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Monday, February 6, 2023

बेटियाँ दो कुलों को रौशन करती हैं इन्हें बचाना हमारी जिम्मेदारी

भारत

डॉ. एसके सिंह
डॉ. एसके सिंह
Dr. SK Singh is a senior journalist, he has also worked for Dainik Jagran and Amar Ujala's newspapers.

बस्ती।राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर स्वामी दयानंद विद्यालय बस्ती में बालिकाओं के द्वारा वैदिक यज्ञ कर लोगों को बालिका सुरक्षा, सहायता व सशक्तिकरण के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए आर्य समाज के प्रधान ओम प्रकाश आर्य ने कहा कि बेटियां दो कुलों को रौशन करती हैं। हमें इनकी सुरक्षा के लिए संकल्पित रहना चाहिए। इन्हें बचाना व स्वावलंबी बनाना हमारी जिम्मेदारी है। आर्य समाज ने बालिकाओं की शिक्षा के लिए गुरुकुल खोले, ज्ञान विज्ञान क्रिया कौशल सिखाकर रोजगार के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभाई है। आज हमारी बेटियों को बहकावे में आने से बचना चाहिए जिससे उनका किसी प्रकार का शोषण न होने पाए। इसके लिए उन्हें खुद तैयार होना चाहिए।

इस अवसर पर योग शिक्षक प्रशिक्षक गरुण ध्वज पाण्डेय ने यज्ञ कराते हुए बेटियों को शिक्षा के साथ आत्मरक्षा के गुर सीखने में आर्य वीरांगना दल की भूमिका की चर्चा की। कहा कि आर्य समाज आर्य वीरांगना शिविरों का आयोजन करके उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर बालिकाओं द्वारा आत्मरक्षा के साथ साथ साहसपूर्ण तरीके से परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने के लिए संकल्प लिया गया।

प्रधानाध्यापक आदित्यनारायन गिरि ने बताया कि राष्ट्रीय बालिका दिवस भारत में हर साल 24 जनवरी को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत महिला एवं बाल विकास, भारत सरकार ने 2008 में की थी। इस दिन को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें सेव द गर्ल चाइल्ड, चाइल्ड सेक्स रेशियो, और बालिकाओ के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण बनाने सहित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाता है लेकिन हमें इसे धरातल पर उतारने का प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर अनीशा मिश्रा, साक्षी, आकृति दुबे, प्रियंका गुप्ता, शिवांगी, कुमकुम, अंशिका आदि ने कार्यक्रम में सहयोग किया।

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