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गुजरात: कोरोना वायरस के संदिग्ध को अस्पताल में अलग-थलग रखा था, मौका पाते ही भाग गया

चीन में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. भारत में भी कोरोना वायरस के तीन मरीजों की पुष्टि हो गई है. जो भी चीन से भारत लौट रहा है या पिछले दिनों लौटा है, उनका मेडिकल चेकअप कराया जा रहा है. जो मरीज वायरस से ग्रस्त होने के संदिग्ध लग रहे हैं, उन्हें आइसोलेशन में रखकर उनका चेकअप हो रहा है. गुजरात के सूरत में भी एक आदमी को सिविल अस्पताल में अलग-थलग रखा गया था, उसका मेडिकल टेस्ट हो रहा था. लेकिन 4 फरवरी की शाम वो आदमी मौका पाते ही अस्पताल से भाग निकला.

संदिग्ध मरीज की उम्र 41 साल है. सूरत के वराछा का रहने वाला है. 19 जनवरी को ही चीन से लौटा था. तीन-चार दिन पहले सर्दी-जुकाम और बुखार होने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था. आइसोलेटेड वार्ड में रखा गया था, जहां से मौका पाते ही वो भाग निकला. इस वक्त सूरत के दो थानों की पुलिस संदिग्ध मरीज की तलाश कर रही है, लेकिन वो मिला नहीं है.

कोरोना वायरस के कितने केस सामने आए?

भारत में अब तक तीन कन्फर्म्ड मामले सामने आ चुके हैं. तीनों ही केस केरल के हैं. तीनों मरीज चीन के वुहान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं. कुछ दिन पहले ही भारत वापस आए थे.

फिलहाल कोरोना से प्रभावित सभी मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में रखा जा रहा है. चीन से जिन भारतीयों को वापस लाया गया है, उनका भी कम्प्लीट मेडिकल चेकअप करके ही उन्हें घर भेजा जा रहा है. इस तरह के चेकअप के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बाकायदा कैंप लगाए गए हैं. इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय भी लगातार ट्विटर पर लोगों को जागरूक करने का काम कर रहा है. ट्रेवल एडवाइजरी भी समय-समय पर जारी की जा रही है.

चीन में कोरोना से 490 से ज्यादा मौतें

चीन में कोरोना से अभी तक 490 लोगों की मौत हो चुकी है. ये आंकड़े 4 फरवरी की शाम तक के हैं. इसके अलावा 24,324 कन्फर्म मामले सामने आए हैं. दुनियाभर में 15 हजार से ज्यादा लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) तो इसे ‘ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी’ करार दे चुका है.

कोरोना वायरस फैलने की शुरुआत जनवरी में चीन के वुहान शहर से हुई थी. इसके बाद ये एशिया में तो फैल ही रहा है, साथ ही अमेरिका तक भी संदिग्ध मरीज मिल रहे हैं.

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