Latest Basti Coronavirus Update: एक चिप की व्यवस्था से कोरोना संक्रमण का आएगा फ़ाइनल टेस्ट रिपोर्ट

बस्ती। ट्रू-नेट मशीन से कंफर्मेटरी टेस्ट न होने से इलाज में समस्या आ रही है। जानकारों का कहना है कि मशीन में अलग से एक चिप लग जाने के बाद से कंफर्मेटरी टेस्ट भी यहीं हो सकता है, फिर इसके लिए दोबारा सैम्पल लेकर जांच के लिए आईसीएमआर लैब गोरखपुर नहीं भेजना पड़ेगा।

आईसीएमआर ने कोरोना टेस्ट की जिन विधियों को मान्यता दे रखी है, उनमें ट्रू-नेट मशीन से जांच भी शामिल है। इस मशीन में दो तरह की अर्थात स्क्रीनिंग और कंफर्मेटरी टेस्ट की सुविधा शामिल है। हाई प्रियोरिटी जांच में हो रही देरी की समस्या को देखते हुए जिला अस्पताल में ट्रू-नेट मशीन लगवाई गई है। इसमें जांच से केवल यह मालूम हो सकता है कि मरीज कोरोना निगेटिव है।

कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट यह मशीन नहीं देती है। मशीन से जांच में जिस सैम्पल की रिपोर्ट संदिग्ध मिलती है, उसका दोबारा सैम्पल लेकर जांच के लिए आईसीएमआर लैब भेजा जाता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ पैथॉलोजिस्ट डॉ. अरुण कुमार चौधरी का कहना है कि इस मशीन से केवल निगेटिव की ही रिपोर्ट दी जा रही है। ऑपरेशन आदि के मामले में इससे सहयोग मिल रहा है।

पॉजिटिव जांच के लिए मशीन में अतिरिक्त रूप से चिप लगाए जाने की आवश्यकता होगी। कई बार मामलों में शव की जांच संदिग्ध आने पर मामले फंस जाते थे, पेंच ट्रू-नेट मशीन से हुई जांच में एक शव का सैम्पल निगेटिव मिलने पर मामला फंस गया था। हर्रैया क्षेत्र के एक व्यक्ति की रविवार सुबह मौत हो जाने के बाद उसका सैम्पल लेकर जांच कराई गई। जांच में रिपोर्ट संदिग्ध मिली। जानकारों का कहना है कि इसे यह माना जा सकता है कि सैम्पल निगेटिव नहीं है। अगर कंफर्मेटरी जांच की सुविधा उपलब्ध होती तो सैम्पल को जांच के लिए गोरखपुर नहीं भेजना पड़ता।

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