मेरठ: जानलेवा हमले में वांटेड जिला पंचायत सदस्य को खोज रही थी पुलिस, BJP में हुआ शामिल

जानलेवा हमले का वांछित जिपं सदस्य अरुण चौधरी ने थामा भाजपा का दामन/ फोटो - बस्ती खबर
जानलेवा हमले का वांछित जिपं सदस्य अरुण चौधरी ने थामा भाजपा का दामन/ फोटो – बस्ती खबर

उत्तर प्रदेश। मेरठ जिले के अरुण चौधरी जिसपर भाजपा कार्यकर्ता इंद्रजीत सिंह पर जानलेवा हमला करने का आपराधिक मुकदमा दर्ज है, उसने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली है।

बसपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य अरुण चौधरी की गुंडागर्दी का मामला इस वर्ष 10 मई को सामने आया था। उस घटनाक्रम का एक फोटो भी काफी वायरल हुआ था जिसमें वह एक युवक को जान से मारने के लिए पिस्तौल लेकर पीछे दौड़ रहा है। और पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई थी। उसी बीच युवक की तहरीर पर पुलिस ने अरुण और उसके साथी ईशु के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज कर लिया था।  

Amar Ujala
11 मई को अमर उजाला द्वारा प्रकाशित की गयी फोटो- साभार अमर उजाला

इंचौली पुलिस ने अरुण चौधरी की तलाश में कई जगह दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। पुलिस का दावा है कि अरुण अपने घर से फरार है। पुलिस ने उनके दोनों मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगवाए थे, लेकिन वह बंद था। अमर उजाला द्वारा प्रकाशित खबर के अनुसार, चर्चा है कि अरुण चौधरी के पक्ष में कई भाजपा नेताओं ने पुलिस से भी संपर्क किया था। 

इसी मौके का फायदा उठाते हुये मामले के वांछित जिला पंचायत सदस्य अरुण चौधरी ने अभी हाल ही में भाजपा का दामन थाम लिया। बागपत रोड स्थित भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय पर अरुण को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। कार्यक्रम में सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक दिनेश खटीक समेत अन्य नेता मौजूद रहे। अरुण पर मुकदमा दर्ज होते ही भाजपा नेताओं ने उसे संरक्षण में ले लिया था।

जानकारी के मुताबिक मुकदमा दर्ज होते ही भाजपा नेताओं ने अरुण पर डोरे डालने शुरू कर दिए। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में अरुण से वोट लेना भाजपा नेताओं के सामने चुनौती थी, क्योंकि अरुण बसपा समर्थित था। अरुण भाजपा नेताओं के पास छिपा था। अमर उजाला ने ‘अब अरुण भाजपा में शामिल हो सकते हैं’ शीर्षक से खबर भी प्रकाशित की थी। बुधवार को अरुण भाजपा में शामिल हो भी गए और पुलिस को खबर तक नहीं लगी।

कुर्की वारंट की तैयारी

अरुण का गिरफ्तारी वारंट पुलिस ने लिया हुआ है। अब कुर्की वारंट भी लेने की तैयारी है। सवाल उठता है कि वांटेड की वोट कैसे डलेगी या फिर सपा सरकार की तरह भाजपा वांटेड की वोट डलवाने में कामयाब होगी। क्योंकि सपा सरकार में भी जेल में बंद योगेश भदौड़ा की वांटेड पत्नी सुमन की वोट भी जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में डलवाई गई थी। 

चुनावी मुकदमा है  

ये चुनावी मुकदमे हैं, अगर 307 का मुकदमा दर्ज है तो पुलिस इसकी जांच करेगी।

राजेंद्र अग्रवाल, सांसद

पुलिस कार्रवाई करेगी 

नामजद जिला पंचायत सदस्य अरुण चौधरी किसी पार्टी में शामिल हुआ है। इसकी पुलिस को जानकारी नहीं है। आईपीसी के तहत पुलिस कार्रवाई करेगी। नामजद आरोपी किस पार्टी में है, इससे पुलिस का कोई लेना देना नहीं है।

अजय साहनी, एसएसपी

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Editor Basti Khabar Team. Byline- "The Dialogue", "OppIndia", "101 Reporters" Freelancer Uttar Pradesh Based Journalist. Follow @EditorRajan

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