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1947 में ही मुसलमानों को पाकिस्तान भेज देना था, ये नौबत ही नहीं आतीः गिरिराज सिंह

मकबूल फिल्म. पंकज कपूर का किरदार. डायलॉग – “गिलौरी खाया करो गुलफाम, ज़ुबान काबू में रहेगी.”

अब पिक्चर से निकलिए, रियल्टी में आइए. यहां गुलफाम हैं बीजेपी के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह. गिलौरी खाने की जरूरत भी उन्हीं को है.

गिरिराज सिंह गाहे-बेगाहे किसी न किसी को पाकिस्तान भेजने की बात कर ही देते हैं. इस बार तो वो अतीत में जाकर पाकिस्तान छोड़कर आने को भी तैयार दिख रहे हैं. 19 फरवरी को गिरिराज बिहार के पूर्णिया में थे. यहां उन्होंने कहा,

“अब समय आ गया है राष्ट्र के प्रति समर्पित होने का. हमारे पूर्वजों ने एक बहुत बड़ी भूल की थी, जिसका खामियाज़ा अब हम भुगत रहे हैं. उस समय ही मुसलमान भाइयों को पाकिस्तान भेज देना चाहिए था और हिंदुओं को भारत ले आना चाहिए था. ऐसा होता तो आज ये नौबत नहीं आती. अगर भारत के लोगों को यहां भी जगह नहीं मिलेगी, तो दुनिया के किस देश में मिलेगी?”

अब ये तो गिरिराज का हालिया बयान है. इससे पहले भी वो इस तरह की बातें करते रहे हैं. एक नजर डालते हैं…

# कब बोले- 12 फरवरी, 2020

क्या बोले- हिंदुस्तान को डर पाकिस्तान से नहीं, बल्कि अपने ही देश के गद्दारों से है. देवबंद (उत्तर प्रदेश) आतंकवाद की गंगोत्री है. दुनिया की तमाम आतंकवादी घटनाओं का जुड़ाव यहीं से रहा है. यहां से आतंकवाद को समर्थन मिलता है.

# कब बोले- 6 फरवरी, 2020

क्या बोले- देश की राजधानी में देश के खिलाफ ही साजिश चल रही है. शाहीन बाग सुसाइड बॉम्बर्स का ग्रुप है. यहां एक महिला का बच्चा ठंड में मर गया और वो कहती है कि मेरा बेटा शहीद हुआ है. ये खिलाफत आंदोलन-2 है.

# कब बोले- अप्रैल, 2019

क्या बोले- राहुल गांधी पाकिस्तान के एजेंडे पर काम करते हैं. ये नए जिन्ना का प्रोजेक्ट हिंदुस्तान में नहीं चलेगा. जनता एक होगी और पाकिस्तानी एजेंडे को फेल करेगी.

# कब बोले- अप्रैल, 2014

क्या बोले- जो लोग नरेंद्र मोदी का विरोध कर रहे हैं, उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए.

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