राजनाथ सिंह बोले- रक्षा क्षेत्र में भी भारत बनेगा आत्मनिर्भर, 101 उपकरणों के आयात पर लगेगी रोक

 राजनाथ सिंह बोले- रक्षा क्षेत्र में भी भारत बनेगा आत्मनिर्भर, 101 उपकरणों के आयात पर लगेगी रोक

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, फाइल फोटो, सूरज सिंह बिष्ट/ दिप्रिंट

आयात प्रतिबंधों के लिए चिह्नित की गई 101 वस्तुओं की सूची में तोप, असॉल्ट राइफल, परिवहन विमान शामिल हैं.101 रक्षा वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने की योजना 2020 से 2024 के बीच चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित होगी.

नईदिल्ली: रक्षा मंत्रालय ने भी अब आत्मनिर्भर भारत अभियान की पहल को आगे बढ़ाने के लिए तैयारी कर ली है. मंत्रालय ने उन 101 रक्षा उपकरणों की सूची तैयार की है जिनके आयात पर रोक लगेगी. रक्षा क्षेत्र में भी उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा.

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर जानकारी दी, ‘रक्षा मंत्रालय आत्मनिर्भर भारत पहल को आगे बढ़ाने के लिए अब बड़े कदम उठाने को तैयार है. सरकार देश में रक्षा संबंधी निर्माण बढ़ाने के लिए 101 सामग्रियों के आयात पर रोक लगाएगी.’

उन्होंने आगे लिखा, ‘आयात प्रतिबंधों के लिए चिह्नित की गई 101 वस्तुओं की सूची में तोप, असॉल्ट राइफल, परिवहन विमान शामिल हैं. 101 रक्षा वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने की योजना 2020 से 2024 के बीच चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित होगी. आयात पर प्रतिबंध के लिए चिह्नित सैन्य वस्तुओं के घरेलू स्तर पर उत्पादन की समयसीमा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे. आयात पर प्रतिबंध के लिए और भी रक्षा उपकरणों को चरणबद्ध तरीके से चिह्नित किया जाएगा बजट 2020-21 में घरेलू पूंजीगत खरीद के लिए करीब 52,000 करोड़ रुपये का पृथक मद तैयार किया गया.’

रक्षामंत्री ने आगे लिखा, इन 101 वस्तुओं में सिर्फ आसान वस्तुएं ही शामिल नहीं हैं बल्कि कुछ उच्च तकनीक वाले हथियार सिस्टम भी हैं जैसे आर्टिलरी गन, असॉल्ट राइफलें, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, रडार और कई अन्य आइटम हैं जो हमारी रक्षा सेवाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए हैं.

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रक्षामंत्री सिंह ने लिखा कि आयात पर प्रतिबंध (एम्बार्गो) को 2020 से 2024 के बीच लागू करने की योजना है. हमारा उद्देश्य भारतीय रक्षा उद्योग को सशस्त्र बलों की आवश्यकताओं के बारे में बताना है ताकि वे स्वदेशीकरण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बेहतर रूप से तैयार हो जाएं. यह निर्णय भारतीय रक्षा उद्योग को खुद के डिजाइन और विकास क्षमताओं का उपयोग करके या फिर डीआरडीओ द्वारा विकसित तकनीकों को अपनाकर सशस्त्र बलों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हथियारों के निर्माण का एक बड़ा अवसर प्रदान करेगा.

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने कोरोना संकट के दौरान आत्मनिर्भर भारत अभियान का ऐलान किया था. इसके बाद सरकार विभिन्न क्षेत्रों के लिए 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज भी लेकर आई थी.