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मैनकाइंड फार्मा ने लौंगी भुइयां को 1 लाख रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया

मैनकाइंड फार्मा ने लौंगी भुइयां को 1 लाख रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया
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लौंगी भुइयां ने 3 किमी लंबी नहर बनाई है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को फायदा होगा।

प्रमुख दवा कंपनी मैनकाइंड फार्मा (Mankind Pharma) ने हमारे समाज में बदलाव लाने वाले लोगों को सलाम करते हुए उन्हें सम्मान देने की पहल की है। वैश्विक महामारी की वर्तमान स्थिति के साथ चलते हुए, "आत्मनिर्भर भारत" की ओर बढ़ना, हम सभी के लिए एक मात्र सीख है। अतीत में भी, मैनकाइंड फार्मा उन लोगों के प्रयासों को लगातार सम्मान देता रहा है, जो अथक रूप से आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। मैनकाइंड फार्मा के लिए सेवारत जीवन एक प्रमुख मूल्य है, जिससे प्रेरित होकर मैनकाइंड फार्मा ज़रूरत पड़ने पर राष्ट्र को वापस देने में भरोसा रखता है।

जारी पहल के एक हिस्से के रूप में, मैनकाइंड फार्मा ने लौंगी भुइयां को 1 लाख रुपए का दान दिया है, जिन्होंने अकेले 3 किलोमीटर लंबी नहर बना दी है। भुइयां पिछले 30 वर्षों से नहर पर काम कर रहे हैं ताकि बिहार में गया के लहथुआ क्षेत्र में अपने गाँव, कोठीलावा के पास की पहाड़ियों से बहने वाले वर्षा जल को सिंचाई के लिए कोठीलावा खेतों की ओर भेजना सुनिश्चित किया जा सके।

इस अवसर पर मैनकाइंड फार्मा के सी.ई.ओ श्री राजीव जुनेजा ने कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि किसी समस्या को लेकर चिंतित होने के बजाय हमें समाधान की तलाश करनी चाहिए और यही काम लौंगी भुइयां ने किया है। उनके 30 वर्षों के लंबे संघर्ष से आने वाली पीढ़ियों तक, बड़ी संख्या में उस क्षेत्र के लोगों को लाभ होगा। हम आभार के एक प्रतीक के रूप में, उनके प्रयासों की सराहना करना चाहते थे। ये लौंगी भुइयां जैसे लोग हैं जो सही मायने में हमें प्रेरित करते हैं और आत्मनिर्भर भारत के हमारे भरोसे को मजबूती प्रदान करते हैं। हमें अपने समाज में उनके जैसे अधिक से अधिक लोगों की ज़रूरत है, जो दूसरों के लिए सोचें और दूरदृष्टि रखें। हम एक ज़िम्मेदार कंपनी के रूप में, इन आत्मनिर्भर सुपरहीरो की मदद करने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार सब कुछ करेंगे।’’

मैनकाइंड फार्मा देश की शीर्ष 4 अग्रणी दवा कंपनियों में से एक है और यह कंपनी न केवल अधिक से अधिक राजस्व पैदा करके भारत की शीर्ष फार्मा कंपनी बनने की इच्छा रखती है, बल्कि यह अपने सीएसआर गतिविधियों के ज़रिये समाज को वापस भी दे रही है और इस तरह मदद करने के लिए ज़रूरतमंदो की तरफ अपना हाथ भी बढ़ा रही है।

श्री लौंगी भुइयां ने कहा कि मैं पिछले 30 वर्षों से बिना किसी के सहयोग के नहर बनाने के लिए दिन-रात काम कर रहा हूं। जब आपके प्रयासों को स्वीकार किया जाता है तो बहुत अच्छा लगता है और मैं इस भाव-प्रदर्शन के लिए मैनकाइंड फार्मा को धन्यवाद देना चाहूंगा। मैं चाहता हूं कि मेरी अगली पीढ़ियां मेरी वर्षों की मेहनत का लाभ उठायें।कोविड-19 संकट के दौरान, मैनकाइंड फार्मा ने पिछले महीने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 करोड़ रुपये का दान दिया। इसके अलावा, मैनकाइंड फार्मा के सभी कर्मचारियों ने भी राहत कोष में एक दिन के वेतन का योगदान दिया है। वैश्विक महामारी कोविड 19 के जारी संकट में अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करने वालों की कई कहानियों के बीच, मैनकाइंड फार्मा घातक वायरस से लड़ने वाले समुदायों और अगली पंक्ति में खड़े श्रमिकों का समर्थन करता रहा है।

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