जनता कर्फ्यू को एंजॉय करने के लिए खेलें ऑनलाइन अंतराक्षरी, पढ़ें मुफ्त की किताबें

 जनता कर्फ्यू को एंजॉय करने के लिए खेलें ऑनलाइन अंतराक्षरी, पढ़ें मुफ्त की किताबें

जनता कर्फ्यू को एंजॉय करने के लिए खेलें ऑनलाइन अंतराक्षरी, पढ़ें मुफ्त की किताबें – Basti Khabar

आप घर से ना सिर्फ रविवार को बल्कि आने वाले दिनों में भी तब तक मत निकलें जब तक या तो इस बीमारी के फैलने का चेन टूटे या इसका इलाज मिल जाए.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोनावायरस के ख़िलाफ़ किए गए जनता कर्फ्यू के अह्वान का असर समूचे देश में देखने को मिल रहा है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देश भर में तमाम सड़कें रविवार को लगभग सूनी नज़र आ रही हैं. हालांकि, थोड़ी-बहुत हलचल से इंकार नहीं किया जा सकता.

अचानक से हुए इस वायरस के हमले ने लोगों को जिस तरह से घरों में कैद होने पर मजबूर किया है वो लोगों के लिए आसान नहीं है. इतने लंबे समय तक इतनी बड़ी आबादी को एक साथ पहले कभी घर पर नहीं रहना पड़ा. रविवार तो ऐसे भी मनोरंजन का दिन माना जाता है जिस दिन लोग शॉपिंग मॉल और सिनेमा देखने जाते हैं.

अब जब एक रविवार को ही नहीं बल्कि ऐसे कई दिनों तक लोगों को ख़ुद स्वेच्छा से अपने घरों में कैद रहना पड़ सकता है ऐसे में उनके पास क्या विकल्प हैं. संकट के इस दौर में भी इंटरनेट ने उनके लिए कई दरवाज़े खोल रखे हैं. जैसे जगरनॉट पब्लिकेशन ने अपने एप पर किताबें फ्री कर दी हैं, अमर चित्र कथा और टिंकल को भी ऑनलाइन मुफ्त में पढ़ा जा सकता है.

शनिवार के अपने एक ट्वीट में जगरनॉट बुक्स ने अपने हैंडल से लिखा, ‘जैसा कि कल (रविवार को) कर्फ्यू है, जगरनॉट आपके लिए अपने एप को मुफ्त करने जा रहा है.’ आगे लिखा कि ऐसे समय में पढ़ते हुए सीखने और शांत रहने से बेहतर और कोई विकल्प नहीं हो सकता.

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ट्विटर पर अंताक्षरी की शुरुआत की है. उन्होंने एक ट्वीट में पीएम मोदी को टैग करते हुए सुबह 11 बजे इसे शुरू करने को कहा और पूरे देश को एक साथ आने को कहा. उन्होंने लिखा, ‘भारत 130 करोड़ लोगों का परिवार है इसलिए टैग करना मुश्किल है कि अगला गाना कौन उठाएगा.’

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उन्होंने आगे लिखा है कि कोई भी एक गाना ट्वीट करे क्योंकि ये अपनी मर्जी वाला अंताक्षरी है.

ऐसे ही एक ट्वीट में टिंकल ने लिखा है, ‘ऐसे मुश्किल वक्त एक छोटे से तोहफे के तौर पर हम अपने सभी प्रीपेड ग्राहकों को एक महीने तक अपना एप मुफ्त में इस्तेमाल करने देंगे.’ उन्होंने उनके साथ जुड़े ग्राहकों का शुक्रिया अदा किया है.

जानी मानी भोजपुरी गायिका मालिनी अवस्थी ने इस मुहिम से जुड़े हुए एक ट्वीट कर लिखा, ‘डरना नहीं, मुस्कुराना है, मिलकर इसे अब हराना है. सुनिए, सुनाइये Red heart. कल #जनताकर्फ्यू के दिन घर में सुनिए और सुरक्षित रहिए.’

नीचे के लिंक पर अगर आप क्लिक करेंगे तो आपको ऐसे गेम्स मिलेंगे जिन्हें ना सिर्फ आप अपने परिवार के साथ खेल सकते हैं बल्कि आपसी प्यार भी बढ़ा सकते हैं और साथ ही साथ कोरोना से भी लड़ सकते हैं.

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आर्ट ऑफ़ लिविंग के श्री श्री रविशंकर ने लिखा है कि अब जब लोग जनता कर्फ्यू में हैं, ये अच्छा समय है कि सब अपने साथ रहें और मेडिटेशन करें. इस मुहिम के लिए उन्होंने आज हिंदी और अंग्रेज़ी में मेडिटेशन के आयोजन की घोषणा की है.

ना सिर्फ टिंकल बल्कि अमर चित्र कथा भी 31 मार्च तक लोगों को मुफ्त एक्सेस दे रहा है. इन सबका ध्येय ये है कि सोशल डिस्टेंसिंग यानी समाज में लोगों की एक-दूसरे से दूरी बनी रहे.

दरअसल, कोरोनावायरस ड्राप्लेट्स छींकने और खांसने से फैल रहा है. ऐसा होता है कि अगर आपके आप-पास कोई छींक या खांस दे इससे निकलने वाले कणों से आपको कोविड- 19 हो सकता है. कोविड-19 कोरोना का वो नाम है जो इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने दिया है.

कोरोना और इसके सामने आने के साल 2019 को मिलाकर कोविड-19 नाम लिया गया है. ये बीमारी पहले जानवर से इंसान में आई और अब बड़ी तेज़ी से इंसान से इंसानों में और अन्य माध्यमों से इंसानों में फैल रही है. अगर कोई व्यक्ति खांस या छींक देता है तो उसके ड्राप्लेट जहां गिरते हैं वहां 6 से 48 घंटों तक मौजूद रहते हैं.

अगर कोई भी इनके संपर्क में आ जाए तो उसे कोविड-19 हो सकता है. सबसे गंभीर बात ये है कि अभी तक इस बीमारी के पुख्ता इलाज या वैक्सीन के बारे में किसी देश को कुछ नहीं पता, ऐसे में सबसे अच्छा तरीका है कि इस बीमारी को फैलने से रोकना. इसे फैलने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका है लोगों का घरों से नहीं निकलना.

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चीन, ईरान और इटली जैसे देशों में जब ये बीमारी बहुत ज़्यादा फ़ैल गई तो वहां की सरकारों को देश के कई हिस्सों को पूरी तरह से बंद करना पड़ा. भारत में भी राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों ने ख़ुद को पूरी तरह से और यूपी के अलावा ओडिशा समेत कई अन्य राज्यों ने ख़ुद को आंशिक तौर पर बंद करने के कदम उठाए हैं.

ऐसे में पहले से जूझती देश की स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच आप घर से ना सिर्फ रविवार को बल्कि आने वाले दिनों में भी तब तक मत निकलें जब तक या तो इस बीमारी के फैलने का क्रम टूटे या इसका इलाज मिल जाए. जब तक आपको कोई बहुत ज़रूरी काम ना हो, घर से ना निकलें.