28 C
Uttar Pradesh
Saturday, September 18, 2021

पीएम किसान सम्मान निधि योजना: कल दो करोड़ 36 लाख किसानों को मिलेंगे चार हजार 720 करोड़ रुपए

भारत

e14612343fcbf6d3201345a840e96510?s=120&d=mm&r=g
डॉ. एसके सिंह
Dr. SK Singh is a senior journalist, he has also worked for Dainik Jagran and Amar Ujala's newspapers.
The PM-Kisan scheme, launched in February 2019 (made effective from December 2018) to give income support to farmers, cost the exchequer about Rs 1,241 crore in FY19, Rs 48,714 crore in FY20 and Rs 65,000 crore in (RE) FY21.
The PM-Kisan scheme, launched in February 2019 (made effective from December 2018) to give income support to farmers, cost the exchequer about Rs 1,241 crore in FY19, Rs 48,714 crore in FY20 and Rs 65,000 crore in (RE) FY21.

●प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पीएम मोदी करेंगे ट्रांसफर

●अगस्त, सितंबर, अक्तूबर और नवंबर माह की धनराशि भेजी जाएगी

लखनऊ। किसानों की आय में दुगुना वृद्धि के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश के दो करोड़ 36 लाख किसानों को चार हजार 720 करोड़ रुपए सीधे उनके खाते में ट्रांसफर करेंगे। अगस्त, सितंबर, अक्तूबर और नवंबर माह की धनराशि प्रति किसान को दो हजार रुपए भेजी जाएगी।

केंद्र सरकार की ओर से संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में करीब 18 लाख किसानों को 32,500 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसमें वह किसान भी शामिल हैं, जिन्हें एक बार से लेकर आठ बार तक धनराशि दी गई है। इसी तरह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से दो करोड़ से अधिक किसान जुड़े हैं और इस योजना से 25 लाख 60 हजार से अधिक किसानों को 2,208 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति दी गई है।

सीएम योगी ने पिछली सरकारों की तुलना में कई गुना धनराशि किसानों को साढ़े चार साल में दी है। प्रदेश में पहली बार 433.86 लाख मीट्रिक टन से अधिक खाद्यान्न की सरकारी खरीद की गई और 78,23,357 किसानों को 78,000 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया गया है। किसानों को तीन लाख 92 हजार करोड़ रुपए का फसली ऋण का भुगतान किया गया है और 36 हजार करोड़ रुपए से 86 लाख किसानों का ऋण माफ किया गया है।

किसानों को रिकार्ड छह लाख 80 हजार 708 करोड़ रुपए का भुगतान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध और शक्तिशाली बनाने के लिए जितने प्रयास किए हैं, उतने शायद ही पहले किसी सरकार में हुए हों। सीएम योगी ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रदेश के सालाना बजट से ज्यादा धनराशि महज साढ़े चार साल के कार्यकाल में दी है। यह भी प्रदेश में एक इतिहास है, आजादी से लेकर 2017 से पहले तक किसी सरकार ने प्रदेश के सालाना बजट तो दूर उसकी आधी धनराशि भी किसानों को नहीं दी है। प्रदेश सरकार की ओर से विभिन्न मदों में किसानों को रिकार्ड छह लाख 80 हजार 708 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। किसानों के हित में सरकार की ओर से उठाए गए कदमों और अन्य मदों में दी गई धनराशि को जोड़ लिया जाए, तो यह राशि 10 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है।

पहली बार गन्ना किसानों को एक लाख 40 हजार करोड़ से अधिक का भुगतान

सीएम योगी ने कोरोना महामारी में भी किसानों की सुविधाओं का पूरा  ख्याल रखा। इस दौरान प्रदेश में चीनी मिलें चलती रहीं और खेती किसानी से जुड़ी हर गतिविधियों को अनुमति दी गई, ताकि किसानों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। पिछली सरकारों में चीनी मिलें बंद हो रहीं थी और गन्ना किसानों का बकाया साल दर साल बढ़ रहा था, लेकिन सीएम योगी ने रमाला, पिपराइच, मुण्डेरवा चीनी मिलों सहित 20 चीनी मिलों का आधुनिकीकरण और विस्तार कराया। साथ ही प्रदेश के इतिहास में पहली बार 45 लाख गन्ना किसानों को एक लाख 40 हजार करोड़ से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान किया है।

- Advertisement -

सबसे अधिक पढ़ी गई

- Advertisement -

ताजा खबरें