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Saturday, September 18, 2021

लोगों की मदद करने पर यूथ कांग्रेस प्रमुख का उत्पीड़न किया जा रहा: कांग्रेस

भारत

श्रीनिवास बी.वी. (फोटो साभार: फेसबुक)
श्रीनिवास बी.वी. (फोटो साभार: फेसबुक)

दिल्ली पुलिस की ने कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों को ज़रूरी दवा और ऑक्सीजन सिलेंडर मुहैया कराने के लिए भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बी.वी. से शुक्रवार को पूछताछ की. कांग्रेस ने इस पूछताछ को राजनीतिक नाटक क़रार देते हुए कहा कि मोदी सरकार देश में ‘छापेमारी राज’ कायम करने की जगह ‘राजधर्म’ का पालन करे.

नई दिल्ली: कांग्रेस ने पार्टी की युवा इकाई के अध्यक्ष श्रीनिवास बी.वी. से कोविड-19 मरीजों को ऑक्सीजन व दवाएं वितरित करने के सिलसिले में पुलिस द्वारा की गई पूछताछ की पृष्ठभूमि में सरकार पर शुक्रवार को ‘छापेमारी राज’ चलाने का आरोप लगाया.

वहीं, भाजपा ने जोर देकर कहा कि अदालत के आदेश पर विभिन्न पार्टियों के कार्यकर्ताओं से पूछताछ हो रही है.

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने श्रीनिवास से उनके द्वारा मुहैया कराई गई मदद के बारे में पूछताछ की. वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि यह पूछताछ दिल्ली उच्च न्यायालय के चार मई के आदेश के तहत की गई है.

अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया था कि वह नेताओं द्वारा कथित तौर पर रेमडेसिविर खरीदने और वितरित करने की जांच करे और मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कदम उठाए.

कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाया है. वहीं, भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा अदालत के आदेश के अनुसार सभी पार्टी के कार्यकर्ताओं से मदद के स्रोत को लेकर पूछताछ कर रही है, जिन्होंने लोगों की मदद की व्यवस्था तब की थी, जब नागरिक और यहां तक कि कुछ अस्पताल भी उन्हें प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहे थे. केवल उनका जमाखोरी करने और शिकायत करने का इतिहास है.’

जानकारी के अनुसार, राहत सामग्री बांटे जाने के संबंध में पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर और दिल्ली इकाई के प्रवक्ता हरीश खुराना से भी पूछताछ की गई. भाजपा नेताओं ने कहा कि मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए.

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने आम आदमी पार्टी के विधायक दिलीप पांडे और दिल्ली कांग्रेस के उपाध्यक्ष अली मेंहदी से भी पूछताछ की है.

अली मेंहदी ने कहा कि उन्होंने इस मामले में अपना जवाब दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के एक अधिकारी को सौंप दिया है.

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर शाम इस मामले में ट्वीट कर कहा, ‘माननीय हाईकोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर अवैध रूप से कोविड-19 के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री लोगों में वितरित करने के आरोप की आज चौथे दिन भी जांच की.’

उधर, कांग्रेस ने भारतीय युवा कांग्रेस  (आईवाईसी) के अध्यक्ष श्रीनिवास से पूछताछ को राजनीतिक नाटक करार देते हुए कहा कि मोदी सरकार देश में ‘छापेमारी राज’ कायम करने की जगह ‘राजधर्म’ का पालन करे.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा, ‘बचाने वाला, हमेशा मारने वाला से बड़ा होता है.’

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस न तो ‘मदद रोकेगी’ न ही ‘झुकेगी’ और कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों की मदद और सेवा जारी रखेगी.

उन्होंने कहा, ‘यह स्पष्ट रूप से राजनीतिक नाटक है, जिसका उद्देश्य उन लोगों को भयभीत करना और रोकना है जो जरूरतमंदों की मदद की कोशिश कर रहे हैं. यह प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है कि वह ऐसी छापेमारी का विरोध करे.’

मालूम हो कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एक टीम ने कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों को जरूरी दवा और ऑक्सीजन सिलेंडर मुहैया कराने के मामले में भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास से शुक्रवार को पूछताछ की.

पुलिस ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह पूछताछ की गई.

दिल्ली हाईकोर्ट ने चार मई को पुलिस को राष्ट्रीय राजधानी में नेताओं द्वारा रेमडेसिविर दवा हासिल करने और इसे कोविड-19 मरीजों को वितरित करने के मामलों की पड़ताल करने और अपराध के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कदम उठाने को कहा था.

पुलिस की पूछताछ से नहीं डरता, लोगों की जान बचाने के लिए मदद की: श्रीनिवास 

इस पूछताछ पर श्रीनिवास ने कहा, ‘पुलिसकर्मी जानना चाहती थी कि लोगों के बीच वितरित करने के लिए मुझे राहत सामग्री कैसे मिली. मैंने कहा कि मैं लोगों की जान बचाने के लिए मदद कर रहा हूं और हमारे साथ भारतीय युवा कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ताओं की समूची टीम है जो ऐसी सामग्री का इंतजाम करती है और इसे लोगों को मुहैया कराती है.’

श्रीनिवास ने कहा कि पुलिस की पूछताछ से वह डरने वाले नहीं हैं और केवल उन लोगों की मदद कर रहे थे जिन्हें संकट की इस घड़ी में किसी भी तरफ से कोई सहयोग नहीं मिला.

भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा, ‘हमने अपना काम जारी रखा है और पुलिस या याचिकाएं दाखिल किए जाने से नहीं डरते. जरूरतमंद लोगों की मदद करने में कोई बुराई नहीं है.’

श्रीनिवास ने कहा कि उन्होंने पुलिस टीम के सवालों के जवाब दिए और लिखित में भी विस्तार से उत्तर दिया है.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि ऐसे समय जब देश में लोग मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं, सरकार लोगों की मदद करने के बजाए ‘छापा राज’ चलाने में मशगूल है.

सुरजेवाला ने केंद्र पर हमला करते हुए कहा, ‘भारतीय युवा कांग्रेस प्रमुख के यहां छापा डलवाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शर्मनाक कृत्य किया है.’

सुरजेवाला ने जोर देकर कहा, ‘यहां तक विदेशी दूतावास भी भारतीय युवा कांग्रेस से ऑक्सीजन की मदद मांग रहे हैं.’

वहीं, भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने ट्वीट कर कहा कि विपक्षी दलों को कानूनी प्रक्रिया का राजनीतिकरण करने से परहेज करना चाहिए.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने ट्वीट किया, ‘जब हॉस्पिटल बेड, दवाइयों, ऑक्सीजन की कमी से लोगों की जान जा रही है, उस समय चुपचाप हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना अपराध है. मुश्किल समय में मदद करना हमारा धर्म है और यही देश की विचारधारा है. मुझे गर्व है अपने युवा संगठन पर जो दिन-रात इस काम को कर रहा है और करता रहेगा.’

बीते 13 मई को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सवाल उठाया था कि कमी के बावजूद रेमडेसिविर इंजेक्शन फिल्म कलाकारों और नेताओं को कैसे मिल जा रहा है.

अदालत ने कहा था कि वह कोविड-19 रोगियों की मदद करने वालों के रास्ते में नहीं आना चाहती, लेकिन उसे कानून के अनुसार आदेश पारित करना होगा. अदालत ने ये भी कहा था कि सुप्रीम कोर्ट और तमाम उच्च न्यायालयों के पहले के आदेशों के अनुसार सिर्फ केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को रेमडेसिविर इंजेक्शन आवंटित किया जाना था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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