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Wednesday, August 17, 2022

पवित्र सावन मास में होती है महायोगी शिव की पूजा- अर्चना और स्तवन रूद्राभिषेक

भारत

डॉ. एसके सिंह
डॉ. एसके सिंह
Dr. SK Singh is a senior journalist, he has also worked for Dainik Jagran and Amar Ujala's newspapers.

बस्ती। पवित्र सावन मास में यूँ तो महायोगी शिव की पूजा, अर्चना, रूद्राभिषेक, स्तवन, कांवड़ द्वारा जल चढ़ाने की परम्परा चली आ रही है जो समाज को अपार आत्मबल और शान्ति प्रदान करती है। आर्य समाज इससे आगे बढ़कर शिव को आदि योगी मानते हुए आमजनमानस को योग, यज्ञ, स्वाध्याय संदेश देने का कार्य कर रहा है। इसी उद्देश्य को लेकर आर्य समाज ने भारत स्वभिमान के साथ मिलकर घर-घर तक योग और यज्ञ को पहुंचाने का संकल्प लिया और श्रावण माह के प्रथम दिन से ही परिवारों में योग और यज्ञ कराना जारी है।

इसी कड़ी में अब तक ई. राजेश श्रीवास्तव कैलाशी आजीवन सदस्य भारत स्वाभिमान ट्रस्ट हरिद्वार लौकिहवा, धर्मेन्द्र मोदनवाल स्टेशन रोड, शिवांग पाण्डेय राजा बाजार व रिंकी सावलानी के यहां यज्ञ सम्पन्न हुआ। शिक्षिका शन्नो दुबे द्वारा योग के पश्चात यज्ञ कराते हुए योग शिक्षक गरुण ध्वज पाण्डेय ने यज्ञ की महत्ता बताते हुए कहा कि यज्ञ सभी प्राणियों के लिए समान रूप से तृप्ति देने वाला कर्म है। इस यज्ञ कर्म द्वारा हम सबसे कम साधन व समय में अधिकाधिक लोगों को संतुष्ट कर उन्हे लाभान्वित कर सकते हैं। इसमें बलवर्द्धक, पुष्टिकारक, रोगनाशक व सुगन्धिकारक औषधियाॅ मिलाकर यज्ञ करते हुए हम पूरी समष्टि को सुखी करते हैं।

योग शिक्षिका शन्नो दुबे ने बताया कि, मनुष्य को योग्य है कि योगासन प्राणायाम आदि से शरीर की, वेदादि ग्रन्थों से मन को एवं इन दोनों के प्रयोग से धन की शुद्धि करके जीवन को मोक्ष की ओर ले जाय। कहा कि जिस प्रकार एक बछड़ा हजारों गायों में अपनी माॅ को खोज लेता है ठीक उसी प्रकार हमारे पाप या पुण्य कर्म हमें जन्म जन्मान्तर तक फल देने तक खोज ही लेते हैं इसलिए ईश्वर में मन लगाकर भजन करना चाहिए. भजन आत्मा के बल को बढ़ाता है भय को भगाता है और सोये भाग्य को जगाता है। ईश्वर संसार के कण कण में विद्यमान है और सबके मन में रहता है फिर भी लोग मन्दिर में भगवान से मिलने जाते है। भगवान के साथ होने पर भी उसकी खोज में लोग जीवन बिता देते हैं पर फिर भी मिल नहीं पाते।

समाज सेविका रिंकी सावलानी ने कहा कि, योग व यज्ञ प्रति लोगों की उदासीनता ही उन्हें रोगों की ओर ले जाती है इसलिए सभी को योग व यज्ञ को जीवन में उतारना चाहिए।

ओमप्रकाश आर्य प्रधान आर्य समाज नई बाजार बस्ती ने बताया कि, यह अभियान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तक चलेगा जिसके अंतर्गत सैकड़ों परिवारों में यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में आचार्य हरिपति पाण्डेय, आचार्य देवव्रत आर्य, राधेश्याम आर्य, शन्नो दुबे, सुभाष चन्द्र आर्य, मुरलीधर भारती आदि पुरोहित व योग शिक्षक जुटे हुए हैं।

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