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दिल्ली हिंसा में मरने वाले हर तीसरे शख्स को गोली कैसे लगी?

दिल्ली हिंसा में मरने वालों की तादाद 27 फरवरी, गुरुवार को 38 तक पहुंच गई. अस्पताल के अधिकारियों ने अब तक 29 शवों की पहचान कर ली है. पुलिस ने मृतकों और घायलों सहित लगभग 250 पीड़ितों की एक लिस्ट तैयार की है.

The Indian Express में छपी एक ख़बर के मुताबिक़, दिल्ली पुलिस ने जो लिस्ट तैयार की है, उसमें मरने की वजह गोलियों से घाव, आग से जलना, एसिड अटैक और चाकू घोंपा जाना बताया गया है. इस ख़बर में कहा गया है कि कुल 82 लोगों को गोली लगी है.

# और क्या है ख़बर में

इस ख़बर में कहा गया है कि पुलिस को अब तक जांच में 350 ख़ाली कारतूस मिले हैं. .32 mm, .9 mm और .315 बोर के ख़ाली कारतूस पुलिस को जांच में मिले हैं.

पुलिस के एक अधिकारी ने The Indian Express से बातचीत में बताया कि पुलिस इस सवाल का जवाब तलाश रही है कि मरने वालों में हर तीसरे आदमी की मौत गोली लगने से कैसे हुई? साथ ही पुलिस के सामने बड़ा सवाल ये भी है कि इतने सारे हथियार दंगाइयों के पास कहां से आए?

इसी पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस की शुरुआती जांच में ये बात सामने आ रही है कि छोटे अपराधियों ने देसी ग़ैर लाइसेंसी हथियार दंगाइयों तक पहुंचाए. अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि छोटे अपराधियों ने देसी हथियार बेरोज़गार युवाओं और मजदूरों को देकर हिंसा के लिए उकसाया. जांच में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस को इस बात के सबूत मिले हैं कि स्थानीय अपराधी, जो पहले डकैती, स्नैचिंग और पॉकेटमारी जैसे अपराधों में जेल जा चुके हैं, उन्होंने ही हथियार और गोला-बारूद खरीदकर लोकल लोगों तक पहुंचाया.

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