पाकिस्तान में हिंदू लड़की का धर्म बदलवाकर जबरन शादी हुई तो भारत ने ऐसे समझाया

 पाकिस्तान में हिंदू लड़की का धर्म बदलवाकर जबरन शादी हुई तो भारत ने ऐसे समझाया

पाकिस्तान में हिंदू लड़की का धर्म बदलवाकर जबरन शादी हुई तो भारत ने ऐसे समझाया – Basti Khabar

28 जनवरी को भारत ने पाकिस्तान हाई कमीशन के एक अधिकारी को समन भेजा. समन पाकिस्तान में हिंदू लड़की का अपहरण करके ज़बरन इस्लाम कुबूल करवाए जाने की घटना से जुड़ा हुआ है. भारत ने कड़े शब्दों में आपत्ति जताई.

भारत ने पाकिस्तान सरकार से इस मामले में कठोर जांच की मांग की. साथ ही ये भी कहा कि पाकिस्तान अपने नागरिकों, जिनमें अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लोग भी शामिल हैं, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द एक्शन ले. घटना में शामिल लोगों के खिलाफ जल्द से जल्द कठोर कदम उठाए जाने की मांग भी की.

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी ने इस मामले में जानकारी देते हुए कहा,

‘भारत ने पाकिस्तान हाई कमीशन के एक अधिकारी को समन किया. सिंध प्रांत की हाला सिटी में लोकल पुलिस की मदद से एक हिंदू लड़की का उसकी शादी के दौरान अपहरण होने की घटना की कड़ी निंदा की.’

क्या है पूरा मामला?

करीब दो दिन पहले पाकिस्तान के सिंध प्रांत से एक खबर आई थी. ये कि हाला सिटी में 25 जनवरी के दिन 24 साल की एक हिंदू लड़की की शादी हो रही थी. उसी वक्त कुछ लोगों ने उसका अपहरण कर लिया. इसमें लोकल पुलिस ने भी उन लोगों का साथ दिया. लड़की को ज़बरन इस्लाम कुबूल करवाया गया और उसकी शादी शाहरुख गुल नाम के लड़के से करवा दी गई.

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लाल गोले में पाकिस्तान का सिंध प्रांत. फोटो- गूगल मैप.

ऑल पाकिस्तान हिंदू काउंसिल (APHC) ने 26 जनवरी को इस मामले को सामने लाया. कहा कि लड़की को जबरन इस्लाम कुबूल करवाया और शादी करवा दी गई. खबर मीडिया में आई तो हंगामा हुआ. भारत तक भी बात पहुंची, तो फिर समन जारी किया गया. वहीं पाकिस्तान के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री हरी राम किशोर ने 28 जनवरी को मामले पर ध्यान दिया और पुलिस से रिपोर्ट मांगी.

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इधर शाहरुख गुल ने सोशल मीडिया पर कुछ दस्तावेज डाले. दावा किया कि लड़की ने पिछले साल दिसंबर में ही इस्लाम अपना लिया था और उससे शादी कर ली थी. दस्तावेज में धर्म बदलने की जगह कराची का बनोरी टाउन बताया गया है. पाकिस्तान पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि क्या लड़की दस्तावेज में मेंशन तारीख पर कराची गई थी या नहीं?

खैर, ये मामला तो पाकिस्तान का है, लेकिन अगर इसी तरह का मामला भारत में हो, तो लड़की के पास क्या अधिकार होंगे, ये जानना जरूरी है. हमने सुप्रीम कोर्ट की वकील विजया लक्ष्मी से बात की. उनसे हुई बातचीत आगे पढ़िए-

# सवाल- जबरन शादी करवाई गई हो, तो लड़की के पास क्या अधिकार होंगे?

जवाब- पहली बात आप किसी के ऊपर दबाव बनाकर शादी नहीं करवा सकते. अगर आपसे जबरन शादी करवाई गई है, गन-पॉइंट पर शादी करवाई गई है, तो आप उस शादी की वैधता को कोर्ट में चैलेंज कर उसे अमान्य घोषित करवा सकते हैं.

जबरदस्ती किसी का धर्म परिवर्तन करवाकर उसकी शादी करवाना अपराध है. इस मामले को लेकर भी आप कोर्ट जा सकते हैं. कोर्ट के जरिए आप शादी को अमान्य घोषित करवा सकते हैं. इसके अलावा इस मामले में आपराधिक केस भी चलेगा.

अगर लड़की की शादी तब हुई जब वो नाबालिग है, और बालिग होने के एक साल बाद तक भी वो शादी को चैलेंज करने कोर्ट नहीं जाती है, तो भी उस शादी को लीगल माना जाएगा. अगर लड़की को बाहर नहीं निकलने दिया जाता है और इस वजह से वो कोर्ट तक नहीं जा पाती, तो समय को लेकर कुछ छूट मिल सकती है.

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लेकिन इन सारे मामलों में लड़की का कोर्ट जाना, वहां याचिका दायर करना, पुलिस में FIR दर्ज करवाना, सब जरूरी है. क्योंकि अगर लड़की जबरन हुई शादी को चैलेंज करने कोर्ट नहीं जाती है, तो वो शादी लीगल मैरिज ही मानी जाती है.

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लड़की को शादी के बाद अपना धर्म मानने की पूरी आजादी है. प्रतीकात्मक तस्वीर- Pixabay.

# सवाल- लड़की अगर दूसरे धर्म के लड़के से शादी करती है, तो उसके पास अपने धर्म को लेकर क्या अधिकार होंगे?

जवाब- दो अलग धर्म के लोगों की शादी स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत होती है. लड़की को शादी के बाद भी अपने धर्म को मानने का पूरा अधिकार होता है. उसके ऊपर पति के धर्म को मानने की कोई जबरदस्ती नहीं होती है. अगर कोई जबरदस्ती करे, तो फिर वो कोर्ट केस कर सकती है.

इसके अलावा लड़का-लड़की या तो कोर्ट मैरिज कर सकते हैं, या फिर दोनों के धर्मों में से किसी एक की मान्यताओं के हिसाब से शादी कर सकते हैं. तीसरे धर्म की मान्यताओं के हिसाब से शादी नहीं कर सकते. जैसे अगर लड़की मुस्लिम है, लड़का हिंदू है, तो या तो कोर्ट मैरिज होगी या फिर मुस्लिम या हिंदू तरीके से होगी. ऐसा नहीं है कि तीसरे किसी धर्म जैसे कि क्रिस्चियन रीति से शादी कर लें. ये नहीं हो सकता.

# सवाल- बच्चे किस धर्म का पालन करेंगे?

जवाब- बच्चे पिता के धर्म को मानेंगे. लेकिन जब वो 18 साल के हो जाएंगे, तब उनके पास अधिकार होगा अपनी मर्जी से किसी भी धर्म को मानने का.

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ये कुछ नियम हैं जो दो धर्मों के लोगों की शादी से जुड़े हुए हैं.