि:, पत्रकारों को उत्तर प्रदेश में कोविड बीमा दिए जाने का आधार उनकी खबरों को बनाया जाना चाहिए न कि मान्यता को। सरकार को समझना होगा कि कस्बों, शहरों और राजधानी में ज्यादातर युवा पत्रकारों की मान्यता नहीं है। फील्ड में सबसे ज्यादा काम वही कर रहे हैं ,रिस्क पर रहते हैं।

IFWJ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने पत्रकार साथियों को पाँच लाख रू की धनराशि का बीमा व् आकस्मिक निधन पर उनके परिजनों को दस लाख रुपये की सहायता राशि व कोरोना से मृत्यु होने पर दस लाख रुपये दिए जाने पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ० के विक्रम राव ने बताया कि यूनियन के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान पत्रकार हित में तमाम मुद्दों को लेकर विस्तार से बातचीत की थी।

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