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दिल्ली हिंसा में रतन, राहुल, फुरकान, नाजिम, शाहिद की मौत, भड़काने वाले नेताओं पर खरोंच तक नहीं

दिल्ली हिंसा में रतन, राहुल, फुरकान, नाजिम, शाहिद की मौत, भड़काने वाले नेताओं पर खरोंच तक नहीं
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नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली के कई इलाकों में काफी हिंसा हुई. उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, चांद बाग, भजनपुरा इलाकों में सीएए के समर्थकों और विरोधियों के बीच टकराव ने हिंसक रूप ले लिया. 23 फरवरी से शुरू हुआ टकराव 24 फरवरी को और भयानक हो गया. देखते ही देखते पथराव, आगजनी और गोलीबारी की घटनाएं सामने आईं. दंगाइयों ने कई दुकानों और गाड़ियों को फूंक दिया गया. दोनों ओर से पत्थर चले, जिसमें काफी लोग चोटिल हो गए. इनमें पुलिसवाले भी शामिल हैं और आम लोग भी. जिन लोगों ने आग भड़काई, वे अपने घरों में आराम फरमा रहे हैं. जिन्होंने लोगों को उकसाया, उन्हें खरोंच तक नहीं आई.

कौन हैं भड़काने वाले लोग

इनमें दिल्ली चुनावों के दौरान भड़काऊ बयान देने वाले और ‘देश के गद्दारों…’ वाले नारे लगवाने वाले बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर, परवेश वर्मा, बीजेपी के नए ‘बयानवीर’ कपिल मिश्रा शामिल हैं. इनके अलावा असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के विधायक वारिस पठान. इन्होंने हिंदुओं के खिलाफ मुसलमानों को भड़काने का काम किया. एक रैली में कहा कि 100 करोड़ लोगों पर 15 करोड़ लोग भारी पड़ेंगे. इन्होंने लोगों को भड़काकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकी. खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ा. उसकी रोजी और रोटी पर लात पड़ी है. हिंसा की आग में आम लोग जल रहे हैं. घरों में डर के माहौल में रहने को मजबूर हैं. उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में तनाव पसरा है.

सात की मौत, दो की पहचान नहीं

इन सबके बीच दिल्ली पुलिस ने 25 फरवरी को बताया कि हिंसा में एक पुलिसकर्मी सहित सात लोगों की मौत हो चुकी है. मृतकों में से पांच की पहचान हो चुकी है, जबकि दो की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. जिनकी पहचान हुई, उनमें शाहिद, मोहम्मद फुरकान, नाजिम, राहुल सोलंकी के साथ ही हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल हैं. 24 फरवरी को पांच लोगों के मारे जाने की सूचना थी. साथ ही 100 से ज्यादा लोग घायल हैं. 50 के करीब पुलिसवाले भी घायल हुए हैं. इनमें शाहदरा के डीसीपी अमित शर्मा भी शामिल हैं. उनके सिर पर गंभीर चोट लगी थी. 24 फरवरी को रात में उनकी सर्जरी हुई.

दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर इलाकों में दंगाइयों काफी आगजनी और पथराव किया. (PTI)
दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर इलाकों में दंगाइयों काफी आगजनी और पथराव किया. (PTI)

इन लोगों की गई जान

# रतन लाल

42 साल के हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल 1998 में दिल्ली पुलिस में शामिल हुए थे. वे गोकुलपुरी में एसीपी ऑफिस में तैनात थे. उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं. रतन लाल मूल रूप से राजस्थान के सीकर के रहने वाले थे. दिल्ली में वह बुराड़ी में रहते थे. डॉक्टरों ने बताया कि रतन लाल के सिर पर पत्थर से चोट लगी थी. गुरु तेगबहादुर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई थी.

रतन लाल के सिर पर पत्थर से चोट लगी थी. (Photo: India Today)
रतन लाल के सिर पर पत्थर से चोट लगी थी. (Photo: India Today)

# राहुल सोलंकी

25 साल के राहुल करावल नगर का रहने वाले थे. वे इंजीनियर थे. उनके परिवार वालों ने बताया कि वे दफ्तर से घर आए थे, फिर सामान खरीदने बाहर गया थे. उन्होंने आरोप लगाया कि हेलमेट पहनकर दंगाइयों ने सीने में गोली मार दी. उनका कहना है कि पुलिस ने कुछ नहीं किया.

# मोहम्मद फुरकान

32 साल के फुरकान हैंडीक्राफ्ट और डिजाइनर कार्ड बनाने का काम करते थे. वे कर्दमपुरी के रहने वाले थे. परिवार ने बताया कि उनके बाएं पैर में गोली लगी थी. ज्यादा खून बह जाने से अस्पताल में उनकी मौत हो गई. परिवार वालों का कहना है कि इलाके में तनाव के चलते फुरकान काम पर भी नहीं गए थे. लेकिन बाद में कुछ सामान खरीदने के लिए पास की दुकान पर गए थे. इसी दौरान उन्हें गोली लगी.

# शाहिद

25 साल के शाहिद अल्वी ऑटो चलाते थे. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले थे. बीबीसी की रिपोर्ट में बताया गया है कि शाहिद की दो महीने पहले शादी हुई थी. वे दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में रहते थे. उनके भाई के हवाले से बीबीसी ने लिखा है कि मुस्तफाबाद में शाहिद के पेट में गोली लगी थी. वे एक कार्यक्रम से लौट रहे थे.

# नाजिम

इनके नाम के अलावा अभी तक ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है.

दो लोगों की और मौत हुई है. लेकिन इनके बारे में भी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई. पुलिस ने बताया कि इनकी अभी तक पहचान नहीं हो पाई है.

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