Lockdown Spacial: 12 सौ किमी साइकिल का सफर, प्रोत्साहन हेतु साइकिल महासंघ सामने आया

7 दिन में बीमार पिता को साइकिल पर बिठाकर गुरुग्राम से दरभंगा तक का सफर तय किया 15 साल की लड़की ने।

नई दिल्ली| 15 साल की ज्योति की जिंदगी में बदलाव आ सकता है। भारतीय साइकिल महासंघ आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली ज्योति को अगले महीने विशेष ट्रायल का मौका देने की घोषणा की है। यदि वह मानकों पर खरी उतरी तो उसको दिल्ली में स्थित एशिया की सबसे आधुनिक साइकिल एकेडमी में ट्रेनिंग और कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

ज्योति लॉक डाउन में अपने पिता मोहन पासवान को साइकिल पर बैठाकर इतनी लंबी दूरी 7 दिन में तय करके हरियाणा के गुरुग्राम से अपने प्रदेश बिहार पहुंची थी| ज्योति ऑटो रिक्शा चालक अपने पिता को सायकिल पर बैठा रोजाना सौ से डेढ़ सौ किलोमीटर साइकिल चलाई, जिसकी चर्चा मीडिया की खबरों में छा गई।

सीएफआई के चेयरमैन ओंकार सिंह ने बताया कि यदि वह हमारे मानदंडों पर खरी उतरी तो हम उसकी पूरी सहायता करेंगे। लॉक डाउन खत्म होते ही उसे दिल्ली बुलाएगें। उसके आने जाने का यात्रा व अन्य सारा खर्च सीएफआई उठाएगी। एकेडमी मे उसे कंप्यूटराइज साइकिल पर बिठाया जाएगा। हम देखेंगे कि वह चयन में हमारे पैरामीटर को पास कर पाती है? इस समय हमारे पास 14-15 आयुवर्ग मे 10 साइकिलिस्ट हैं।

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