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Monday, February 6, 2023

माता,पिता,गुरू व विद्वान ये चार तीर्थ हैं–शुचिषद

भारत

डॉ. एसके सिंह
डॉ. एसके सिंह
Dr. SK Singh is a senior journalist, he has also worked for Dainik Jagran and Amar Ujala's newspapers.

बस्ती।आर्य समाज नई बाजार बस्ती के 49वें वार्षिकोत्सव के द्वितीय दिवस का कार्यक्रम यजुर्वेद शतकम यज्ञ से हुआ। यज्ञ में ओम प्रकाश आर्य, राजेन्द्र जायसवाल, शंकर जायसवाल, दिलीप कसौधन यजमान रहे। यज्ञ में उपदेश करते हुए यज्ञब्रह्मा शुचिषद मुनि ने बताया कि तीर्थ वह है जिससे मानव दुःखो से छूट कर आनन्द को प्राप्त हो  जाय। माता, पिता, गुरू व विद्वान ये चार तीर्थ हैं जिनके समीप रहकर व्यक्ति समस्त दुःखों से छूटकर आनन्द को प्राप्त होता है। हम शरीर व वस्त्रों की सफाई के लिए कई साधन प्रयोग कर सकते हैं पर मन व अन्तःकरण को पवित्र रखने के लिए ध्यान साधनापूर्वक सत्याचरण का पालन करना होगा।

सायंकालीन सत्र में पण्डित राम मगन ने सत्संग की महिमा बताते हुए कहा कि सत्संग पतितों को भी पावन करने वाला होता है। सत्संग करने वाला कभी दुःखी नहीं रहता है। पंडित नरेन्द्र दत्त आर्य ने सत्संग वाली नगरी चल रे मना  भजन प्रस्तुत कर श्रोताओं को बताया कि सत्संग से बुद्धि कुशाग्र, चित्त में प्रसन्नता होती है और दसों दिशाओं में व्यक्ति की कीर्ति फैलती है। बरेली से पधारे पण्डित भानु प्रकाश आर्य ने प्रेरक भजनोपदेश के माध्यम से बताया कि आज आवश्यकता है कि लोग वैदिक सिद्धांतों की ओर लौटें जिससे एक संस्कारमय वातावरण का निर्माण हो सके। अपने गीत में उन्होंने नारी शक्ति को भी जागृत करते हुए उनकी जिम्मेदारियों का एहसास कराया। दिनेश आर्य प्रशिक्षक आर्य वीर दल दिल्ली प्रदेश ने कहा कि आज घर घर मे आर्य वीर वीरांगनाओं की आवश्यकता है जो समाज को आदर्श बनाने में अपना योगदान कर सकते हैं।

ओम प्रकाश आर्य प्रधान आर्य समाज नई बाजार बस्ती ने बताया कि कल 10 दिसम्बर को दिन में 2 बजे से 4 बजे तक महिला जागृति सम्मेलन का आयोजन किया गया है। उन्होंने समाज की बहनों को कार्यक्रम में आने का आग्रह किया। बताया कि 10 दिसम्बर को किसान पी जी कालेज में आर्य समाज के विद्वान आचार्य शुचिषद मुनि मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को सम्बोधित करेंगे। गायत्री शक्ति पीठ के मुख्य कर्ता राम प्रसाद तिवारी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए आर्य वीर दल को गांव गांव तक पहुँचाने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से अलख निरंजन आर्य, ओंकार आर्य, आदित्य आर्य, उपेन्द्र आर्य, संतोष कुमार, मोतीलाल गुप्ता, मोहिनी आर्य, आनन्द श्रीवास्तव, शकुन्तला देवी, प्रिंन्स बरनवाल, विकास बरनवाल, शंकर जायसवाल, रामरती, आयुष श्रीवास्तव, वैष्णव श्रीवास्तव, ब्रह्मानंद पाण्डेय, राजकुमार, शिवश्याम, दिलीप कुमार, रामप्रताप, राजाराम, लवकुश सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

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