पंचायत चुनाव 2021 में कोविड-19 से मरने वाले शिक्षकों की संख्या को लेकर उठाए जा रहे सवाल गंभीर

number of teachers who died from Covid-19 in Panchayat elections 2021
number of teachers who died from Covid-19 in Panchayat elections 2021

झाँसी और देवरिया के जिलाधिकारियों की शासन को भेजी गयी चिट्ठी, यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान ड्यूटी करने वाले शिक्षकों की कोरोना से मौत के सही आंकड़ों के खोल सकती है राज!

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में हुये त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों की कोरोना से मौत होने की जो संख्या जारी की गयी है उसपर शिक्षक संगठन द्वारा जारी मृतकों की सूची व विपक्षी दलों के नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं।

हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश ने अपनी गाइडलाइन में यह पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि, निर्वाचन अवधि की गणना मतदान/मतगणना संबंधी प्रशिक्षण एवं मतदान/मतगणना कार्य हेतु कर्मचारी के निवास स्थान से ड्यूटी स्थल तक पहुँचने की अवधि तक मान्य है। इस अवधि में किसी भी कारण से हुई मृत्यु की दशा में अनुग्रह राशि अनुमान्य है जिसका निर्धारण राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाएगा।

इस तरह पात्रता के आधार पर कोविड-19 से मौतों का भारीभरकम आंकड़ा मात्र 3 तक ही सिमट कर रहा गया है।

DM Jhansi Latter
DM Jhansi Latter
डीएम झाँसी द्वारा जारी विभिन्न कारणों से चुनावी ड्यूटी में मरने वालों की संख्या सूची- 01
डीएम झाँसी द्वारा जारी विभिन्न कारणों से चुनावी ड्यूटी में मरने वालों की संख्या सूची- 01
डीएम झाँसी द्वारा जारी विभिन्न कारणों से चुनावी ड्यूटी में मरने वालों की संख्या
डीएम झाँसी द्वारा जारी विभिन्न कारणों से चुनावी ड्यूटी में मरने वालों की संख्या सूची- 02
डीएम झाँसी द्वारा जारी विभिन्न कारणों से चुनावी ड्यूटी में मरने वालों की संख्या सूची- 03
डीएम झाँसी द्वारा जारी विभिन्न कारणों से चुनावी ड्यूटी में मरने वालों की संख्या सूची- 03

8 मई को जिलाधिकारी झांसी द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश लखनऊ को भेजे गए पत्र में जानकारी दी जा चुकी थी कि, त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन- 2021 में जनपद झांसी में चुनाव ड्यूटी करने वाले अब तक प्राप्त सूचना के आधार पर शिक्षक/अधिकारी/कर्मचारियों आदि कुल 36 की विभिन्न कारणों से मृत्यु हुई है। जिसकी सूचना भेजे गए पत्र के साथ संलग्न कर प्रेषित की गई थी, प्रेषित किए गए मृतकों की सूची का अवलोकन करने पर 36 मृतकों में से लगभग 33 शिक्षकों की मौत कोविड-19 से होने का जिक्र किया गया था।

DM Deoria Latter
DM Deoria Latter
डीएम देवरिया द्वारा जारी विभिन्न कारणों से चुनावी ड्यूटी में मरने वालों की संख्या सूची- 01
डीएम देवरिया द्वारा जारी विभिन्न कारणों से चुनावी ड्यूटी में मरने वालों की संख्या सूची- 01
डीएम देवरिया द्वारा जारी विभिन्न कारणों से चुनावी ड्यूटी में मरने वालों की संख्या सूची- 02
डीएम देवरिया द्वारा जारी विभिन्न कारणों से चुनावी ड्यूटी में मरने वालों की संख्या सूची- 02

इसी प्रकार 7 मई को जिलाधिकारी देवरिया द्वारा सचिव, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को भेजे गए पत्र में जानकारी दी गई थी कि, जिन शिक्षक/कर्मचारियों की ड्यूटी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में लगायी गई थी उनमें कोविड-19 संक्रमण के कारण हुई मृत्यु के क्रम में जनपद देवरिया से कुल 30 शिक्षकों/कर्मचारियों/अधिकारियों की प्रमाणित सूची प्रेषित की गई है। भेजे गए इस सूची का अवलोकन करने पर 30 मृतकों में से लगभग 19 लोगों की मौत कोविड-19 के संक्रामण के कारण होना बताया गया है।

U.P. Government Press Note
U.P. Government Press Note

18 मई को बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश के अनुसचिव सत्य प्रकाश द्वारा एक प्रेसनोट जारी करके यह जानकारी दी गयी थी कि, ‘राज्य निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार जिलाधिकारियों द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग को अभी तक 3 शिक्षकों के मृत्यु की प्रमाणित सूचना प्रेषित की गयी है। मृतकों के परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना है तथा मृतकों को अनुमन्य अनुग्रह राशि का भुगतान उनके परिजनों को शीघ्र कराया जाएगा’।

उक्त प्रेस नोट जारी होते ही मृतक शिक्षकों की संख्या को लेकर प्रदेश सरकार की कड़ी आलोचना होनी शुरू हो गयी। प्रियंका गांधी महासचिव, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस उत्तर प्रदेश ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुये ट्वीट किया कि, “पंचायत चुनाव में ड्यूटी करते हुये मारे गए 1621 शिक्षकों को उत्तर प्रदेश शिक्षक संघ द्वारा जारी लिस्ट को संवेदनहीन यूपी सरकार झूठ कहकर मृत शिक्षकों की संख्या 3 बता रही है। शिक्षकों को जीते जी उचित सुरक्षा उपकरण और इलाज नही मिल पाया और अब मृत्यु के बाद सरकार उनका सम्मान भी छीन रही”।

दूसरी ओर समाजवादी पार्टी से उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 20 मई को ट्वीट करते हुये लिखा कि, “अपनी शिक्षिका पत्नी को खोने वाले गोरखपुर के शिवशंकर प्रजापति के अनुसार “यूपी पंचायत चुनाव लोकतंत्र नहीं मौत का त्यौहार है”.. चुनाव प्रत्याशी व ड्यूटी में लगे शिक्षक अपनी जान गँवा रहे हैं। चुनाव की आड़ में मौत बांटी गयी है। ये हत्याएं हैं, इनकी जवाबदेही तय हो व हर मृतक को इंसाफ मिले”।

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मालूम हो कि यूपी पंचायत चुनाव 2021 में ड्यूटी करने के दौरान कोविड-19 से मरने वाले शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की संख्या 1621 पहुँच चुकी थी, उस समय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा जारी सूची में इसकी जानकारी दी गई थी। इसके पहले 18 अप्रैल की सूची में 706 शिक्षकों-कर्मचारियों की मौत होने की जानकारी दी गई थी। ऐसे में पंचायत चुनाव में कोरोना संक्रमण के चलते बड़ी संख्या में मारे गए शिक्षकों की संख्या को प्रदेश सरकार द्वारा मात्र 3 ही बताना बड़े सवाल खड़े कर रही है। और इन सवालों को मजबूती दे रहे हैं जिलाधिकारों द्वारा शासन स्तर तक भेजे गए कोविड-19 से मरने वाले लोगों की सूचनाओं के साथ जारी की गई चिट्ठी।

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Editor Basti Khabar Team. Byline- "The Dialogue", "OppIndia", "101 Reporters" Freelancer Uttar Pradesh Based Journalist. Follow @EditorRajan

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