Basti Coronavirus Update: कोरोना से बचाव हेतु सोशल डिस्टेसिगं, मास्क लगाना काफी प्रभावी

वैक्सीन नही बनी, बचाव ही एकमात्र उपाय

बस्ती। प्रदेश के दुग्ध आयुक्त एवं जिले के नोडल अधिकारी शशि भूषण लाल सुशील ने कोरोना वायरस से जंग के खिलाफ एकजुट होकर प्रयास करने का निर्देश दिया है। पुलिस लाइन सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना अभी भी काफी प्रभावी है। इसलिए इसको बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है। मास्क लगाने के लिए लोगों को जागरूक करें।

शासन द्वारा कोरोना वायरस से बचाव के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अपना कार्य करना होगा। प्रत्येक कार्य स्थल पर कोविड हेल्पडेस्क स्थापित कर लोगों को सजग करना होगा। उन्होंने कहा कि इसकी अभी वैक्सीन नही बनी है, इसलिए बचाव ही एकमात्र उपाय हैं।

उन्होंने जोर दिया कि गंभीर बीमारियों के लोगों जिसमें 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं तथा डायबिटीज, कैंसर, टीवी या अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों को कोरोना वायरस से बचाने की विशेष आवश्यकता है। यह संतोष की बात है कि जिले में ऐसे लोगों की नियमित निगरानी, निगरानी समिति द्वारा की जा रही है।

उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि जिले में सर्वाधिक लोगों की सैंपलिंग कराई गई है। कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की गई है तथा अधिक से अधिक लोगों का जांच कराकर उनका इलाज किया गया है। इसको आगे भी जारी रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सांस के गंभीर रोगियों की सूची तैयार कर उनकी भी नियमित रूप से मॉनिटरिंग किए जाने की आवश्यकता है।

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उन्होंने जिले में कोरोना वायरस से बचाव के लिए आवश्यक संसाधनों स्टाफ, दवा, उपकरण आदि के बारे में जानकारी प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सीएचसी एवं पीएचसी पर ओपीडी में आने वाले मरीजों का सैंपल लेकर उसकी जांच कराई जाए, ताकि संभावित कोरोना वायरस मरीज की पकड़ हो सके।

उन्होंने संचारी रोग अभियान तथा दस्तक अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि स्वास्थ्य, ग्राम विकास, पंचायत, कृषि, पशुपालन विभाग आपसी समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में एवं नगर विकास विभाग शहरी क्षेत्रों में कार्रवाई पूर्ण करे, ताकि संचारी रोगों पर भी नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि पिछले 3 वर्षों में संचालित इस अभियान के कारण जेई/एईएस के मरीजों में भारी कमी आई है। उन्होंने इस दौरान स्वच्छता अभियान गंभीरता से संचालित किए जाने का निर्देश दिया।

लॉकडाउन के दौरान जिले में आए लगभग 1 लाख 9000 प्रवासी मजदूरों का डाटाबेस तैयार करने तथा स्किल मैपिंग कराने पर संतोष व्यक्त किया। उन्हें अवगत कराया गया कि मनरेगा, एनआरएलएम तथा अन्य रोजगार परियोजनाओं के अलावा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित ऋण योजनाओं के द्वारा इन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए सहायता दी जा रही है। विभिन्न विभागों द्वारा इन्हें ट्रेनिंग दिलाकर प्रशिक्षित भी किया जा रहा है।

डीएम आशुतोष निरंजन ने लॉक डाउन की अवधि में की गई कार्रवाई से अवगत कराते हुए बताया कि महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा पीपी किट तथा मास्क भारी संख्या में तैयार करा कर उपलब्ध कराए गया है। प्रवासी मजदूरों को खाद्यान्न किट रू०1000 की आर्थिक सहायता रु०500 महिला खाताधारकों को भी उपलब्ध कराया गया है।

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बैठक में सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका, एडीएम रमेश चंद्र, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ० नवनीत कुमार, सीएमओ डॉ० एके गुप्ता, डॉ० सीएल कनौजिया एवं विभागीय अधिकारी गण उपस्थित रहे।

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