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Friday, January 27, 2023

अब आपके बच्चे कोविड खतरे से होंगे सुरक्षित, 2 से 18 साल तक के लोगों को वैक्सीनेशन की मंजूरी

भारत

देश में वैक्सीनेशन के बीच बचे हुये छोटी उम्र की आबादी के लोगों के लिए एक बड़ी खबर आई है. अब 2 साल से 18 साल के बच्चों को कोवैक्सीन का टीका लगाया जा सकेगा. इसकी मंजूरी मिल गई है, और यह वैक्सीन सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध रहेगा।

कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच एक सुखद खबर आ रही है। अब 2 साल से 18 साल के बच्चों को कोवैक्सीन का टीका लगाया जा सकेगा. DCGI से इसकी मंजूरी मिल गई है. भारत बायोटेक और ICMR ने मिलकर इस कोवैक्सीन को बनाया है. यह एक भारतीय कोरोना टीका है. जो कोरोना वायरस के खिलाफ Covaxin क्लीनिकल ट्रायल्स में लगभग 78 प्रतिशत असरदार साबित हुई थी.

जानकारी मिली है कि केंद्र सरकार की तरफ से इसको लेकर जल्द गाइडलाइंस भी जारी की जाएंगी. उसके बाद ही बच्चों को टीका लगना शुरू होगा. बच्चों को भी बड़ों की तरह कोवैक्सीन की दो टीके लगाए जाएंगे. अबतक हुए ट्रायल में टीके से बच्चों को किसी तरह के नुकसान की बात सामने नहीं आई है.

भारत बायोटेक की कोवैक्सीन ने 18 साल से कम के बच्चों पर वैक्सीन का ट्रायल पूरा कर लिया है. इसमें सितंबर में फेज-2, फेज-3 का ट्रायल हो चुका है. और इसका डेटा DCGI को सौंपा जा चुका है.

सूत्रों के मुताबिक, उन बच्चों को यह वैक्सीन पहले लगाई जा सकती है जिनको अस्थमा आदि की दिक्कत है. सरकारी जगहों पर यह वैक्सीन मुफ्त में लगाई जाएगी.

तीसरी लहर की आशंका से पहले राहत की बात

बच्चों के लिए कोवैक्सीन कोरोना टीके को मंजूरी मिलना राहत की खबर भी है. क्योंकि कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, ऐसा माना जा रहा है. लेकिन अगर उससे पहले बच्चों को कोरोना टीका लगना शुरू हो जाएगा, जिससे संक्रमण को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

डॉक्टर नरेश त्रेहान भी मानते हैं कि, बड़ों की तरह ही बच्चों को भी टीका लगना चाहिए. उनको पहले कोरोना टीका लगना चाहिए जिनको संक्रमण होने का खतरा ज्यादा है. त्रेहान ने भी कहा कि बच्चों को कोरोना टीका लग जाएगा तो स्कूल पूरी तरह से खोलने में आसानी होगी, पेरेंट्स और बच्चों का कोरोना के प्रति डर भी कम होगा.

भारत की बात करें तो अभी मौजूदा समय में देश में 18 साल से ऊपर के लोगों को कोरोना टीका लगाया जा रहा है. इसमें कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पूतनिक का कोरोना टीका लगाया जा रहा है. भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार भारत में अबतक 95 करोड़ कोरोना टीके लगाए जा चुके हैं.

इससे पहले अगस्त में भारत ने जायडस कैडिला के कोरोना टीके को भी आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी थी. यह पहली DNA बेस वैक्सीन है. और यह वैक्सीन 12 से 18 साल के बच्चों को लगनी है.

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