44.6 C
Uttar Pradesh
Wednesday, May 18, 2022

मंत्रिपरिषद के समक्ष गृह, कारागार, सचिवालय प्रशासन और नियुक्ति सहित अन्य विभागों की कार्ययोजना प्रस्तुतिकरण पर मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश

भारत

डॉ. एसके सिंह
डॉ. एसके सिंह
Dr. SK Singh is a senior journalist, he has also worked for Dainik Jagran and Amar Ujala's newspapers.

लखनऊ। मंत्रिपरिषद के समक्ष यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा दिशा-निर्देश के क्रम में उन्होंने कहा, सतत प्रयासों से कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग ने गत वर्षों में बंदियों के रचनात्मक कार्यों को बढ़ावा दिया गया है। कारागारों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। इसे और सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है।

● कारागारों की सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक तकनीक का उपयोग किया जाए। सौ दिनों में सात वीडियो कांफ्रेंसिंग इकाईयों का पुनर्स्थापन और कारागार मुख्यालय में मल्टी कांफ्रेंस यूनिट की स्थापना की जाए।

● जेलों में बंदियों के ओवर क्राउंडिंग की समस्या के निदान के लिए पुराने कारागारों में नए बैरक का निर्माण किया जाए। अमरोहा, संभल, शामली और मुजफ्फरनगर में जिला कारागार के निर्माण के लिए भूमि क्रय की जाए। अमेठी, हाथरस, औरेया, हापुड़, चंदौली, भदोही, अमरोहा, सम्भल, कुशीनगर, महोबा में जिला कारागार के निर्माण की कार्यवाही शुरू की जाए।

● बंदियों की समय-पूर्व रिहाई के संबंध में लागू वर्तमान नीति में संशोधन की जरूरत है। इसे अगले 100 दिनों में कर लिया जाना चाहिए।

● सरकार सभी विभागीय रिक्तियों को शीघ्रता से भरने के लिए प्रतिबद्ध है। रिक्त पदों पर समयबद्ध चयन के लिए समय से अधियाचन भेजने के लिए ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था की जाए।

● आगामी चयन वर्ष की सीधी भर्ती के लिए सभी विभागों द्वारा अधियाचन 31 मई से पूर्व भेजा जाए, ताकि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा सके।

● पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन के लिए आगामी सौ दिवसों में प्रदेश में कार्मिकों के पटल परिवर्तन की प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। ज्येष्ठता आधारित विभागीय प्रोन्नतियों में एकरूपता के लिए उपयुक्तता का मानक निर्धारित किया जाए।

● समय से पदोन्नति न होने से कार्मिक के मनोबल पर प्रतिकूल असर पड़ा है। सभी विभागों में सभी विभागीय प्रोन्नतियां 30 सितम्बर तक किया जाना सुनिश्चित करें। वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक के लिए वार्षिक स्थानान्तरण नीति वर्तमान माह के अंत तक जारी की जाए।

● विभागों के सीधी भर्ती के सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य रूप से इंडक्शन ट्रेनिंग की व्यवस्था लागू करें। हर प्रशासनिक विभाग द्वारा इंडक्शन ट्रेनिंग माड्यूल और वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार करें।

● एक वर्ष में सभी समूह ‘क’ एवं ‘ख’ के कार्मिकों की वार्षिक प्रविष्टि और संपत्ति विवरण को साफ्टवेयर प्रणाली से करने की व्यवस्था करें।

● होमगार्ड विभाग ने सतत प्रयासों से गत वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। होमगार्ड पुलिस बल के सहायक के रूप में अपनी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी कार्य कुशलता और दक्षता में निरंतर प्रगति होनी आवश्यक है।

● होमगार्ड स्वयंसेवकों को आयुष्मान भारत योजनांतर्गत स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिलाया जाना चाहिए। इस संबंध में विचार किया जाए।

● महिला हेल्प डेस्क पर सैनेटरी नैपकीन डिस्पेंसर और इंसेमिनेटर कि सुविधा होनी चाहिए। 1090 को पब्लिक सेफ्टी अवेयरनेस पॉइंट का दर्जा दिया जाए।

● बाल यौन शोषण से जुड़े अति संवेदनशील प्रकरणों में अतिरिक्त संवेदनशीलता अपेक्षित है। अभियोजन को और मजबूत किए जाने की जरूरत है।

● लखनऊ में फोरेंसिक इंस्टिट्यूट की स्थापना हो रही है। साइबर अपराध की वर्तमान स्थिति को देखते हुए लखनऊ में डिजिटल फोरेंसिक लैब व परिक्षेत्र पर साइबर फोरेंसिक लैब की स्थापना कराई जाए। प्रत्येक जनपद में फॉरेंसिक फील्ड यूनिट स्थापित कराई जाए। इसी प्रकार, हर थाने पर साइबर हेल्प डेस्क का गठन हो। साइबर थानों में नियुक्त कार्मिकों को फोरेंसिक प्रशिक्षण भी दिलाया जाना चाहिए।

● नागरिक केंद्रित यूपी कॉप और बीट प्रहरी एप को और प्रभावी बनाये जाने की जरूरत है।

◆ इंसिडेंट कमांड कंट्रोल के लिए सभी जिलों में हाईटेक लॉ एंड ऑर्डर क्यूआरटी स्थापित कराए जाएं। डिजिटल वालंटियर सी-प्लान एप से 20 लाख लोगों को जोड़ने की कार्यवाही हो।

● शुचिता और पारदर्शिता के साथ पुलिस विभाग में रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए। महिला पुलिस कार्मिकों की संख्या दोगुना करने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं।

● प्रत्येक विकास खंड स्तर पर अग्निशमन एवं जीवनरक्षा हेतु 100 स्वयंसेवकों को तैयार कर आवश्यक ट्रेनिंग दिलाई जाए। तहसील स्तर पर अग्निशमन केंद्र स्थापित करने के प्रयास हों। आपद्काल ने रिस्पॉन्स टाइम को और कम किया जाए।

● मेट्रो रेल की सुरक्षा के लिए यूपीएसएसएफ की टीम को प्रशिक्षित किया जाए। सहारनपुर, मथुरा, प्रयागराज, और गोरखपुर में यूपीएसएसएफ की एक-एक  बटालियन का गठन किया जाए।

● सीतापुर में स्थापित पीएसी की तीन वाहिनियों में से एक को अयोध्या और मुरादाबाद की एक वाहिनी को संभल में तैनात करना उचित होगा। इस दिशा में विचार किया जाए।

● जनपद बदायूं और लखनऊ में क्रमशः अवंतीबाई और उदा देवी जी के नाम पर गठित महिला पीएसी बटालियन का संचालन आगामी 02 वर्ष में शुरू कर दिया जाए।

● यातायात नियमों के उल्लंघन पर दंड स्वरूप निर्धारित चालान की राशि को स्पॉट पर ही जमा करने की सुविधा दी जाए। डेबिट/क्रेडिट कार्ड से भुगतान की व्यवस्था हो।

● जनपद मेरठ में कोतवाल धन सिंह गुर्जर स्टेट ऑफ आर्ट पुलिस ट्रेनिंग स्कूल की स्थापना की कार्यवाही की जाए।

Advertisement
- Advertisement -

सबसे अधिक पढ़ी गई

- Advertisement -

ताजा खबरें