Top

दिल्ली में चुनाव प्रचार करने उतरे नीतीश कुमार, कहा- 2005 के बिहार की याद दिलाता है बुराड़ी

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ बुराड़ी में जदयू उम्मीदवार के समर्थन में एक रैली को संबोधित किया. दिल्ली में शिक्षा का स्तर सुधारने के केजरीवाल के दावे पर सवाल उठाते हुए नीतीश कुमार ने पूछा कि उन्होंने पिछले पांच साल में कितने स्कूल बनाए.

नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिल्ली के अपने समकक्ष अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए रविवार को कहा कि कुछ लोगों की दिलचस्पी प्रचार में है. उन्होंने साथ ही दिल्ली सरकार द्वारा पिछले पांच वर्षों के दौरान किये गए कार्य पर सवाल भी उठाया.

जदयू प्रमुख कुमार आठ फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवार एससीएल गुप्ता के लिए चुनाव प्रचार के लिए आये हुए थे. गुप्ता दक्षिण दिल्ली के संगम विहार विधानसभा सीट से उम्मीदवार हैं.

कुमार ने कहा, ‘लोगों ने हमें 2005 में बिहार में उनके लिए काम करने के लिए जनादेश दिया. आप जानते हैं कि बिहार की हालत तब कैसी थी- कोई सड़क नहीं थी, कोई इलेक्ट्रीसिटी नहीं थी, बुनियादी ढांचा जर्जर था. मुझे यहां बुराड़ी में ऐसी ही चीजें दिखाई देती हैं. मैंने सुना है कुछ लोग इसके बारे में बात कर रहे थे. सड़क कहां है? उन्हें (अरविंद केजरीवाल) पांच साल तक आपके लिए काम करने का मौका मिला. और उन्होंने क्या किया है?’

उन्होंने आगे कहा, ‘पानी की गुणवत्ता भी अच्छी नहीं है और आपूर्ति भी बहुत अनियमित है. तो वे काम क्या कर रहे हैं?’

भाजपा दिल्ली में विधानसभा चुनाव जदयू और लोकजनशक्ति पार्टी के साथ गठबंधन में लड़ रही है. नीतीश कुमार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ बुराड़ी में एक रैली को संबोधित कर रहे थे. जनसभा में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और लोजपा नेता चिराग पासवान भी मौजूद थे.

बुराड़ी में पूर्वांचल के लोगों की बड़ी जनसंख्या है जो कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं. इन लोगों की दिल्ली के किसी भी चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका होती है.

दिल्ली में शिक्षा का स्तर सुधारने के केजरीवाल के दावे पर सवाल उठाते हुए कुमार ने पूछा कि उन्होंने पिछले पांच साल में राष्ट्रीय राजधानी में कितने स्कूल बनाए.

कुमार ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद बिहार ने शिक्षा, बिजली और स्वास्थ्य के क्षेत्रों तथा सड़क और परिवहन आधारभूत ढांचे के मामले में अभूतपूर्व काम किया है.

कुमार ने केजरीवाल का नाम लिए बिना कहा, ‘कुछ लोगों की दिलचस्पी प्रचार और विज्ञापन में अधिक है. हम वह नहीं करते.’ उन्होंने कहा, ‘जिन लोगों को दिल्ली में शासन का जनादेश मिला उन्होंने कुछ नहीं किया.’

साल 2015 में जब नीतीश कुमार एनडीए गठबंधन का हिस्सा नहीं थे तब उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव में केजरीवाल का समर्थन किया था. हालांकि, साल 2017 में वे वापस एनडीए गठबंधन का हिस्सा बन गए थे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

Next Story
Share it