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Uttar Pradesh
Wednesday, November 30, 2022

स्वतन्त्रता ही खतरे में पड़ी तो हम और हमारा धर्म कहीं भी नही रहेंगे

भारत

डॉ. एसके सिंह
डॉ. एसके सिंह
Dr. SK Singh is a senior journalist, he has also worked for Dainik Jagran and Amar Ujala's newspapers.

बस्ती। ‘स्वाधीनता’ एक ऐसा शब्द है जो भारत के प्रत्येक भारतवासी के रगो में खून बन कर दौड़ता है। यदि देश की स्वतन्त्रता ही खतरे में पड़ जायेगी तो हम और हमारा धर्म कही भी नही रहेगे। हमें उन बातों को प्रोत्साहित करना है जिससे एकता की भावना मजबूत होती है, उक्त बातें आजादी के अमृत महोत्सव पर स्वामी दयानन्द पूर्व माध्यमिक विद्यालय, सुर्तीहट्टा बस्ती में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए वैदिक प्रवक्ता आचार्य ओमव्रत ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहे।

इससे पूर्व कार्यक्रम का संचालन करते हुए अदित्यनारायन गिरि ने ज्ञानवर्धक बातों से बच्चों को प्रेरणा दी। संस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए बच्चों ने देशभक्ति, संस्कृत प्रचार आदि संबंधी कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए क्रांतिकारियों से सम्बंधित नाटक प्रस्तुत कर अभिभावकों का मन मोह लिया।

विद्यालय के प्रबन्धक ओम प्रकाश आर्य ने कहा कि आज हमें हर कार्य में स्वतंत्रता है पर यह आजादी कैसे आई और कैसे बचेगी? इस पर हमें विचार करना चाहिए। महर्षि दयानंद का स्वतंत्रता में योगदान की चर्चा करते हुए अमर हुतात्मा क्रांतिकारियों के बारे में बताया।

विशिष्ट अतिथि पंडित नेम प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि स्वाधीनता सबसे बड़ा सुख एवं पराधीनता सबसे बड़ा दुख है। हममें से प्रत्येक व्यक्ति भारतवर्ष है और यहां का प्रत्येक कण भारतभूमि है इसलिए भारत के उत्थान के लिए हमें पूरा प्रयत्न करना होगा। यहां रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति भारतवासी है जो अपने प्राणों से भी अधिक अपने वतन को प्यार करता है।

शिक्षक अनूप कुमार त्रिपाठी ने कहा कि, देश की एकता के लिए पूरे देश का एक अभिवादन ‘नमस्ते’ होना चाहिए और खासकर अंग्रजी माध्यम के विद्यालयों में इसे सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। भारतीयों के जीवन में पाश्चात्य संस्कृति का व्यवहार भारत के पुनः गुलामी का कारण है। दिनेश कुमार मौर्य ने बच्चों को राष्ट्रहित में आत्मोन्नति का संकल्प दिलाया।

इस अवसर पर अरविन्द श्रीवास्तव ने बच्चों स्वतंत्रता का इतिहास बताकर उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया तथा बच्चों से स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग की प्रेरणा दी। अन्त में प्रधानाचार्य गरुण ध्वज पाण्डेय ने उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्ति किया। पुरस्कार व मिष्ठान्न पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम में अनीशा पाण्डेय, अंशिका, प्रियंका, साक्षी कुमारी, शिवांगी, नितेश कुमार आदि शिक्षकों ने सहयोग किया।

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