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Monday, September 20, 2021

नोएडा में लगातार लग रहे उद्योग, यूपी की इमेज को निखारने का प्रयास

भारत

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डॉ. एसके सिंह
Dr. SK Singh is a senior journalist, he has also worked for Dainik Jagran and Amar Ujala's newspapers.
Team With UP Gevernment Officers and CM Yogi Adityanath
  • चार वर्षों में 855 बड़े निवेशकों ने फैक्ट्री लगाने के लिए नोएडा में खरीदे औद्योगिक भूखंड
  • सैमसंग, पेटीएम, टीसीएस, माइक्रोसाफ्ट, अडानी ग्रुप तथा हल्दीराम ने नोएडा में किया निवेश  

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी का जिक्र होते ही गौतमबुद्धनगर स्थिति नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी नोएडा काम नाम सबके जेहन में उभर आता है। यूपी और दिल्ली की सीमा पर गौतमबुद्ध नगर जिले के नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी नोएडा की स्थापना 17 अप्रैल 1976 को हुई थी। तब से लेकर अब तक नोएडा में देश और विदेश के बड़े -बड़े निवेशक लगातार अपनी फैक्ट्री लगा रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए तैयार करायी गई नीतियों से प्रभावित होकर भी दुनिया के बड़े बड़े निवेशकों ने नोयडा में अपना उद्यम  स्थापित करने में पहल की है। बीते चार वर्षों में नोएडा में देश तथा विदेश के 855 बड़े निवेशको का नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण से औद्योगिक प्लाट लेना इसका सबूत है। ये बड़े निवेशक नोएडा में 20,560 करोड़ रुपए का निवेश कर अपना उद्यम स्थापित कर रहे हैं, जिसमें 1,47,703 लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा।

निवेश करने वाले बड़े निवेशकों में सैमसंग, पेटीएम, टीसीएस, माइक्रोसाफ्ट, अडानी ग्रुप, केंट आरओ तथा हल्दीराम जैसे बड़े निवेशक हैं।

नोएडा में तो अब यह भी चर्चा भी होने लगी है कि जेवर एयरपोर्ट के निर्माण का कार्य तेज होते ही यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) में अपना उद्यम स्थापित करने वाले निवेशकों की संख्या में इजाफा होगा। जिसका लाभ नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकार को भी होगा। यहां उद्योग लगाने वाले निवेशकों की संख्या में और इजाफा होगा। नोएडा के बड़े निवेशकों के बीच शुरू हुई यह चर्चा में अकारण नहीं है।

बीते चार वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह से अलग-अलग सेक्टरों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीतियों को तैयार कराया है। उसके चलते बड़ी संख्या में देशी – विदेशी कंपनियों ने नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा), ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विका प्राधिकरण (ग्रेटर नोएडा) और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में अपनी फैक्ट्री लगाने की पहल की।

औद्योगिक विकास के अधिकारियों के अनुसार बीते चार वर्षों में सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर 855 बड़े निवेशकों ने नोएडा फैक्ट्री लगाने के लिए औद्योगिक प्लाट लिए हैं। इन 8,55 औद्योगिक प्लाट पर 20,560 करोड़ रुपए का निवेश कर फैक्ट्री लगाई जाने की कार्रवाई हो रही है। इन फैक्ट्रियों में 1,47,703 लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा।

नोएडा में जिन 855 बड़े निवेशकों ने औद्यगिक प्लाट लिया हैं, उनमें से तमाम निवेशको ने अपनी यूनिट की स्थापना का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है। सैमसंग कंपनी ने नोएडा में मोबाइल डिस्प्ले यूनिट लगाई है। 4826 करोड़ रुपए का निवेश कर लगी लगी सैमसंग की फैक्ट्री में 2500 लोगों को रोजगार मिला है। इसी प्रकार पेटीएम ने 302 करोड़ रुपए का निवेश का अपना उद्यम स्थापित किया है। 15 हजार लोगों को पेटीएम से रोजगार मिला है। आईटी सेक्टर में टीसीएम ने 2300 करोड़ रुपए और मदरसन ग्रुप ने 47 करोड़ रुपए का निवेश नोएडा में किया है।

डेटा प्रोसेसिंग के सेक्टर में अडानी ग्रुप ने भी 2500 करोड़ का निवेश करने के लिए 39,146 एकड़ भूमि ली है। बहुराष्ट्रीय माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने भी आईटी सेक्टर में 1000 करोड़ रुपए का निवेश करने के लिए 60,000 एकड़ भूमि ली है। प्रापर्टी के कारोबार में आईएनजीकेए कंपनी ने 5500 करोड़ का निवेश करने के लिए 47833 एकड़ भूमि खरीदी है।

इसके अलावा वेस्टवे  इलेक्ट्रॉनिक्स, डिक्सन टेक्नोलॉजी, वीवोटेक्स प्रोजेक्ट, रोटो पंप्स लिमिटेड, अग्रवाल एसोसिएट्स, नेप्तुने सिस्टम, एडवर्ब टेक्नालाँजी, सुरभि ग्रुप, आइकिया सलूशन, यूं फ्लेक्स लिमिटेड, केंट आरओ ने भी नोएडा में जमीन ली है।  नामी कंपनियों द्वारा नोएडा में किए गए इस निवेश के चलते नोएडा अब अपने 45 साल के सफर में कई ऊंचाइयों को छू रहा है।

इन 45 वर्षों में नोएडा में 10200 से अधिक औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनमें आठ लाख से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। नोएडा में दो हजार से अधिक कॉल सेंटर हैं। यहीं नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) में अब पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू हो गया है।

अधिकारियों के अनुसार प्रदेश सरकार के द्वारा की गई इनवेस्टर समिट में साइन हुए एमओयू में से करीब 60 प्रतिशत गौतमबुद्ध नगर जिले के लिए हुए हैं। सैमसंग, ओप्पो जैसे बड़े ब्रांड यहां पर अपने सबसे बड़े संयंत्र शुरू कर चुके हैं। जेवर एयरपोर्ट के निर्माण का कार्य शुरू होने को हैं। यहां पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास तीन-तीन प्राधिकरण काम कर रहे हैं। इन तीनों प्राधिकरणों से बड़े निवेशकों नोएडा में अपनी फैक्ट्री लगाने के लिए संपर्क कर रहें हैं।

सूबे की औद्योगिक राजधानी बन चुके नोएडा की प्रति व्यक्ति आय, प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय से दस गुना से भी ज्यादा है। उत्तर प्रदेश के अर्थ एवं संख्या विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रति व्यक्ति आय के मामले में गौतमबुद्धनगर जिला पूरे प्रदेश में सबसे आगे है। यहां पर प्रति व्यक्ति आय 6.71 लाख है जबकि प्रदेश की औसत प्रति व्यक्ति आय 66 हजार 512 रुपये है।

नोएडा में हो रहे भारी निवेश के चलते इस आय में अब और इजाफा होगा। नोएडा में हो लगातार निवेश को देखते हुए बड़े उद्योपतियों तथा अर्थशास्त्रियों का यह मत है। इन लोगों का यह भी कहना है कि नोएड़ा में लगातार लग रहे उद्योगों से यूपी की इमेज भी निखर रही है।

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