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Monday, September 20, 2021

रुधौली न्यूज़: 5 महीनों में 35 गायें मरी, बची हुई 4 गायों की चोरी और गौ-आश्रय खाली

भारत

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Kuldeep Kumar Chaudhary
Reporter Basti Khabar Team

बस्ती/रुधौली। उत्तर प्रदेश में गौ-आश्रय केंद्र के जिम्मेदारों की संवेदनहीनता के कारण हजारों, लाखों की संख्या में पशुओं की मौत हो गई या भूख प्यास से अभी भी तड़प रहे हैं। इसी क्रम में बस्ती जनपद के रुधौली विकासखंड के मझाऔ कला द्वितीय में सूचना मिली कि, बीते कुछ महीनों में उनके यहां स्थित अस्थाई गौ-आश्रय की 30 से 35 गोवंश पशुओं की मृत्यु हो चुकी है। शेष जो पशु बचे थे, शुक्रवार की रात को या तो चोरी हो गए या कहीं चले गए।

गौ-आश्रय स्थल का रख रखाव करने वाले सोहन कुमार / फोटो - कुलदीप कुमार चौधरी
गौ-आश्रय स्थल का रख रखाव करने वाले सोहन कुमार / फोटो – कुलदीप कुमार चौधरी

बस्ती खबर द्वारा पूछे जाने पर वहां के अस्थाई गौ-आश्रय स्थल का रखरखाव करने वाले सोहन कुमार ने भी यह बात स्वीकार की, कि यहां बीते दिनों में कई पशुओं की मौत हो चुकी है और 4 गायें चोरी हो गई हैं।

ग्राम पंचायत खरदेउरा निवासी विनोद कुमार सिंह / फोटो - कुलदीप कुमार चौधरी
ग्राम पंचायत खरदेउरा निवासी विनोद कुमार सिंह / फोटो – कुलदीप कुमार चौधरी

पड़ोस के ग्राम पंचायत खरदेउरा निवासी विनोद कुमार सिंह ने बताया बताते हैं कि, “कल शाम को हम लोगों को पता चला कि कुछ गायों की चोरी हो गई है। अब तक हम जानते थे कि यहां सब कुछ ठीक चल रहा है, लेकिन जब से यह पता चला है कि कुछ गायें गायब हुई है और कई गायें पहले मर चुकी हैं, तो यहां के जिम्मेदारों की गतिविधियों पर संदेह हो रहा है। जब! गौ-आश्रय के चारों ओर जाली लगी है तब कैसे गायें गायब हो गई। हम अपनी सरकार से इस मामले की जांच कराने की मांग करते हैं”।

वो आगे बताते हैं कि, गांव के सिक्रेटरी सतीश चन्द्र गौतम ने बताया है कि उनको इस मामले की जानकारी है, लेकिन गौ-आश्रय के किसी भी जिम्मेदार द्वारा इस बात की लिखित जानकारी नही दी गई है।

मामले के बारे में जब बस्ती खबर द्वारा ग्राम प्रधान मायाराम चौधरी से बात की गई तो, वे कहते हैं, “यह सब राजनैतिक द्वेष है। यह सभी लोग मेरे विरोधी हैं। इन सब को कैसे पता चल गया कि पशु गायब हो गए हैं। या चोरी हो गए हैं। संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव एवं खंड विकास अधिकारी रुधौली को मैंने सूचना दे दी है। मैंने अपना काम कर दिया है”।

ग्राम प्रधान ने बताया कि खंड विकास अधिकारी ने कहा कि मुकदमा मत लिखाओ यह जांच का विषय होगा। हमारे चार पशु या तो चोरी हो गए हैं या कहीं चले गए हैं। ग्राम प्रधान ने यह भी कहा कि मेरा काम पशुओं को चारा उपलब्ध करा देना है। मैं पशुओं की रखवाली करने के लिए प्रधान नहीं बना हूँ।

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोवंश पशुओं के भरण-पोषण और सुरक्षा के दृष्टि से ग्राम पंचायत स्तर पर अस्थाई गौ-आश्रय केंद्र का निर्माण कराया गया है। जिससे छुट्टा घूम रहे पशुओं को वहां एकत्रित कर उनके रहने व उनके चारा-पानी की व्यवस्था की जा सके।

आप को बता दें कि, उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2019-2020 के बजट में गोशालाओं के रखरखाव के लिए 247.60 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। शराब की बिक्री पर लगे विशेष शुल्क से मिले करीब 165 करोड़ रुपये निराश्रित एवं बेसहारा गोवंशीय पशुओं के भरण-पोषण के लिए इस्तेमाल किए जाने की घोषणा भी हो चुकी थी।

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