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कर्नाटक: CAA के खिलाफ हुए नाटक में पुलिस पूछताछ के दौरान जूते क्यों ले गई?

कर्नाटक: CAA के खिलाफ हुए नाटक में पुलिस पूछताछ के दौरान जूते क्यों ले गई?
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कर्नाटक का बीदर शहर. वहां के शाहीन स्कूल में 21 जनवरी को CAA, NRC के खिलाफ एक नाटक का मंचन हुआ. बच्चों ने परफॉर्म किया. पुलिस इस मामले में लगातार स्कूल जाकर बच्चों और स्टाफ से पूछताछ कर रही है. पुलिस ने उस जूते को भी सबूत के तौर पर सीज़ कर लिया है, जिसका इस्तेमाल एक बच्ची ने नाटक के दौरान किया था.

सोशल मीडिया पर नाटक लाइव होने के बाद सोशल वर्कर नीलेश रक्शाल ने 26 जनवरी को शिकायत दर्ज करवाई. इसके बाद 30 जनवरी को दो महिलाओं को राजद्रोह के केस में गिरफ्तार कर लिया गया था. इनमें एक स्टूडेंट की मां हैं नजुमुन्निसा. दूसरी स्कूल की टीचर हैं फरीदा बेगम. आरोप है कि दोनों महिलाओं ने जो स्क्रिप्ट बनाई थी, उसके जरिए पीएम नरेंद्र मोदी की इमेज खराब करने की कोशिश की गई.

इस नाटक की शुरुआत में नजुमुन्निसा की बेटी कहती है, ‘अगर कोई कागज़ मांगे, उसको जूते मारो’. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, नजुमुन्निसा की उम्र 35 साल है. टीचर फरीदा बेगम की उम्र 52 साल है. फिलहाल दोनों बीदर डिस्ट्रिक्ट जेल में हैं.

# मां ने ही बच्ची को ये लाइन सिखाई थी?

नजुमुन्निसा के मुताबिक, उनके फोन में वॉट्सऐप नहीं है. उसे CAA, NRC के बारे में बहुत कम मालूम है. उन्होंने टीवी पर और एक बार किसी के मोबाइल पर ही इस कानून के बारे में सुना था. उनके पति एक किसान थे, जिनकी सात साल पहले मौत हो गई थी. दो महीने पहले ही बीदर आई थीं. उनके मुताबिक, वो पढ़ी-लिखी नहीं हैं, इसीलिए अपनी बेटी को अच्छी शिक्षा देने के लिए गांव छोड़कर बीदर आई थीं.

नजुमुन्निसा ने बताया कि उनकी बेटी अन्य छह बच्चों के साथ एक नाटक के लिए सेलेक्ट हुई थी. उनकी बेटी की उम्र नौ साल है. 5वीं क्लास में पढ़ती है. नजुमुन्निसा के मुताबिक, उनकी बेटी ने टीवी पर सुनी एक बात को कई बार दोहराने का फैसला भी किया था. वो लोग इस लाइन की प्रैक्टिस घर पर भी करते थे. लाइन थी. ‘ जो कागज़ मांगे, उसको जूते मारो’.

पुलिस का कहना है कि नजुमुन्निसा को 5वीं क्लास में पढ़ने वाली बच्ची के एक बयान के आधार पर गिरफ्तार किया गया है. बयान के मुताबिक, उसकी मां नजुमुन्निसा ने ही नाटक की स्क्रिप्ट तैयार की थी. उन्होंने उसे नाटक शुरू होने के पहले भी ‘जूते मारेंगे’ कई बार बोलने के लिए कहा था.

CAA के खिलाफ प्रदर्शन की तस्वीर, (PTI/ सांकेतिक फोटो)
CAA के खिलाफ प्रदर्शन की तस्वीर, (PTI/ सांकेतिक फोटो)

# टीचर को इस बारे में पता नहीं था?

उधर, टीचर फरीदा बेगम ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई अंदेशा नहीं था कि बच्ची स्टेज पर ये लाइन बोलने वाली है. उन्होंने तो बस नागरिकता कानून पर नाटक करने के लिए सात बच्चों को चुना था. मोटे तौर पर एक आइडिया दिया था. फरीदा का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि यह सब कैसे हुआ. नजुमुन्निसा ने क्या स्क्रिप्ट तैयार की, इसके बारे में उन्हें नहीं पता. टीचर ने कहा कि वो नाटक की इंचार्ज थीं, इसलिए उन पर भी मामला दर्ज हुआ है. उन्हें पता होता, तो वो ये नाटक नहीं करवातीं.

# पुलिस क्या सवाल पूछ रही है?

बीदर के नए एसपी टीएन नागेश ने बताया कि वो लोग मामले की जांच कर रहे हैं. बच्चों से लगातार पूछताछ की जा रही है. पेरेंट्स ने बताया कि पुलिस बच्चों से यह पूछती है कि नाटक में हिस्सा लेने किस टीचर ने कहा था? किसने स्क्रिप्ट लिखी थी? प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाने की बात किसने सिखाई थी?

हालांकि स्कूल प्रशासन बच्चों से अकेले में पूछताछ का विरोध कर रहा है. वो चाहते हैं कि पूछताछ के दौरान स्कूल या फिर बच्चों के पेरेंट्स वहां मौजूद हों.

# पेरेंट्स क्या कहते हैं?

वहीं, पेरेंट्स का भी कहना है कि नौ-दस साल के बच्चों ने जो नाटक किया, उसमें राजद्रोह जैसा क्या है? पेरेंट्स का कहना है कि BJP नेता तो ‘गोली मारो’ जैसे नारे लगवाते हैं, JNU में बदमाश घुसते हैं और स्टूडेंट को मारते-पीटते हैं, तो किसी की गिरफ्तारी नहीं होती, और यहां 5वीं क्लास की बच्ची ने ‘जूते मारो’ कहा, तो केस दर्ज कर लिया गया है.

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