Top

कोरोनावायरस से शेयर बाजार खौफजदा- 10 लाख करोड़ रुपए एक घंटे में स्वाहा, एशियाई बाजार में बड़ी गिरावट

बीएसई के प्रमुख सेंसेक्स सूचकांक में 2,991.85 अंक या 10 प्रतिशत की गिरावट हुई, कारोबार को 45 मिनट के लिए रोका गया. दुनिया भर में आर्थिक राहत पैकेज की कवायद नाकाम.

नई दिल्ली: कोरानावायरस बढ़ते मामलों और देशभर में किए जा रहे लॉकडाउन का असर शेयर बाजार में साफ तौर पर देखा जा सकता है. सोमवार को शुरुआती एक घंटे के कारोबार के दौरान निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति डूब गई. इस दौरान बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली और प्रमुख सूचकांक 10 प्रतिशत से अधिक टूट गए. वहीं एशियाई बाजारों के शेयर में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है.

कोरोनावायरस (कोविड-19) के बढ़ते मामलों ने बाजार की धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है. इसके चलते इक्विटी बाजारों में सप्ताह की शुरुआत बड़े पैमाने पर बिकवाली के साथ हुई.

बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण कारोबार को 45 मिनट के लिए रोके जाने से ठीक पहले 10,29,847.17 करोड़ रुपये घटकर 1,05,79,296.12 करोड़ रुपये रह गया.

बीएसई के प्रमुख सेंसेक्स सूचकांक में 2,991.85 अंक या 10 प्रतिशत की गिरावट हुई, जिसके बाद कारोबार को 45 मिनट के लिए रोक दिया गया.

बीएसई सेंसेक्स के सभी शेयर घाटे में थे. एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक और बजाज फाइनेंस में जोरदार गिरावट हुई.

बैंक, रियल्टी और वित्त क्षेत्र के शेयरों में भारी नुकसान देखने को मिला. सूचकांक में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाले आरआईएल में 11.57 फीसदी और टीसीएस में 5.84 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.

शेयर बाजार में कारोबार बहाल होने के बाद से ही गिरावट जारी

घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को कारोबार थमने के 45 मिनट बाद फिर शुरू हुआ. इसके बावजूद बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स में 3,186 अंक का गोता लगा गया जबकि एनएसई निफ्टी 7,900 के स्तर के नीचे आ गया.

कारोबार शुरू होने के पहले घंटे में सेंसेक्स में 10 प्रतिशत की गिरावट और ‘लोअर सर्किट’ को छूने के बाद कारोबार को 45 मिनट के लिये रोक दिया गया था.

बाजार में भारी गिरावट को रोकने के लिये एक स्वचालित व्यवस्था बनायी गयी है. इसके तहत अगर शेयर बाजार दोपहर एक बजे से पहले 10 प्रतिशत गिरता है तो कारोबार को 45 मिनट के लिये रोक दिया जाता है.

इस बीच, बाजार में कारोबार शुरू होने के बाद गिरावट का सिलसिला जारी रहा और बीएसई सेंसेक्स 3,185.84 अंक यानी 10.65 प्रतिशत लुढ़क कर 26,730.12 अंक पर पहुंच गया. कारोबार के दौरान यह 26,645.83 अंक के न्यूनतम स्तर तक गया.

इसी प्रकार, एनएसई निफ्टी 923.95 अंक यानी 10.56 प्रतिशत का गोता लगाकर 7,821.50 अंक पर पहुंच गया.

एक्सिस बैंक में सर्वाधिक 21 प्रतिशत तक की गिरावट आयी. इसके अलावा इंडसइंड, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट और कोटक बैंक में गिरावट दर्ज की गयी.

कोरोना महामारी बढ़ने के साथ ही एशियाई बाजारों में भारी गिरावट

एशियाई बाजारों सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान भारी गिरावट हुई. दुनिया भर में आर्थिक राहत पैकेज की कवायद भी बाजार की धारणा को सुधार नहीं सकी.

अमेरिका में खरबों डॉलर के आपातकालीन राहत पैकेज को सासंदों की मंजूरी नहीं मिलने से बाजार में नकारात्मक घारणा को बल मिला.

कोरोनावायरस से दुनिया भर में मौत का आंकड़ा 14,300 से अधिक हो गया है और करीब एक अरब लोग अपने घरों में कैद हैं. आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी व्यवसाय बंद हैं और भारी मंदी की आशंका गहरा रही है.

न्यूजीलैंड में चार सप्ताह के लिए बंदी की घोषणा से वेलिंगटन ने 9.3 प्रतिशत का नुकसान उठाया. हांगकांग में हैंग सेंग सूचकाकं 3.7 फीसदी, सिडनी छह फीसदी, शंघाई 2.5 फीसदी और ताइवान 2.8 फीसदी गिरा.

सिंगापुर में 7.5 फीसदी, जकार्ता में चार फीसदी और सियोल में 3.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.

हालांकि, डॉलर के मुकाबले येन के सस्ता होने से टोक्यो में 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.

अर्थशास्त्री और विश्लेषक अब इस बात को लेकर चिंतित हैं कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महामारी का गहरा प्रभाव हो सकता है और सामाजिक संतुलन के उपायों और बंदी के कारण कई उद्योगों को गंभीर नुकसान हो रहा है.

ब्लूमबर्ग न्यूज के मुताबिक गोल्डमैन सॉक्स, मॉर्गन स्टेनली और जेपी मॉर्गन चेस ने अमेरिकी की जीडीपी में गिरावट का अनुमान जताया है.

Next Story
Share it