28 C
Uttar Pradesh
Saturday, September 18, 2021

Ram Mandir Scam: 2 करोड़ में जमीन का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट हुआ और 5 मिनट बाद वही जमीन 18.5 करोड़ में मंदिर ट्रस्ट को बेच दी गई

भारत

Ram Mandir Scam
Ram Mandir Scam

सपा सरकार में राज्य मंत्री रहे तेज नारायण पांडे उर्फ पवन पांडे ने आरोप लगाया है कि 2 करोड़ में जमीन का बैनामा हुआ और उसी दिन फिर साढ़े 18 करोड़ में एग्रीमेंट हुआ. एग्रीमेंट और बैनामा दोनों में ही ट्रस्टी अनिल मिश्रा और मेयर ऋषिकेष उपाध्याय गवाह हैं. 18 मार्च 2021 को ही करीब 10 मिनट पहले बैनामा भी हुआ और फिर एग्रीमेंट भी, जिस जमीन को दो करोड़ में खरीदा गया उसी जमीन का 10 मिनट बाद साढ़े 18 करोड़ में एग्रीमेंट क्यों हुआ?

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीन पर सवाल उठाए गए हैं. जमीन की खरीद में घोटाले का आरोप लगाया गया है. अयोध्या के पूर्व विधायक और सपा सरकार में राज्य मंत्री रहे तेज नारायण पांडे उर्फ पवन पांडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि 2 करोड़ में जमीन का बैनामा हुआ और उसी दिन फिर साढ़े 18 करोड़ में एग्रीमेंट हुआ. एग्रीमेंट और बैनामा दोनों में ही ट्रस्टी अनिल मिश्रा और मेयर ऋषिकेष उपाध्याय गवाह हैं. 18 मार्च 2021 को ही करीब 10 मिनट पहले बैनामा भी हुआ और फिर एग्रीमेंट भी, जिस जमीन को दो करोड़ में खरीदा गया उसी जमीन का 10 मिनट बाद साढ़े 18 करोड़ में एग्रीमेंट क्यों हुआ?

पूर्व मंत्री पवन पांडे ने उठाए सवाल

पवन पांडेय ने सवाल उठाए हैं कि मिनटों में ही 2 करोड़ की कीमत की जमीन साढ़े 18 करोड़ कैसे हो गई? राम मंदिर के नाम पर जमीन खरीदने के बहाने राम भक्तों को ठगा जा रहा है. उन्होंने यह भी दावा किया है कि जमीन खरीदने का सारा खेल मेयर और ट्रस्टी को मालूम था. इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए.

पवन पांडे का दावा है कि 17 करोड़ RTGS किया गया, किन-किन खाते से पेमेंट हुआ इसकी भी जांच होनी चाहिए. प्रभु श्री राम के नाम पर जमीन खरीद में भ्रष्टाचार हो रहा है.12080 वर्ग मीटर यानि 1.208 हेक्टेयर जमीन का बैनामा और एंग्रीमेंट हुआ बाबा हरिदास ने सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी को बेचा और उसी को ट्रस्ट ने खरीदा.10 मिनट में जमीन की कीमत 16 करोड़ बढ़ गई.

आम आदमी पार्टी ने भी लगाए आरोप

आम आदमी पार्टी ने भी इस मामले में आरोप लगाए हैं. पार्टी का कहना है कि 2 करोड़ की खरीदी गई जमीन को कुछ ही मिनटों बाद राम जन्मभूमि ट्रस्ट को 18.5 करोड़ में बिक्री के लिए एग्रीमेंट किया गया.

ट्रस्ट ने रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करके 16.5 करोड़ के भुगतान का दावा कर चुका है. आप नेता संजय सिंह ने कहा कि 2 करोड़ की ज़मीन खरीद व 18 करोड़ के एग्रीमेंट, दोनों में राम जन्मभूमि ट्रेस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा गवाह हैं. उनका कहना है कि इस तरह हेराफेरी करके दान के पैसों में 16 करोड़ की चपत लगाई गई है. उन्होंने कहा कि .ये मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है. तत्काल इस मामले की सीबीआई और ईडी से जांच कराई जाए.

आम आदमी पार्टी द्वारा राम मंदिर मामले में मुख्य आरोप ऐसे हैं-

एक अजीबोगरीब बात और है, जो जमीन रवि मोहन तिवारी ने हरीश पाठक जी से खरीदी उसका स्टांप तो 5 बजकर 22 मिनट पर खरीदा गया, लेकिन जो एग्रीमेंट साढे़ 18 करोड़ रुपये का हुआ, उसका स्टांप 5 बजकर 11 मिनट पर ही खरीद लिया गया। यानी ट्रस्ट ने पहले से ही स्टांप खरीद लिया।

संजय सिंह, सांसद आम आदमी पार्टी

मैं पूछना चाहता हूँ जो जमीन दो करोड़ रुपए में खरीदी गई, वही जमीन ठीक 5 मिनट बाद साढे़ 18 करोड़ रुपये में कैसे खरीद ली गई?

संजय सिंह, सांसद आम आदमी पार्टी

मैं समझता हूँ आज उन करोड़ों भक्तों को गहरी ठेस लगी होगी जिन लोगों ने प्रभु श्री राम के नाम पर बने ट्रस्ट पर भरोसा करके करोड़ों रुपए का चंदा दिया लेकिन प्रभु श्री राम के नाम पर उस ट्रस्ट के पदाधिकारी करोड़ों रुपए की हेराफेरी कर रहे हैं।

संजय सिंह, सांसद आम आदमी पार्टी

ट्रस्ट के मेंबर अनिल मिश्रा जी, जो बयनामा कराने में गवाह थे, वही अनिल मिश्रा जी इस जमीन को ट्रस्ट के नाम पर खरीदने में भी गवाह बन गए और मेयर महोदय ऋषिकेश उपाध्याय जी जो जमीन बयनामा कराने में गवाह थे, वहीं मेयर महोदय ट्रस्ट के नाम पर खरीदने में भी गवाह बन गए।

संजय सिंह, सांसद आम आदमी पार्टी

लगभग साढे़ 5 लाख रुपये प्रति सेकंड की दर से जमीन का दाम बढ़ गया, पूरी दुनिया में कहीं भी एक सेकंड में जमीन इतनी महंगी नहीं हुई होगी, लेकिन राम जन्मभूमि के नाम पर बने ट्रस्ट में 1 सेकंड में साढे़ 5 लाख रुपये मंहगी करके जमीन खरीदी गई ।

संजय सिंह, सांसद आम आदमी पार्टी

₹5 करोड़ 80 लाख की जमीन शाम को 7:10 पर ₹2 करोड़ रुपए में खरीदी जाती है और ठीक 5 मिनट बाद वही ज़मीन जो ₹2 करोड़ में खरीदी गई, जिसकी असली कीमत 5 करोड़ 80 लाख है उसे राम जन्म भूमि ट्रस्ट के चंपत रायजी ने साढे़ 18 करोड़ में खरीद लिया और ₹17 करोड़ रुपये RTGS कर दिया।

संजय सिंह, सांसद आम आदमी पार्टी

अयोध्या की जमीन, गाटा सं. 243, 244, 246 जिसकी कीमत ₹5 करोड़ 80 लाख है जिसको ₹2 करोड़ में कुसुम पाठक और हरीश पाठक जी से सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने खरीदा। इस खरीद में दो गवाह बने अनिल मिश्रा (सदस्य रामजन्म भूमि ट्रस्ट) और ऋषिकेश उपाध्याय (मेयर अयोध्या)।

संजय सिंह, सांसद आम आदमी पार्टी

भगवान श्री राम जिनके प्रति करोड़ों लोगों की आस्था है, जिनके नाम पर गरीब किसान से लेकर फैक्ट्री मजदूर तक सभी ने प्रभु श्री राम का मंदिर बनाने के लिए चंदा दिया है, कोई नहीं जानता था जिस ट्रस्ट में चंदा दे रहे हैं, उसमें भी घोटाला और भ्रष्टाचार कर लिया जाएगा।

संजय सिंह, सांसद आम आदमी पार्टी

कोई कल्पना भी नहीं कर सकता की मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के नाम पर भी कोई घोटाला करने की हिम्मत करेगा लेकिन, राम जन्म भूमि ट्रस्ट के नाम पर करोड़ों रुपए चंपत राय जी ने चंपत कर दिया है।

संजय सिंह, सांसद आम आदमी पार्टी

18.50 करोड़ के भ्रष्टाचार पर चंपत राय ने क्या कहा!

18.50 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा, ‘हम पर महात्मा गांधी की हत्या के भी आरोप लगे हैं। हम आरोपों से नहीं डरते। जो आरोप लगे हैं उसका मैं स्टडी करूंगा।

दरअसल आम आदमी पार्टी (आप) से राज्यसभा सदस्य और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह ने पूरे मामले की जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने की मांग की है। सिंह ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने संस्था के सदस्य अनिल मिश्रा की मदद से दो करोड़ रुपए कीमत की जमीन 18 करोड़ रुपए में खरीदी। यह सीधे-सीधे मनी लॉड्र‍िंग का मामला है और सरकार इसकी सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराए।

बीजेपी, आरएसएस और राममंदिर ट्रस्ट के लोगों को देना होगा जवाब

समाजवादी पार्टी के प्रवक्‍ता मनोज यादव ने कहा क‍ि अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट घोटाले को लेकर उत्तर प्रदेश में जिस तरह से ये घटनाक्रम हुआ है। वह च‍िंताजनक है। क्या 2 करोड़ की जमीन 17 करोड़ में खरीदी गई। 5 मिनट में इतना पैसा कैसे बढ़ जाता है। इसकी जांच होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश में राम मंदिर को लेकर कई दशकों से राजनीति चल रही है और राम के नाम पर भ्रष्टाचार ये बात हिंदू समाज को अच्छी नहीं लगी। बीजेपी, आरएसएस और मौजूदा अयोध्या के राममंदिर ट्रस्ट के लोगों को जवाब देना पड़ेगा।

- Advertisement -

सबसे अधिक पढ़ी गई

- Advertisement -

ताजा खबरें