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कोरोना वायरस के संदिग्ध ने दिल्ली के अस्पताल की सातवीं मंजिल से कूदकर जान दी

कोरोना वायरस के संदिग्ध ने दिल्ली के अस्पताल की सातवीं मंजिल से कूदकर जान दी
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दिल्ली का सफदरजंग अस्पताल. यहां कोरोना वायरस के संदिग्ध आदमी ने 18 मार्च की शाम कथित तौर पर सुसाइड कर लिया. पुलिस कंट्रोल रूम को आई कॉल के मुताबिक, आदमी ने अस्पताल की सातवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी. वो 35 बरस का था.

वो कोरोना पॉजिटिव था या नहीं, ये कन्फर्म नहीं था. केवल संदिग्ध के तौर पर 17 मार्च (मंगलवार) की रात अस्पताल में उसे भर्ती किया गया था. पिछले करीब एक साल से ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में रह रहा था. मंगलवार को फ्लाइट नंबर- AI-301 से भारत लौटा था. एयरपोर्ट पर उसे सिरदर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद अधिकारियों ने उसे कोरोना वायरस संदिग्ध के तौर पर अस्पताल पहुंचाया. वहां तुरंत ही उसे आइसोलेशन वार्ड में रख दिया गया था.

अस्पताल का कहना है कि आदमी के सैंपल लेकर उन्हें टेस्टिंग के लिए भेजा गया था, लेकिन रिपोर्ट नहीं आई थी. सुसाइड के मामले पर अस्पताल का कहना है कि उस शख्स ने ही ज़बरन आइसोलेशन वार्ड का दरवाजा खोला और सातवीं मंजिल से कूद गया.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुसाइड करने वाला व्यक्ति पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर ज़िले का रहने वाला था. एयरपोर्ट पर उसका परिवार उसे रिसीव करने पहुंचा था. इस वक्त वो सभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं. पुलिस जल्द ही उन लोगों से बात करेगी.

सुसाइड करने वाला आदमी केवल कोरोना वायरस का संदिग्ध था, रिपोर्ट्स आने के पहले ही उसने सुसाइड कर लिया. जो लोग कोरोनावायरस से ग्रसित नहीं हैं, वो उसके डर से जूझ रहे हैं. और ये कोई आम डर नहीं है. इसको बाकायदा एक नाम दिया गया है. ‘कोरोना स्ट्रेस’. या ‘कोरोना एंग्जायटी’.

क्या है ‘कोरोना स्ट्रेस’

कोरोना को लेकर लोगों में हद से ज़्यादा डर भर गया है. और इसके कारण हो रहा है ‘कोरोना स्ट्रेस’. इसका सीधा असर पड़ रहा है आपकी मानसिक हालत पर.

हमने बात की डॉक्टर निमेश देसाई से. वो एक मनोचिकित्सक हैं. साथ ही मानव व्यवहार एवं सम्बद्ध विज्ञान संस्थान के डायरेक्टर भी हैं.

उन्होंने हमें बताया-

‘कोरोना स्ट्रेस. बहुत लोग इस से ग्रसित हैं. आसान भाषा में कहें तो ये कोरोना वायरस को लेकर बैठे डर के कारण है. जैसे कहीं हमें तो कोरोना नहीं हो गया? हो गया तो क्या होगा? मेरे परिवारवाले या दोस्तों को हो गया तो? ये सोच-सोचकर लोग डर रहे हैं. स्ट्रेस ले रहे हैं. आपको अंदाज़ा नहीं है कि लोग किस हद तक स्ट्रेस ले रहे हैं. इतना घबरा रहे हैं कि उन्हें एंग्जायटी हो रही है. और इसका असर पड़ रहा है उनकी हेल्थ पर. उनकी मेंटल हेल्थ पर. और हां, उनके इम्यून सिस्टम पर.’

भारत में कोरोना के अब तक 137 मामले सामने आ चुके हैं और तीन लोगों की मौत हो चुकी है. फोटो: PTI
भारत में कोरोना के अब तक 169 मामले सामने आ चुके हैं और तीन लोगों की मौत हो चुकी है. फोटो: PTI

कैसे निपटें ‘कोरोना स्ट्रेस’ से

डॉक्टर निमेश देसाई ने हमें कुछ टिप्स बताईं. उनके मुताबिक, जो चीज़ें आपके कंट्रोल में हैं उनक पर फोकस करें. जैसे- सफ़ाई. अपने आसपास सफ़ाई रखिए. कोरोना से बचने के जो सही उपाय बताए जा रहे हैं, उन्हें सख्ती से फॉलो करिए.

-सोशल मीडिया और मीडिया से थोड़ी दूरी बना लीजिए. जो चीज़ आपके कंट्रोल में नहीं है, उसके बारे में हर मिनट सुनने से या पढ़ने पर आपको स्ट्रेस होगा. उससे निपटने के लिए ज़रूरी है कि आप अपने दिमाग को थोड़ा रेस्ट दीजिए.

-अफ़वाहों पर यकीन मत करिए. ये आपको और डरा देंगी. अगर आपको कुछ नया पता चलता है, जिससे आपको स्ट्रेस हो रहा है तो किसी एक्सपर्ट से बात करिए. अपनी ग़लतफ़हमी दूर करने की कोशिश करिए.

-अगर आपको दुख, रोना, डिप्रेशन, गुस्सा, हताशा जैसी फीलिंग्स महसूस हो रही हैं तो उन्हें कहीं लिखिए. लिखिए आपको क्या महसूस हो रहा है.

-सोशल मीडिया पर कोविड-19 के बारे में पढ़ने से बेहतर है आप वो काम करिए जिससे आपको शांति मिलती है. अच्छा लगता है. जैसे फ़िल्में देखिए. गाने सुनिए. किताबें पढ़िए. सोइए. इसे अपने लिए एक डाउन टाइम की तरह देखिए. यानी इस दौरान वो करिए जिसे करना का समय आपको वैसे नहीं मिलता था.

-अपने दोस्तों और परिवारवालों से बात करते रहिए.

-जमकर आराम करिए.

-हेल्दी खाना खाइए.

-एक्सरसाइज करिए.

-और मुद्दों के बारे में सोचिए. कोरोना के अलावा. उनपर बात करिए.

-पॉजिटिव सोचिए.

-सही जानकारी हासिल करिए.

अब तक भारत में कोरोना के कितने मामले?

Worldometer के मुताबिक, दुनियाभर में कोरोना के 219,087 मामले आ चुके हैं. 8,961 लोगों की मौत हो चुकी है. भारत में 169 कन्फर्म मामले आए हैं. तीन की मौत हो चुकी है. महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 42 मामले सामने आए हैं.

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