30.1 C
Uttar Pradesh
Wednesday, August 17, 2022

युवाओं के लिए मिसाल साबित होंगे बस्ती के कमरुद्दीन, जिले के किसानों-मजदूरों के लिए बड़े प्लान की तैयारी

भारत

देश विदेश में आधा दर्जन से अधिक मल्टीनेशनल कंपनी खोलकर कमरुद्दीन युवाओं को दे रहे हैं रोजगार। जिले के गन्ना किसानों की समस्याओं का समाधान करने की भी शुरू हुई प्रक्रिया।

बस्ती। जिले के छोटे से गांव में जन्मे नौजवान ने यह पंक्ति सही साबित कर दिया कि — “कौन कहता है कि आसमा मे छेद नहीं हो सकता, कोई पत्थर तो तबियत से उछालो यारो”, अपनी मेहनत और जुनून के बल पर जो सफलता इस नौजवान ने पाई है वह युवाओं के लिए एक मिसाल है। हम बात कर रहे हैं कमरुद्दीन की जिन्होंने देश-विदेश में आधा दर्जन से अधिक मल्टीनेशनल कंपनियों की स्थापना करके बस्ती जनपद का मान बढ़ा दिया है।

अरबो रुपए का सालाना टर्न ओवर करने वाले कमरुद्दीन की कंपनी का सीधा लाभ बस्ती के लोगों को ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों के लोगों को भी मिल रहा है।

कौन हैं कमरुद्दीन?

बस्ती जनपद के थाना पैकोलिया क्षेत्र के पेडरिया निवासी डीजल इंजन के मकैनिक जलालुद्दीन के घर में जन्मे उनके होनहार बेटे कमरुद्दीन ने अपनी प्राथमिक पढ़ाई अपने गांव के स्कूल की, और वहां से हाई स्कूल इंटरमीडिएट परीक्षा अव्वल दर्जे में पास करके आईआईएम कोलकाता से एमबीए पाठ्यक्रम में दाखिला लिया। यही से कमरुद्दीन ने अपने जिले को नई पहचान देने का निर्णय किया।

2011 में एमबीए की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद कमरुद्दीन के पास कई विदेशी कंपनियों की ओर से बड़े पदों पर काम करने के ऑफर आए, उन्होंने कुछ कंपनियों में अपनी सेवाएं भी दी। लेकिन, नौकरी ना करके युवाओं को रोजगार देने का जज्बा लेकर वह खुद की कंपनी बना लिए, और देखते ही देखते कंपनी नई ऊंचाइयों पर पहुंचने लगी।

वर्ष 2007 में रोहमा पुत्री मोहम्मद अकबर से उनका विवाह हुआ। उनकी धर्मपत्नी भी एमबीए पास हैं, दोनों के आपसी सहयोग के चलते उन्हें जल्द ही अच्छे परिणाम मिलने लगे।

कमरुद्दीन की कंपनियां ऊंचाईयों पर

यदि कमरुद्दीन और उनकी पत्नी रोहमा पर नजर डाली जाए तो, जी मल्टीट्रेडिंग एंड सर्विसेज, कमर ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड शेयर ट्रेडिंग में उनका बड़ा नाम आता है। इसके साथ ही रोहमा ट्रांसपोर्ट प्राइवेट तोफरफेक्ट लेडीज स्लीपर के नाम से चल रही चप्पल बनाने वाली कंपनी का माल पूरे हिंदुस्तान के अलावा दुबई व कई अन्य देशों में भेजा जा रहा है। इस्मार्ट फाइनेंसियल सलूशन के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर भी दिए जा रहे हैं।

बस्ती जिले की दो गन्ना मिलों का कर सकते हैं जीर्णोद्धार

कमरुद्दीन अब बस्ती जनपद के गन्ना किसान और मजदूरों के की समस्याओं व उनके प्रगति के लिए कुछ करने के लिए प्रयासरत हैं। उनका मानना है कि, किसानों की समस्याओं के समाधान में गन्ने की फसल बहुत ही उपयोगी है, जिसे नकदी का फसल भी कहा जाता है। जिसको लेकर कमरुद्दीन बस्ती में बंद पड़ी वाल्टरगंज और बस्ती चीनी मिल खरीदने की मंशा रखते हुए फेनिल शुगर लिमिटेड के डायरेक्टरों से वार्ता भी कर रहे हैं, जो कि अंतिम दौर में चल रही है, और उन्हें उम्मीद है कि यदि चीनी मिल उन्हें मिलती है तो निश्चित तौर पर बस्ती जनपद के किसानों को खुशहाल बनाने में वह सफल रहेंगे।

Advertisement
- Advertisement -

सबसे अधिक पढ़ी गई

- Advertisement -

ताजा खबरें