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Monday, September 20, 2021

रुधौली: दो दिवसीय चल रहे निःशुल्क योग विज्ञान शिविर का वैदिक यज्ञ से हुआ समापन

भारत

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डॉ. एसके सिंह
Dr. SK Singh is a senior journalist, he has also worked for Dainik Jagran and Amar Ujala's newspapers.

रुधौली/बस्ती। आर्य समाज एवं भारत स्वाभिमान समिति बस्ती के संयुक्त प्रयास से रुधौली थाने में चल रहे दो दिवसीय निःशुल्क योग विज्ञान शिविर का समापन वैदिक यज्ञ से हुआ। इस अवसर पर ओम प्रकाश आर्य द्वारा थानाध्यक्ष को सत्यार्थ प्रकाश पुस्तक भेंट किया गया।

यज्ञ कराते हुए ओम प्रकाश आर्य जिला प्रभारी भारत स्वाभिमान समिति बस्ती ने शिविरार्थियों को बताया कि भारतवर्ष की उन्नति का मूल स्रोत यज्ञ, योग व आयुर्वेद है। प्राचीन वेदों से निकली यह विद्या सम्पूर्ण सृष्टि के कल्याण के लिए है। इसे अपनाना प्रत्येक भारतवासी के लिए गौरव का विषय होना चाहिए।

दो दिवसीय निःशुल्क योग विज्ञान शिविर, थाना रुधौली-बस्ती / फोटो - डॉ. एस. के. सिंह
दो दिवसीय निःशुल्क योग विज्ञान शिविर, थाना रुधौली-बस्ती / फोटो – डॉ. एस. के. सिंह

इससे पूर्व दो दिन तक थानाध्यक्ष संजय मिश्र के नेतृत्व में थाने में कार्यरत पुलिस कर्मियों को अदित्यनारायन गिरि, गरुण ध्वज पाण्डेय व अजीत पाण्डेय द्वारा प्राणायाम, आसान व व्यायाम का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षकों ने ताड़ासन, ध्रुवासन, भुजंगासन, यौगिक जॉगिंग, सूक्ष्म व्यायाम का प्रशिक्षण देते हुए इसके सावधानियों व लाभों के बारे में बताया गया।

शिविर कार्यक्रम में अदित्यनारायन गिरि ने आसन व सूक्ष्म व्यायाम कराते हुए बताया कि इससे कमर, जांघ में जमी अतिरिक्त चर्बी कम होती है तथा कन्धों एवं गर्दन का दर्द दूर होता है।

योग शिक्षक अजीत पाण्डेय ने बताया कि, प्राणायाम करते हुए हमें मन में विचार करना चाहिए कि हमारे मन से दुर्गुण दुर्व्यसन और दुख दूर हो रहे हैं, तथा हमारे मन की चंचलता दूर होकर मन एकाग्र हो रहा है।

इस अवसर पर स्वयं भी पूरी निष्ठा से योगाभ्यास करते हुए थानाध्यक्ष संजय मिश्र ने कहा कि, “योग एक जीवन पद्धति है जो हमें दवाइयों से तो छुटकारा दिलाती ही है साथ ही हमारा अन्तःकरण पवित्र करते हुए पवित्र विचारों को स्थापित करने में सहायक होता है। इसे अपनाकर सभी का कल्याण हो सकता है साथ ही यज्ञ करने से हमारे आस पास का अशुद्ध वातावरण शुद्ध हो जाता है”। उन्होंने सभी सम्मिलित योग कर्मचारियों के प्रति आभार प्रकट किया और शान्तिपाठ के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

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