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सरकारी योजनाओं के फॉर्म पर अंगूठे की छाप का बायोमेट्रिक क्लोनिंग कर खातों से लाखों उड़ाने वाले गिरोह के दो अभियुक्त गिरफ्तार

सरकारी योजनाओं के फॉर्म पर अंगूठे की छाप का बायोमेट्रिक क्लोनिंग कर खातों से लाखों उड़ाने वाले गिरोह के दो अभियुक्त गिरफ्तार
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पीएम आयुष्मान योजना के फॉर्म पर लोगों के अंगूठे का छाप लेकर करते थे बायोमेट्रिक क्लोनिंग। लोगों के अंगूठे की क्लोनिंग के जरिए ग्राहकों के खाते से AEPS के माध्यम से लाखों रुपये उड़ाने का था बड़ा कारोबार।

आजमगढ़। जिले के सुजीत यादव सहित ग्राम विहरोजपुर निवासी तमाम लोगों द्वारा थाना सिंधारी पर शिकायत की गयी थी कि उनके बैंक खातों से अलग – अलग तिथियों में लाखों रुपये निकाल लिए गए हैं। जिसके संबंध में स्थानीय थाने पर मु0अ0स0 – 152/20 धारा 419, 420 भादवि 66सी/66डी आईटी एक्ट बनाम अज्ञात पर मामला पंजीकृत कर मामले में छानबीन शुरू की गयी।

पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ सुधीर कुमार सिंह द्वारा उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुये अपर पुलिस अधीक्षक सुधीर जायसवाल के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक सिंधारी व साइबर सेल को मामले में दोषियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया।

मामले में काफी छानबीन के बाद पुलिस व साइबर सेल टीम द्वारा इकट्ठा किए गए तथ्यों और जानकारी में पता चला कि यह फ्रॉड बायोमेट्रिक क्लोनिंग के जरिए AEPS के माध्यम से किया जा रहा है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें पहला अभियुक्त राकेश कुमार पुत्र बसन्तु निवासी ग्राम खुसरो थाना फूलपुर आजमगढ़ और दूसरा आदित्य कुमार जिज्ञासु पुत्र जगदीश चन्द्र निवासी हरवंशपुर थाना सिंधारी आजमगढ़ शामिल हैं।

अंगूठे की क्लोनिंग करने वाले बायोमेट्रिक उपकरण और क्लोनिंग में प्रयोग होने वाले अन्य सामान पुलिस द्वारा बरामद / Photo: Basti Khabar
अंगूठे की क्लोनिंग करने वाले बायोमेट्रिक उपकरण और क्लोनिंग में प्रयोग होने वाले अन्य सामान पुलिस द्वारा बरामद/ Photo- Basti Khabar

प्रभारी निरीक्षक सिंधारी अंशुमान यदुवंशी पुलिस टीम व साइबर सेल मनीष सिंह द्वारा आज शनिवार को दोपहर बाद लगभग डेढ़ बजे हरवंशपुर तिराहे से उक्त दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि यह लोग प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के नाम पर गांवों में जाते हैं, और उसका लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से आधार कार्ड एवं अन्य डिटेल लेकर एक अंगूठे की छाप ले लेते हैं। फिर उसी अंगूठे के निशान को बटर पेपर पर स्कैन कर बटर पेपर को रबर पर रखकर थंब इंप्रेशन मशीन के माध्यम से इंप्रेस करते हैं। जिससे उस अंगूठे का निशान रबर या पॉलीमर पर आ जाता है। और उस व्यक्ति के अंगूठे का क्लोन फिंगर प्रिंट तैयार हो जाता है। जिसे AEPS बैंकिंग आईडी (इको पे) से क्लोन फिंगरप्रिंट के माध्यम से आधार कार्ड से लिंक बैंक खातों से रुपये निकाल लेते हैं। और इसी तरह कई लोगों का फिंगरप्रिंट का क्लोन बनाकर बैंकिंग धोखाधड़ी कर लोगों के लाखों रुपये निकाल लेते थे।

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